राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर CM योगी समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भारत के 'लौह पुरुष' और प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर देशभर के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल तक — कम से कम 8 मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि साझा की। यह दिवस सरदार पटेल की उस ऐतिहासिक विरासत को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय सुनिश्चित किया था।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि सरदार पटेल का जीवन इस शाश्वत सत्य का उद्घोष है कि 'राष्ट्र की शक्ति उसकी एकता में और एकता का सामर्थ्य राष्ट्र प्रथम के भाव में निहित है।' उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की बधाई दी और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा का आह्वान किया।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पटेल को 'साहस, दूरदर्शी राजनीति और अटूट देशभक्ति का प्रतीक' बताते हुए कहा कि उनके दृढ़ संकल्प और असाधारण प्रयासों से 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण हुआ, जिसने एक संप्रभु, एकजुट और सशक्त गणराज्य की नींव रखी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार पटेल को 'महान स्वतंत्रता सेनानी और कुशल प्रशासक' निरूपित करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रति उनका समर्पण सबके लिए प्रेरणास्रोत है।
अन्य नेताओं के संदेश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पटेल को 'मां भारती का महान सपूत' कहते हुए देश की रियासतों को एकसूत्र में पिरोने के उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें 'राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता का महान शिल्पकार' बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए किसानों के अधिकारों और ग्रामीण स्वावलंबन के लिए पटेल के संघर्ष को याद किया और उन्हें 'सैकड़ों रियासतों को एकसूत्र में पिरोने वाले प्रखर राष्ट्रनिष्ठ' बताया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें 'देशभक्तों के लिए अनंत प्रेरणास्रोत' निरूपित किया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 'अखंड भारत के निर्माण में पटेल का योगदान अतुलनीय है और देश की एकता तथा अखंडता को सर्वोपरि रखने का उनका संकल्प सदैव प्रेरणा देता रहेगा।' भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पटेल का जीवन 'पीढ़ियों के लिए राष्ट्र समर्पण का मानदंड बन गया।'
राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
भारत सरकार ने 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में 2014 से मनाना प्रारंभ किया। यह दिवस देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मज़बूत करने के संकल्प को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। सरदार पटेल को 'भारत रत्न' से 1991 में मरणोपरांत सम्मानित किया गया था।
गौरतलब है कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद अत्यंत कम समय में देसी रियासतों के विलय की जो कूटनीतिक और प्रशासनिक चुनौती हल की, उसे विश्व इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि माना जाता है। गुजरात के केवड़िया में स्थित उनकी विशाल प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' इसी विरासत का जीवंत प्रतीक है।
आम जनता पर असर
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में 'रन फॉर यूनिटी' और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन नागरिकों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई जाती है। नेताओं के सोशल मीडिया संदेश एक बड़ी जनभागीदारी को प्रेरित करते हैं, विशेष रूप से युवाओं में।
देश के इतिहास में यह पल याद दिलाता है कि एकता की भावना किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है — एक संदेश जो आज के विभाजनकारी समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।