पीलीभीत वोटर लिस्ट छेड़छाड़: यूपी के सभी ERO कार्यालयों में कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी तत्काल बंद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में ईसीआईनेट पोर्टल पर लॉग-इन आईडी के दुरुपयोग की शिकायत सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 31 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में स्थित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालयों में तैनात कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करने के निर्देश जारी किए। यह कदम मतदाता सूची की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग की ओर से उठाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत से जुड़े इस मामले में एक आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक द्वारा ईसीआईनेट पोर्टल की लॉग-इन आईडी के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी। जाँच के बाद संबंधित फर्म को उस कर्मचारी की सेवाएँ तत्काल समाप्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी ERO को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहें। इसके तहत प्रदेश के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर कार्यरत ऑपरेटरों की लॉग-इन आईडी निष्क्रिय की जाएगी।
सत्यापन और अनुपालन की व्यवस्था
नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि लॉग-इन आईडी निष्क्रिय किए जाने के बाद संबंधित ERO से इसकी लिखित पुष्टि प्राप्त की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का सत्यापन करेंगे और अनुपालन आख्या तत्काल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, लखनऊ को उपलब्ध कराएंगे।
गौरतलब है कि यह निर्देश प्रदेश के सभी जिलों पर एकसाथ लागू किया गया है, जो सामान्यतः किसी एकल जिले की घटना के बाद राज्यव्यापी सुधारात्मक कदम का संकेत देता है।
निर्वाचन विभाग का रुख
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में शुचिता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और मतदाता सूची की प्रामाणिकता को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। आलोचकों का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को संवेदनशील चुनावी पोर्टल तक पहुँच देना जोखिमपूर्ण रहा है।
आम मतदाताओं पर असर
इस फैसले के बाद अस्थायी रूप से मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर कुछ ऑनलाइन प्रक्रियाएँ प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि सभी ऑपरेटरों की आईडी एकसाथ निष्क्रिय की जाएंगी। हालाँकि निर्वाचन विभाग ने इसे मतदाता सूची की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए आवश्यक बताया है।
आगे के चरण में ERO कार्यालयों में केवल अधिकृत और सत्यापित कर्मियों को ही पोर्टल एक्सेस मिलेगा, जिससे भविष्य में इस प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका कम होगी।