31 अक्टूबर 2026
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सरदार पटेल की 151वीं जयंती: PM मोदी, अमित शाह और वरिष्ठ नेताओं ने 'लौह पुरुष' को अर्पित की श्रद्धांजलि

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सरदार पटेल की 151वीं जयंती: PM मोदी, अमित शाह और वरिष्ठ नेताओं ने 'लौह पुरुष' को अर्पित की श्रद्धांजलि

सारांश

31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस पर PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। नेताओं ने पटेल के रियासत-विलय, किसान-संघर्ष और प्रशासनिक योगदान को याद करते हुए 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को दोहराया।

मुख्य बातें

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया।
PM नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पटेल को 'अखंड भारत के प्रणेता' और 'लौह पुरुष' बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह तथा 562 से अधिक रियासतों के विलय में पटेल की भूमिका को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी नेताओं ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को पटेल की विरासत से जोड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। सामाजिक मंच एक्स पर पोस्ट कर नेताओं ने पटेल के राष्ट्र-निर्माण में योगदान को स्मरण किया और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है।' मोदी ने सरदार पटेल को 'अखंड भारत के प्रणेता' के रूप में संबोधित करते हुए उनकी विरासत को आज के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा।

गृह मंत्री अमित शाह का संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, 'आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' शाह ने विशेष रूप से खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह का उल्लेख किया, जिनके माध्यम से पटेल ने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पटेल ने रियासतों को एकत्र कर मज़बूत भारत की नींव रखी और अखिल भारतीय सेवाओं की आधारशिला तैयार की।

अन्य केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प और मज़बूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया। देश के प्रति उनका कार्य सदियों को प्रेरित करता रहेगा।' गडकरी ने समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

केंद्रीय आवास, शहरी मामलों एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'आज 'एक भारत और श्रेष्ठ भारत' की बात जब हम करते हैं तो इसकी संकल्पना में सरदार साहब की दूरदर्शी सोच और उनके अद्वितीय प्रयास हैं।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरदार पटेल के सपनों का भारत बनाने का संकल्प जारी है।

सरदार पटेल की विरासत का महत्त्व

गौरतलब है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद 562 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय सुनिश्चित कर देश की एकता और अखंडता को अटूट आधार दिया था। उनके इस अभूतपूर्व योगदान के चलते उन्हें 'लौह पुरुष' की उपाधि मिली। 31 अक्टूबर को उनकी जयंती प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है, जो देश में एकता और अखंडता के प्रति जन-जागरूकता का अवसर बनती है।

आगे क्या

राष्ट्रीय एकता दिवस पर देशभर में रन फॉर यूनिटी सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सरकार की ओर से पटेल की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक पहलें भी इस अवसर पर प्रमुखता से होती हैं। नेताओं के संदेश इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पटेल का 'एकता दर्शन' आज भी सरकार की नीतिगत प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे वर्तमान सरकारी एजेंडे को पटेल की विरासत से सीधे जोड़ना ध्यान देने योग्य है। यह रेखांकित करता है कि सत्तारूढ़ दल पटेल को एक प्रेरणास्रोत के रूप में लगातार अपनी नीतिगत भाषा में स्थापित कर रहा है। हालाँकि पटेल का योगदान निर्विवाद है, यह सवाल उठाना वाजिब है कि क्या उनकी विरासत का स्मरण केवल प्रतीकात्मक है या नीतिगत निरंतरता में भी परिलक्षित होता है — विशेषकर संघीय ढाँचे और प्रशासनिक स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती कब मनाई गई?
सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती 31 अक्टूबर 2026 को मनाई गई। यह दिन प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में देशभर में मनाया जाता है।
PM मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पटेल को 'अखंड भारत के प्रणेता' और 'लौह पुरुष' कहते हुए नमन किया। उन्होंने कहा कि पटेल का त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए 'बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत' है।
राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है?
31 अक्टूबर सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्मदिन है। उनके सम्मान में और देश में एकता व अखंडता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस घोषित किया है।
सरदार पटेल को 'लौह पुरुष' क्यों कहा जाता है?
स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प से 562 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया, जो एक अत्यंत जटिल और ऐतिहासिक कार्य था। इसी अदम्य साहस और राजनीतिक कुशलता के कारण उन्हें 'लौह पुरुष' की उपाधि दी गई।
गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल के किन योगदानों का विशेष उल्लेख किया?
गृह मंत्री अमित शाह ने खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से किसानों के अधिकारों के लिए पटेल के संघर्ष का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने रियासतों के एकीकरण और अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना में पटेल की भूमिका को भी रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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