सनातन पर इजरायली रब्बी की टिप्पणी निंदनीय: सपा प्रवक्ता फकरुल हसन चांद
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फकरुल हसन चांद ने 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि अमेरिका में रहने वाले इजरायली मूल के रब्बी योसी मिजराही द्वारा सनातन धर्म और गाय-पूजा पर की गई टिप्पणी पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं पर कटाक्ष करने का किसी को कोई अधिकार नहीं है।
विवाद की पृष्ठभूमि
हाल ही में सामने आए एक वीडियो में रब्बी योसी मिजराही ने हिंदुओं द्वारा गाय की पूजा किए जाने का मज़ाक उड़ाते हुए दावा किया कि भारत में लोग गाय का पेशाब पीते हैं और कुछ भारतीय डॉक्टर भी ऐसा करते हैं। उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर गायों के बैठने और उनसे ट्रैफ़िक बाधित होने पर भी कथित तौर पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।
सपा का पक्ष और धार्मिक सहिष्णुता की अपील
फकरुल हसन चांद ने कहा, 'समाजवादी पार्टी समझती है कि सभी की धार्मिक भावनाएं होती हैं और सबकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए। भारत में करोड़ों-करोड़ों सनातन धर्म के मानने वाले लोग हैं, उनकी धार्मिक भावनाओं पर इस तरह से कटाक्ष करना, टिप्पणी करना समाजवादी पार्टी समझती है कि निंदनीय है।'
उन्होंने कहा कि जब कोई दूसरों के रीति-रिवाजों पर टिप्पणी नहीं करता, तो किसी को भी किसी दूसरे के धार्मिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। इस प्रकार इजरायली रब्बी की यह टिप्पणी 'बेवजह की' है।
ज्ञानेश कुमार विवाद और विपक्ष की एकजुटता
सपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि पूरा विपक्ष उनके इस्तीफे और महाभियोग की माँग को लेकर पदयात्रा पर है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को समाजवादी पार्टी और 'कश्मीर से कन्याकुमारी तक' जनता का समर्थन प्राप्त है।
BJP पर राजनीतिक हमले और यूसीसी विवाद
गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर चांद ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नज़दीक आने पर ही भाजपा के नेता प्रकट होते हैं और पिछले चुनावों में गैस सिलेंडर के झूठे वादों का स्मरण दिलाया। उन्होंने जाति जनगणना और समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी BJP पर निशाना साधा — यह कहते हुए कि दस साल की सत्ता में UCC क्यों नहीं लाई गई, और अब महज़ वोट के लिए इसका ज़िक्र किया जा रहा है।
उन्होंने 26,000 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने, गोमती नदी की सफ़ाई के अधूरे वादे और 79,000 शिक्षक भर्ती में पिछड़ों के आरक्षण पर भी सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'बंटोगे तो कटोगे' बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चांद ने आरोप लगाया कि लखनऊ के काकोरी में एक दलित को प्रताड़ित करने वाला BJP से जुड़ा व्यक्ति जेल नहीं गया।
2027 चुनाव की तैयारी
सपा प्रवक्ता ने यह कहते हुए अपनी बात समाप्त की कि 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) 2024 की तरह 2027 में भी BJP को हराने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से मतभेद भुलाकर एकता की राह पर चलने की अपील की। आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र यह राजनीतिक तीखापन और तेज़ होने के संकेत हैं।