चिराग पासवान के जन्मदिन पर 5,000 लोगों में कपड़े बाँटे; नसीरुद्दीन शाह के बयान की LJP नेता ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के असम प्रदेश अध्यक्ष अहमद अली अय्यूबी ने 31 अक्टूबर 2026 को डिब्रूगढ़ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के जन्मदिन के अवसर पर एक सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें करीब 5,000 लोगों और बच्चों को कपड़े वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान अय्यूबी ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया बयानों को 'पूरी तरह गलत' बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की।
कार्यक्रम का आयोजन
डिब्रूगढ़ में आयोजित इस सामाजिक सेवा कार्यक्रम में LJP (राम विलास) के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अय्यूबी ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को भी जन्मदिन की बधाई दी। पार्टी ने कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम पार्टी के नेतृत्व के जन-सेवा के संकल्प को दर्शाते हैं।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया
अय्यूबी ने स्पष्ट किया कि नसीरुद्दीन शाह एक वरिष्ठ और सम्मानित कलाकार हैं, और देशवासी उनका आदर करते हैं। तथापि, उन्होंने कहा कि शाह की हालिया टिप्पणी 'पूरी तरह गलत' है और पार्टी इसका विरोध करती है। अय्यूबी ने जोड़ा कि LJP (राम विलास) उनके उन विचारों का किसी भी स्थिति में समर्थन नहीं करती।
जेन-ज़ी युवाओं पर अय्यूबी का बचाव
अय्यूबी ने कहा कि देश में जेन-ज़ी पीढ़ी के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल है और वे अपने करियर को संवारने के लिए निरंतर परिश्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि चिराग पासवान स्वयं युवाओं से संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं।
असम के विकास का हवाला
अय्यूबी ने नसीरुद्दीन शाह को असम आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं — नए पुलों का निर्माण, नए कारखानों की स्थापना और बुनियादी ढाँचे में व्यापक सुधार। उन्होंने कहा कि यदि शाह असम आते हैं, तो वे स्वयं उन्हें पूरे राज्य का दौरा कराएँगे। उनके अनुसार, किसी भी मुद्दे पर टिप्पणी करने से पहले जमीनी हकीकत को समझना आवश्यक है।
युवाओं को राजनीति से दूर रखने की अपील
अय्यूबी ने नसीरुद्दीन शाह से अपील की कि वे बच्चों और विद्यार्थियों को विवादित मुद्दों में उलझाने के बजाय उनकी शिक्षा और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने दें। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को पढ़ाई से भटकाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। गौरतलब है कि असम में सरकार के प्रति लोगों का समर्थन विकास कार्यों और चुनावों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।