31 अक्टूबर 2026
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चलो दिल्ली रामलीला मार्च पर JDU-BJP का पलटवार, राजीव रंजन बोले—'राहुल गांधी थोपने की आदत छोड़ें'

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चलो दिल्ली रामलीला मार्च पर JDU-BJP का पलटवार, राजीव रंजन बोले—'राहुल गांधी थोपने की आदत छोड़ें'

सारांश

इंडी गठबंधन की 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली से पहले ही बिहार में सियासी संग्राम शुरू हो गया। JDU के राजीव रंजन ने राहुल गांधी पर थोपने की आदत का आरोप लगाया, मंत्री रामकृपाल यादव ने रैली को 'फ्लॉप' बताया और BJP ने इंडी को 'ठगबंधन' कहा — त्योहारी सीज़न में विपक्ष की रणनीति पर सवाल।

मुख्य बातें

JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने राहुल गांधी पर अपनी बातें जबरन थोपने का आरोप लगाया।
व्यापारिक संगठनों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से त्योहारी सीज़न में आंदोलन की तारीख बदलने की अपील की थी।
मंत्री रामकृपाल यादव ने 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली को पूरी तरह फ्लॉप बताया।
रामकृपाल यादव ने कहा कि हाल के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस शून्य पर रही।
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने इंडी गठबंधन को 'ठगबंधन' बताते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ अविश्वास फैलाने का आरोप लगाया।

इंडी गठबंधन की प्रस्तावित 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली को लेकर बिहार में सियासी तापमान तेज़ी से बढ़ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 31 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर एक साथ हमला बोला। JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस पर अड़ियल रवैया अपनाने और पार्टी की शर्तें ज़बरन थोपने का आरोप लगाया, जबकि मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने रैली के औचित्य पर सवाल खड़े किए।

राजीव रंजन का कांग्रेस पर सीधा हमला

JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि राहुल गांधी में अपनी बातें ज़बरन थोपने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है और कांग्रेस पार्टी मूकदर्शक बनकर उनके हर फ़ैसले को स्वीकार करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं देख पाती। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में कई व्यापारिक संगठनों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से आंदोलन की तारीख बदलने की अपील की थी, लेकिन कांग्रेस ने उस अपील पर ध्यान नहीं दिया।

राजीव रंजन ने तर्क दिया कि त्योहारी सीज़न में सड़कों पर आंदोलन होने से आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी असुविधा होगी। उनके अनुसार, 'अगर कोई आंदोलन जनता के हित में है, लेकिन जनता उसके तरीके और तारीखों से सहमत नहीं है, तो कांग्रेस को बदलाव करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब कई विपक्षी घटक दलों के बीच रैली की तैयारी को लेकर समन्वय की कमी की बात कही जा रही है।

संसद और न्यायपालिका पर सवाल

राजीव रंजन ने कांग्रेस के आंदोलन के तरीके पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुराने संघर्ष के दिनों में 'सड़क से संसद तक' का नारा लोकप्रिय था, लेकिन अब कांग्रेस संसद को ही सड़क पर लाने की कोशिश कर रही है और संसद की कार्यवाही को मज़ाक की तरह पेश किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर याचिकाएँ पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में इस तरह का सड़क-आंदोलन न्यायपालिका में कांग्रेस के विश्वास पर भी सवाल खड़ा करता है। राजीव रंजन ने कहा कि इसी तरह की गतिविधियों के कारण कांग्रेस आज अपने सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रही है।

रामकृपाल यादव बोले—'रैली पूरी तरह फ्लॉप होगी'

मंत्री रामकृपाल यादव ने इंडी गठबंधन की 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली पर तंज़ कसते हुए कहा कि कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली कौन जाएगा और यह रैली पूरी तरह फ्लॉप साबित होगी। उन्होंने कहा कि रैलियों से जनमत नहीं बदलता, जनता का फ़ैसला चुनाव में सामने आता है।

रामकृपाल यादव ने कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस शून्य पर आउट हो गई, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता पार्टी को पहले ही खारिज कर चुकी है। गौरतलब है कि यह बिहार में भाजपा-जेडीयू गठबंधन द्वारा विपक्ष की जनाधार-कमज़ोरी को उजागर करने का एक बड़ा राजनीतिक प्रयास है।

मृत्युंजय तिवारी ने इंडी को बताया 'ठगबंधन'

भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने इंडी गठबंधन को 'ठगबंधन' बताते हुए कहा कि विपक्षी दलों को पहले अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारनी चाहिए, उसके बाद महाभियोग जैसे बड़े कदमों की बात करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष पर आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद वोट चोरी का आरोप लगाना और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाना उनकी राजनीतिक आदत बन गई है।

आलोचकों का कहना है कि सत्ताधारी दल का यह पलटवार इंडी गठबंधन की रैली से पहले उसकी विश्वसनीयता को चुनौती देने की रणनीतिक कोशिश है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली में जन-भागीदारी किस स्तर पर रहती है और विपक्षी गठबंधन इन सवालों का जवाब कैसे देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर दलीय शोर में दबा देती है। असली परीक्षा रैली की भीड़ में होगी — अगर जन-भागीदारी मज़बूत रही, तो 'फ्लॉप' का दावा उल्टा पड़ सकता है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडी गठबंधन की 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली क्या है?
यह इंडी गठबंधन द्वारा प्रस्तावित एक विरोध रैली है, जिसे दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनमत जुटाना बताया जा रहा है।
JDU के राजीव रंजन ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि राहुल गांधी में अपनी बातें जबरन थोपने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है और कांग्रेस पार्टी उनके फ़ैसलों पर सवाल उठाने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारी सीज़न में रैली से आम जनता और व्यापारियों को नुकसान होगा।
मंत्री रामकृपाल यादव ने रैली को लेकर क्या कहा?
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि इंडी गठबंधन की यह रैली पूरी तरह फ्लॉप साबित होगी, क्योंकि जनता कांग्रेस को पहले ही खारिज कर चुकी है। उन्होंने हाल के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के शून्य पर रहने का हवाला दिया।
BJP ने इंडी गठबंधन को 'ठगबंधन' क्यों बताया?
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने इंडी गठबंधन को 'ठगबंधन' बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव हारने पर वोट चोरी का आरोप लगाता है और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाता है। उनके अनुसार विपक्ष को पहले अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारनी चाहिए।
निर्वाचन आयोग और रैली का क्या संबंध है?
JDU के राजीव रंजन ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर याचिकाएँ पहले से सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति में सड़क पर आंदोलन करना न्यायपालिका में कांग्रेस के विश्वास पर सवाल खड़ा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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