इलियाना डिक्रूज का जन्मदिन: मॉडलिंग के डर से फिल्मफेयर तक, जानें पूरा सफर
सारांश
मुख्य बातें
इलियाना डिक्रूज आज 1 नवंबर 2026 को अपना 40वाँ जन्मदिन मना रही हैं। मुंबई में जन्मी इस अभिनेत्री ने दक्षिण भारतीय सिनेमा से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में बॉलीवुड में भी अपनी मज़बूत पहचान बनाई। दिलचस्प बात यह है कि एक वक्त था जब वे कैमरे के सामने आने से घबराती थीं — लेकिन पहली ही फिल्म ने उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड दिला दिया।
शुरुआत: गोवा से मुंबई तक
इलियाना का जन्म 1 नवंबर 1986 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम रोनाल्डो डिक्रूज और माँ का नाम समीरा डिक्रूज है। उनका परिवार मूल रूप से गोवा से जुड़ा है और जब इलियाना लगभग 10 वर्ष की थीं, तब परिवार गोवा जाकर बस गया। वहीं उन्होंने पढ़ाई पूरी की। बचपन में उन्होंने कभी अभिनेत्री बनने का सपना नहीं देखा था।
मॉडलिंग में अनिच्छुक प्रवेश
इलियाना की मॉडलिंग की दुनिया में एंट्री एक संयोग था। उनकी माँ जिस होटल में काम करती थीं, वहाँ के एक मैनेजर ने इलियाना को देखकर उनकी माँ को मॉडलिंग में आगे बढ़ाने की सलाह दी। माँ के प्रोत्साहन पर उन्होंने कदम रखा, लेकिन 2003 में तैयार किया गया उनका पहला मॉडलिंग पोर्टफोलियो उन्हें खुद पसंद नहीं आया — जिसे उन्होंने बाद में अपना 'बुरा अनुभव' बताया।
धीरे-धीरे उन्होंने कुछ फोटोशूट और रैंप शो किए और विज्ञापनों में काम मिलने लगा। यही दौर उनके लिए खुद को तलाशने का था।
पहली फिल्म और फिल्मफेयर की सौगात
मॉडलिंग के दौरान ही इलियाना को तेलुगु फिल्म 'देवदासु' में काम करने का मौका मिला। 2006 में रिलीज़ हुई इस रोमांटिक फिल्म में उन्होंने भानुमति का किरदार निभाया और अभिनेता राम के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा। उस समय उनकी उम्र लगभग 17 वर्ष थी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर साउथ बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड मिला — पहली ही फिल्म में यह सम्मान उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ा बूस्ट साबित हुआ।
दक्षिण सिनेमा में धमाकेदार पहचान
इसके बाद इलियाना ने तेलुगु सिनेमा में 'पोकीरी', 'जलसा', 'किक' और 'जुलाई' जैसी सफल फिल्मों में काम किया। महेश बाबू, पवन कल्याण, रवि तेजा और अल्लू अर्जुन जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम कर उन्होंने खुद को दक्षिण भारतीय सिनेमा की स्थापित अभिनेत्रियों में गिनाया। 2012 में उन्होंने तमिल फिल्म 'ननबन' में भी अभिनय किया।
बॉलीवुड में 'बर्फी' से धमाकेदार आगाज़
2012 में निर्देशक अनुराग बसु की फिल्म 'बर्फी' से इलियाना ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा थे। उन्होंने श्रुति घोष का किरदार निभाया — एक ऐसी लड़की की भूमिका जो प्यार और रिश्तों की उलझनों से जूझती है।
इलियाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 'बर्फी' के लिए हाँ कहना उनके लिए आसान नहीं था — एक गोवा की लड़की को 1970 के दशक की बंगाली लड़की का किरदार निभाना था। उन्हें खुद पर संदेह था, लेकिन अनुराग बसु को उन पर पूरा भरोसा था। ट्रेन में फिल्माया गया उनका पहला शॉट — जिसमें रणबीर का किरदार उन्हें देखता है — उनके लिए बेहद नर्वस करने वाला रहा। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड मिला।
बॉलीवुड में आगे का सफर और निजी जीवन
'बर्फी' के बाद इलियाना 'रुस्तम' (अक्षय कुमार के साथ), 'रेड' (अजय देवगन के साथ), 'मुबारकां', 'बादशाहो' और 'हैप्पी एंडिंग' जैसी फिल्मों में नज़र आईं। 2024 में वे 'तेरा क्या होगा लवली' और 'दो और दो प्यार' में दिखीं।
निजी जीवन में 2023 में उन्होंने माइकल डोलन से विवाह किया। उसी वर्ष अगस्त में उनके पहले बेटे कोआ फीनिक्स डोलन का जन्म हुआ और जून 2025 में वे दूसरी बार माँ बनीं। सोशल मीडिया पर वे अपनी जीवन की झलकियाँ नियमित रूप से साझा करती रहती हैं।
मॉडलिंग के डर से शुरू हुआ इलियाना डिक्रूज का यह सफर आज दो भाषाओं के सिनेमा में सम्मानजनक उपस्थिति का गवाह है — और उनकी कहानी उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो झिझक को हराकर आगे बढ़ते हैं।