31 अक्टूबर 2026
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सऊदी अरब में मिसाइल-ड्रोन हमले: अमेरिकी दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी, गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश

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सऊदी अरब में मिसाइल-ड्रोन हमले: अमेरिकी दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी, गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश

सारांश

सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के मिसाइल-ड्रोन हमलों ने स्थिति को इस कदर गंभीर बना दिया है कि अमेरिकी दूतावास को अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश देना पड़ा। रियाद का किंग खालिद एयरपोर्ट निशाने पर है और हवाई यात्रा व्यवस्था चरमराई हुई है।

मुख्य बातें

रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने 30 अक्टूबर 2026 को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की।
सभी गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का निर्देश दिया गया।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए।
सऊदी हवाई अड्डों के उपयोग के लिए अब मिशन प्रमुख की विशेष अनुमति अनिवार्य।
अमेरिकी मिशन ने आशंका जताई कि मौजूदा शत्रुता क्षेत्र से बाहर भी फैल सकती है।

रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने 30 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब में जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के मद्देनज़र एक नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सभी गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का निर्देश दिया गया है। एडवाइजरी में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार बताया गया है, जिन्होंने नागरिक हवाई अड्डों और ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाया है।

हमलों का विवरण और पृष्ठभूमि

10 अक्टूबर और 25 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित विभिन्न ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) से हमले किए गए थे। इन हमलों के कारण आम नागरिकों की जानें गई हैं और यात्रा व्यवस्था में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।

गौरतलब है कि हूती विद्रोही यमन-सऊदी संघर्ष के दौरान वर्षों से सऊदी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं, लेकिन हालिया हमलों की आवृत्ति और सटीकता ने अमेरिकी प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर मजबूर किया है।

अमेरिकी मिशन की चेतावनी

एडवाइजरी के अनुसार, सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को देश के किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने से पहले मिशन प्रमुख से विशेष अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। अमेरिकी मिशन ने आशंका जताई है कि मौजूदा शत्रुता तेज़ी से बढ़ सकती है और इसका प्रभाव प्रभावित क्षेत्र की सीमाओं से आगे भी फैल सकता है।

अमेरिकी नागरिकों को आगाह किया गया है कि सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमले, हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानें रद्द होने और यात्रा में व्यवधान की आशंका बनी हुई है। यदि कोई नागरिक सऊदी हवाई अड्डे का उपयोग करने का निर्णय लेता है, तो उसे उड़ान की स्थिति की जानकारी सीधे संबंधित एयरलाइन और हवाई अड्डे से प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

आम नागरिकों और यात्रियों पर असर

हवाई अड्डों पर हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं, जिससे न केवल अमेरिकी बल्कि अन्य देशों के नागरिक और भारतीय प्रवासी कामगार भी सीधे प्रभावित हैं। सऊदी अरब में करीब 25 लाख भारतीय कार्यरत हैं, और ऐसी स्थिति में उनकी यात्रा व्यवस्था भी जोखिम में पड़ सकती है।

नागरिक ढांचे पर हमलों ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी वैश्विक बाज़ारों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है।

क्या होगा आगे

अमेरिकी मिशन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की निगरानी जारी है और ज़रूरत पड़ने पर नई एडवाइजरी जारी की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हमलों की तीव्रता बढ़ती है, तो अन्य पश्चिमी देशों के दूतावास भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। यह स्थिति पश्चिम एशिया में कूटनीतिक और सुरक्षा संतुलन के लिए आने वाले दिनों में कड़ी परीक्षा बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नागरिक हवाई अड्डों को बार-बार निशाना बनाना एक गुणात्मक बदलाव है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि सऊदी अरब में करीब 25 लाख भारतीय प्रवासी कामगार हैं, जिनकी वापसी या फँसने की स्थिति भारत के लिए भी एक कूटनीतिक और मानवीय चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब के लिए एडवाइजरी क्यों जारी की?
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा ठिकानों पर बार-बार मिसाइल व ड्रोन हमलों के कारण अमेरिकी दूतावास ने 30 अक्टूबर 2026 को यह एडवाइजरी जारी की। इन हमलों में नागरिकों की मौत और यात्रा व्यवस्था में गंभीर व्यवधान हुआ है।
किन अमेरिकी नागरिकों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया गया है?
सभी गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। आपातकालीन कर्मचारी अभी भी तैनात रह सकते हैं, लेकिन हवाई अड्डों का उपयोग करने के लिए मिशन प्रमुख से विशेष अनुमति आवश्यक है।
सऊदी अरब में हाल में कहाँ-कहाँ हमले हुए हैं?
10 अक्टूबर और 25 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित विभिन्न ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और यूएवी हमले किए गए। इन हमलों का श्रेय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को दिया गया है।
क्या भारतीय नागरिकों के लिए भी सऊदी अरब में यात्रा जोखिम है?
अमेरिकी एडवाइजरी सीधे भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होती, लेकिन हवाई अड्डों पर हमलों और उड़ान रद्दीकरण की आशंका सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को प्रभावित करती है। सऊदी अरब में करीब 25 लाख भारतीय कार्यरत हैं और उन्हें अपनी उड़ान की स्थिति की जाँच संबंधित एयरलाइन से करने की सलाह दी जाती है।
क्या यह स्थिति और बिगड़ सकती है?
अमेरिकी मिशन ने स्वयं आशंका जताई है कि मौजूदा शत्रुता तेज़ी से बढ़ सकती है और इसका प्रभाव प्रभावित क्षेत्र की सीमाओं से परे भी फैल सकता है। स्थिति की निगरानी जारी है और ज़रूरत पड़ने पर नई एडवाइजरी जारी की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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