इंदिरा गांधी पुण्यतिथि 2026: सलमान खुर्शीद बोले — उनकी उपलब्धियों से आगे निकलना किसी के लिए भी मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने 31 अक्टूबर 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कहा कि उन्होंने देश और बाद के सभी प्रधानमंत्रियों के लिए जो मानदंड स्थापित किए, उन पर कोई दो राय नहीं हो सकती। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए खुर्शीद ने यह भी कहा कि आज के दौर में किसी भी नेता के लिए उनकी उपलब्धियों से आगे निकलना बेहद मुश्किल होगा।
इंदिरा गांधी का ऐतिहासिक योगदान
खुर्शीद ने कहा कि विश्व के इतिहास पर नज़र डालें तो ऐसे बहुत कम प्रधानमंत्री मिलते हैं जिन्होंने किसी नए राष्ट्र की नींव रखने में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी का नेतृत्व और देश के लिए उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।
उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में इंदिरा गांधी ने ऐसे कई निर्णायक फैसले लिए, जिनका प्रभाव देश की राजनीति और विकास पर दीर्घकाल तक महसूस किया गया।
अमित शाह के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सरदार वल्लभभाई पटेल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस सरदार पटेल का उतना ही सम्मान करती है जितना देश के अन्य महान नेताओं का।
उन्होंने कहा कि पार्टी सरदार पटेल के विचारों, शब्दों और कार्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित है और उनके योगदान को पूरी तरह स्वीकार करती है। खुर्शीद के अनुसार, इस तरह की टिप्पणियों से सरदार पटेल की छवि को नुकसान पहुँचता है और उनके प्रति लोगों के सम्मान में कमी आती है।
करमवीर सिंह बौद्ध की श्रद्धांजलि
इस अवसर पर कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महान शख्सियत थीं और उनके कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बौद्ध ने 31 अक्टूबर को उनके बलिदान दिवस के रूप में स्मरण करते हुए उनके विचारों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की ज़रूरत बताई और देशहित में काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत
कांग्रेस नेताओं ने एकस्वर में कहा कि इंदिरा गांधी का राजनीतिक जीवन, उनका नेतृत्व और देश के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी होती है, जिसे 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है — इसी कारण यह तिथि राजनीतिक रूप से संवेदनशील भी बन जाती है।
इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि हर वर्ष उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए श्रद्धांजलि का अवसर होती है, साथ ही विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच ऐतिहासिक आख्यानों को लेकर बहस का मंच भी।