31 अक्टूबर 2026
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जयपुर में रन फॉर यूनिटी: प्रहलाद जोशी का आरोप — कांग्रेस ने सरदार पटेल का किया अपमान

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जयपुर में रन फॉर यूनिटी: प्रहलाद जोशी का आरोप — कांग्रेस ने सरदार पटेल का किया अपमान

सारांश

जयपुर में रन फॉर यूनिटी सिर्फ एक दौड़ नहीं थी — यह राजनीतिक मैदान भी बन गई। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सरदार पटेल के नाम पर कांग्रेस को घेरा, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सांसद-मंत्रियों ने एकता के संदेश को आगे बढ़ाया।

मुख्य बातें

जयपुर में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस पर 'रन फॉर यूनिटी' का भव्य आयोजन हुआ।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने इंदिरा-राजीव-संजय गांधी के नाम पर 400 से अधिक योजनाएँ चलाईं, लेकिन सरदार पटेल को भुलाया गया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरदार पटेल को 'भारत की एकता के महान शिल्पी' बताया और युवाओं की भागीदारी को राष्ट्र-समर्पण का प्रतीक कहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में इस दौड़ में भाग लेने का आह्वान किया था; जयपुर में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
जयपुर सांसद मंजू शर्मा और मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी कार्यक्रम में सरदार पटेल के योगदान को याद किया।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 'रन फॉर यूनिटी' का भव्य आयोजन हुआ। भारत रत्न और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में नागरिकों से इस दौड़ में भाग लेने का आह्वान किया था।

प्रहलाद जोशी का कांग्रेस पर हमला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सरदार पटेल के योगदान को रेखांकित किया और पिछली कांग्रेस सरकारों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'सरदार पटेल ने देश के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था खड़ी की, इतना बड़ा परिश्रम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले देश ने उन्हें कितना याद रखा? उनके परिश्रम की गाथा से देश को, देश के युवाओं को प्रेरणा देने का काम होना चाहिए था लेकिन पिछली कांग्रेस सरकारों ने ऐसा नहीं किया बल्कि उन्हें भुलाने और उनके स्मरण को मिटाने की कोशिश की गई।'

जोशी ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और संजय गांधी के नाम पर 400 से अधिक योजनाएँ चलाई गईं, जबकि सरदार पटेल के नाम पर कुछ नहीं किया गया। उन्होंने इसे पटेल का अपमान करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) नियमित रूप से राष्ट्रीय एकता दिवस पर कांग्रेस की विरासत नीतियों पर सवाल उठाती है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उल्लेख

जोशी ने कहा कि आज गुजरात में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — जो दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है — सरदार पटेल को उचित सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे वहाँ जाकर प्रेरणा लें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के 'एक भारत' के सपने को 'श्रेष्ठ भारत' बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संबोधन

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, 'आज हम भारत की एकता के महान शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी को उनकी जयंती पर नमन करने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं।' शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति संकल्प के प्रतीक हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की 'मन की बात' की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति राष्ट्र के प्रति उनकी ऊर्जा और समर्पण को दर्शाती है। शर्मा ने रेखांकित किया कि 'एक भारत' की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए 'राष्ट्र प्रथम' के मूल्यों को अपनाना आवश्यक है।

सांसद और मंत्री की प्रतिक्रिया

जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल के विचार आज के युवाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं और राष्ट्रीय एकता दौड़ में उनका उत्साह इसका प्रमाण है। राजस्थान सरकार के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकसूत्र में पिरोया था और आज की युवा पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रही है।

गौरतलब है कि देशभर में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर प्रतिवर्ष 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया जाता है, जो 2014 से केंद्र सरकार की एक नियमित पहल बन चुकी है। इस वर्ष का आयोजन देश की एकता और अखंडता के संदेश को और मज़बूत करने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'सम्मान' और 'नीतिगत विरासत' के बीच का अंतर पाटने के लिए प्रतीकों से आगे जाना होगा। एकता दिवस की दौड़ें उत्साहजनक हैं, पर असली परीक्षा यह है कि संघवाद, विविधता और संस्थागत ताकत के पटेल-मॉडल को व्यवहार में कितना अपनाया जाता है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रन फॉर यूनिटी क्या है और यह कब आयोजित होती है?
रन फॉर यूनिटी प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित की जाती है। यह केंद्र सरकार की 2014 से चली आ रही एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश फैलाना है।
प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने सरदार पटेल के योगदान को उचित सम्मान नहीं दिया, बल्कि उन्हें भुलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और संजय गांधी के नाम पर 400 से अधिक योजनाएँ चलाई गईं जबकि पटेल के नाम पर कुछ नहीं किया गया।
जयपुर के रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
जयपुर के कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, जयपुर सांसद मंजू शर्मा और राजस्थान सरकार के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ शामिल हुए। इसके अलावा बड़ी संख्या में युवाओं ने भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरदार पटेल के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरदार पटेल को 'भारत की एकता के महान शिल्पी' और 'राष्ट्रीय एकता व अखंडता के प्रतीक' बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की भारी उपस्थिति राष्ट्र के प्रति उनकी ऊर्जा और समर्पण को दर्शाती है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का इस कार्यक्रम में क्यों उल्लेख किया गया?
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा — का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरदार पटेल को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दिया गया उचित सम्मान है। उन्होंने लोगों से वहाँ जाकर प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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