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क्या ये लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगा? प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

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क्या ये लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगा? प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एकता नगर में कहा है कि यह लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है, जो कभी भी अपनी सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता पर जोर दिया और कश्मीर की स्थिति पर भी चर्चा की।

मुख्य बातें

सरदार पटेल का योगदान देश की एकता में महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता का संकल्प लेना आवश्यक है।
सरदार साहब ने कश्मीर को विलय करने का सपना देखा था।
हमारी सुरक्षा और सम्मान हमारे लिए सर्वोपरि हैं।
देश की संप्रभुता को बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।

केवड़िया, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है, जो अपनी सुरक्षा और सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करेगा। उन्होंने इसे गर्व और प्रेरणा का पल बताते हुए कहा कि हम ऐसे कार्यों को बढ़ावा देंगे, जो देश की एकता को मजबूती दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आज का दिन असल में राष्ट्रीय एकता का महापर्व बन गया है। जैसे हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं, वैसे ही एकता दिवस का यह अवसर हमारे लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा बनाई गई नीतियों ने नया इतिहास रचा और आजादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को जोड़ने के उनके प्रयास ने देश की एकता को मजबूत किया। एक भारत-श्रेष्ठ भारत का विचार उनके लिए सर्वोपरि था।

प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से अपील की कि जो बातें देश की एकता को कमजोर करती हैं, उनसे दूर रहें। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है और सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि देने का तरीका है।

कश्मीर का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को हमेशा प्राथमिकता दी। दुर्भाग्यवश, उनके निधन के बाद की सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। कश्मीर में हुई गलतियों और पूर्वोत्तर में उत्पन्न समस्याओं ने देश की संप्रभुता को चुनौती दी।

उन्होंने कहा कि सरदार साहब का सपना कश्मीर का विलय था, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया। नेहरू जी ने उनकी इच्छाओं का पालन नहीं किया, जिसके फलस्वरूप देश को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश ने इस बड़े खतरे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। लाल किले से मैंने 'डेमोग्राफी मिशन' का ऐलान किया। ये लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है, जो अपनी सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगा। राष्ट्रीय एकता दिवस पर हमारा संकल्प है कि हम भारत में रहने वाले हर घुसपैठिए को निकालकर ही रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरदार पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भारतीय एकता और संप्रभुता के प्रति एक गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह समय है देशवासियों के लिए एकजुट होकर अपने कर्तव्यों को समझने का।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरदार पटेल की जयंती क्यों मनाई जाती है?
सरदार पटेल की जयंती को उनके योगदान और देश की एकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सरदार पटेल का भारत है, जो सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगा।
कश्मीर का मुद्दा क्या है?
कश्मीर का मुद्दा सरदार पटेल के विलय के प्रयासों और बाद की सरकारों की नीतियों से संबंधित है।
राष्ट्र प्रेस
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