31 अक्टूबर 2026
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सेंसेक्स 1,336 अंक और निफ्टी 453 अंक उछले, FII खरीदारी व बॉन्ड यील्ड में नरमी से साप्ताहिक 2% की तेजी

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सेंसेक्स 1,336 अंक और निफ्टी 453 अंक उछले, FII खरीदारी व बॉन्ड यील्ड में नरमी से साप्ताहिक 2% की तेजी

सारांश

FII की ₹6,305 करोड़ की नेट खरीद, बॉन्ड यील्ड में नरमी और मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों ने मिलकर भारतीय बाजार को 2% की साप्ताहिक बढ़त दिलाई। मिडकैप 2.69% और स्मॉलकैप 4% उछले। लेकिन ब्रेंट क्रूड का 117 डॉलर तक पहुँचना और OPEC+ की समीक्षा अगले सप्ताह के लिए जोखिम बनी हुई है।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सप्ताह में 1,335.70 अंक (1.83%) बढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 ने 453.10 अंक (2.00%) की बढ़त के साथ 23,053.10 का स्तर छुआ।
FII ने सप्ताह भर में ₹6,304.67 करोड़ और DII ने ₹3,109.79 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
निफ्टी मिडकैप 100 में 2.69% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 4% की तेजी रही।
ब्रेंट क्रूड पश्चिम एशिया तनाव के चलते 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब, OPEC+ समीक्षा पर निगाहें।
फार्मा, रियल एस्टेट, मेटल, FMCG और ऑटो में तेजी; सीमेंट और ऑयल एंड गैस में सुस्ती।

BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी ने 26 से 30 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सप्ताह में करीब 2 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की आक्रामक खरीदारी, बॉन्ड यील्ड में नरमी और घरेलू कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने मिलकर बाजार को रफ्तार दी। सप्ताह के अंत में सेंसेक्स 74,459.53 और निफ्टी 23,053.10 पर बंद हुए।

साप्ताहिक बंद स्तर और मुख्य आँकड़े

सेंसेक्स पूरे सप्ताह में 1,335.70 अंक (1.83%) चढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 453.10 अंक (2.00%) की बढ़त के साथ 23,053.10 का स्तर हासिल किया। मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट ने लार्ज-कैप से बेहतर प्रदर्शन किया — निफ्टी मिडकैप 100 में 2.69 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 4 प्रतिशत की तेजी आई।

FII और DII की भागीदारी

इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से ₹6,304.67 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी ₹3,109.79 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को समर्थन दिया। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कई सप्ताहों से FII की बिकवाली बाजार पर दबाव बनाए हुए थी।

वैश्विक संकेत और केंद्रीय बैंकों की नीति

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed), यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) और बैंक ऑफ जापान ने अपेक्षा के अनुरूप ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। हालाँकि, तीनों केंद्रीय बैंकों की मुद्रास्फीति पर जारी सतर्कता ने शीघ्र मौद्रिक नरमी की उम्मीदों पर लगाम लगाए रखी। बॉन्ड यील्ड में आई कमी ने जोखिम लेने की प्रवृत्ति में सुधार किया, जिसका सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला।

सेक्टर-वार प्रदर्शन

फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में कंपनियों के सकारात्मक तिमाही नतीजों के चलते अच्छी तेजी देखी गई। बॉन्ड यील्ड में नरमी से रियल एस्टेट सेक्टर को फायदा पहुँचा। इनपुट लागत में कमी की उम्मीदों ने मेटल, FMCG और ऑटो शेयरों को सहारा दिया। दूसरी ओर, सीमेंट और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में सुस्ती बनी रही।

कच्चे तेल का दबाव और आगे की दिशा

सप्ताह के अंत में पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 117 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुँच गई, जिससे व्यापक बाजार में मुनाफावसूली का दबाव बना। गौरतलब है कि बेंचमार्क इंडेक्स ने इस दबाव के बावजूद अपनी साप्ताहिक बढ़त बरकरार रखी। अब निवेशकों की नजरें OPEC+ की आगामी उत्पादन समीक्षा पर टिकी हैं, जिसके नतीजे आपूर्ति परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी नींव कमजोर है — FII की वापसी एक नीतिगत ठहराव की प्रतिक्रिया है, न कि भारतीय बुनियादी ताकत की पुष्टि। ब्रेंट क्रूड का 117 डॉलर पर पहुँचना भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति दोनों के लिए खतरे की घंटी है, जो RBI की दर-कटौती की समयसीमा को और पीछे धकेल सकता है। OPEC+ की आगामी समीक्षा और पश्चिम एशिया का तनाव मिलकर उस साप्ताहिक बढ़त को एक झटके में मिटाने की क्षमता रखते हैं जो FII ने धैर्यपूर्वक बनाई है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी कितने बढ़े?
26 से 30 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 1,335.70 अंक (1.83%) बढ़कर 74,459.53 और निफ्टी 453.10 अंक (2.00%) चढ़कर 23,053.10 पर बंद हुआ। यह दोनों बेंचमार्क के लिए करीब 2 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त रही।
भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह तेजी के क्या कारण रहे?
FII की ₹6,304.67 करोड़ की शुद्ध खरीदारी, बॉन्ड यील्ड में नरमी और घरेलू कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे मुख्य कारण रहे। इसके अलावा Fed, ECB और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने से जोखिम लेने की प्रवृत्ति में सुधार आया।
इस सप्ताह किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा तेजी रही?
फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में सकारात्मक तिमाही नतीजों के चलते सबसे अधिक तेजी देखी गई। बॉन्ड यील्ड में नरमी से रियल एस्टेट को फायदा हुआ, जबकि मेटल, FMCG और ऑटो सेक्टर को इनपुट लागत कम होने की उम्मीदों ने सहारा दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
मिडकैप और स्मॉलकैप ने इस सप्ताह लार्ज-कैप से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.69 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 4 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई, जो बेंचमार्क इंडेक्स की 2% बढ़त से अधिक है।
कच्चे तेल की कीमतों का बाजार पर क्या असर पड़ा?
पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़े तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड सप्ताह के अंत में 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच गया, जिससे व्यापक बाजार में मुनाफावसूली का दबाव बना। हालाँकि बेंचमार्क इंडेक्स ने अपनी साप्ताहिक बढ़त बनाए रखी; अब OPEC+ की आगामी समीक्षा पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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