कोच वीरेंद्र दहिया को भरोसा: मनीषा, नीलम और काजल दोहराएंगी वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का जादू LA ओलंपिक 2028 में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला कुश्ती कोच वीरेंद्र दहिया ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में रजत पदक जीतने वाली नीलम सिरोही और काजल ढोचक इस अनुभव से और मजबूत होकर उभरेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ये दोनों, ऐतिहासिक स्वर्ण पदक विजेता मनीषा भनवाला के साथ मिलकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में भारत के लिए पदक जीत सकती हैं।
ऐतिहासिक प्रदर्शन: भारत का सर्वश्रेष्ठ अभियान
भारत ने इस बार वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया — एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित कुल चार पदक जीते। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। टीम रैंकिंग में 94 अंकों के साथ भारत पाँचवें स्थान पर रहा, जबकि अमेरिका, जापान, चीन और यूक्रेन उससे आगे रहे।
गौरतलब है कि इससे पहले 2012 और 2021 में भारत ने महज दो दो पदक जीते थे। चार पदकों का यह आँकड़ा भारतीय कुश्ती के इतिहास में एक नई ऊँचाई है।
मनीषा भनवाला का इतिहास
मनीषा भनवाला सीनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए एक मील का पत्थर है और देश में महिला खेलों की बढ़ती ताकत का प्रमाण भी।
नीलम सिरोही ने 50 किग्रा वर्ग में और काजल ढोचक ने 76 किग्रा वर्ग में रजत पदक हासिल किए। तनु शर्मा ने 72 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर टीम की उपलब्धि को और मजबूत किया।
नीलम पर कोच दहिया की राय
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) द्वारा शनिवार को आयोजित संयुक्त मीडिया बातचीत में कोच दहिया ने नीलम के प्रदर्शन का संदर्भ देते हुए कहा, "नीलम का मुकाबला जापान की युई सुसाकी से था, जो अपने आप में एक अद्भुत प्रतिभा हैं। वह एक असाधारण पहलवान हैं, मानो कोई चमत्कार हों। हालांकि, बेहतरीन खिलाड़ियों को भी हराया जा सकता है। सुसाकी को जापान में भी हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन इससे उनकी महानता कम नहीं हो जाती।"
उन्होंने आगे कहा, "नीलम का इस स्तर तक पहुँचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और हमें उन पर गर्व है। हमें पूरा विश्वास है कि आगे चलकर वह और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी।" यह ऐसे समय में आया है जब युई सुसाकी पाँच बार की विश्व चैंपियन हैं और उनके खिलाफ फाइनल तक पहुँचना किसी भी पहलवान के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।
काजल और भविष्य की रणनीति
कोच दहिया ने काजल ढोचक के रजत पदक को उनके क्रमिक विकास के रूप में देखा। उन्होंने कहा, "काजल भी अभी अनुभव हासिल कर रही हैं, और मनीषा के साथ साथ ये दोनों ही भारतीय कुश्ती के भविष्य के सितारे हैं। ईश्वर ने चाहा तो हम इन तीनों को लॉस एंजिल्स ओलंपिक में हिस्सा लेते हुए और यहाँ जैसा शानदार प्रदर्शन दोहराते हुए देखेंगे।"
कोच का यह बयान स्पष्ट करता है कि टीम प्रबंधन 2028 को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। तीनों पहलवानों को अब ओलंपिक क्वालीफायर चक्र में उतरना होगा जो अगले डेढ़ साल में तेज होगा।
आगे क्या
वर्ल्ड चैंपियनशिप का यह प्रदर्शन भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। मनीषा, नीलम और काजल — तीनों ओलंपिक क्वालीफिकेशन की दौड़ में प्रमुख दावेदार होंगी। भारतीय कुश्ती संघ और कोचिंग स्टाफ अब इन पहलवानों के लिए केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने में जुटे हैं, ताकि 2028 में ओलंपिक पदक का सपना हकीकत बन सके।