विश्व बैंक रिपोर्ट ने INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' को बेनकाब किया: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विश्व बैंक की 'इंडिया पावर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ' (अक्टूबर 2026) ने INDIA गठबंधन की तथाकथित 'मॉक पार्लियामेंट' का मजाक उड़ा दिया है। विपक्षी गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया था।
विश्व बैंक रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
विश्व बैंक की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2023 के बीच भारत ने बहुआयामी गरीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक पहले भारत में 27 प्रतिशत से अधिक आबादी अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन कर रही थी, जो अब घटकर केवल 2.6 प्रतिशत रह गई है।
इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि $4.20 प्रतिदिन की 'लोअर-मिडल-इनकम' गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात 2011 के 57.7 प्रतिशत से घटकर 2023 में 16.1 प्रतिशत हो गया है। त्रिवेदी ने इन आंकड़ों को सरकार की नीतियों की स्वीकृति बताया।
गिनी इंडेक्स और आर्थिक समानता
अगस्त 2025 में विश्व बैंक द्वारा जारी 'गिनी इंडेक्स' में भारत का स्कोर 22.5 रहा, जिसके आधार पर त्रिवेदी ने दावा किया कि भारत उस समय दुनिया के सर्वाधिक आर्थिक समानता वाले देशों में चौथे स्थान पर था। उन्होंने कहा कि उस दौरान G7 और G20 देशों में भारत में आर्थिक असमानता सबसे कम थी।
विपक्ष पर BJP का हमला
त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अराजकता फैलाने के प्रयासों में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस ने अपने 'बिगड़े हुए शहजादे' को खुश करने के लिए यह 'नकली संसद' का आयोजन किया। उन्होंने अगस्त 2013 में राहुल गांधी के उस कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि 'गरीबी एक मानसिकता है।' साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के उस कथन का उल्लेख किया कि 'पैसा पेड़ों पर नहीं उगता।'
गौरतलब है कि BJP ने इन बयानों की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबी उन्मूलन नीतियों से की और कहा कि दोनों दृष्टिकोणों के बीच 'बहुत बड़ा और स्पष्ट अंतर' है।
INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' क्या थी
विपक्षी INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची के SIR और चुनावी प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध एक 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया था। BJP ने इसे एक 'नाटकीय प्रदर्शन' करार दिया और कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट ने इस आयोजन के ठीक समानांतर आकर 'एक ठोस सच्चाई' देश के सामने रखी।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
त्रिवेदी के अनुसार, एक ओर NDA सरकार गरीबी उन्मूलन के काम में लगी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ नाटकीय कार्यक्रमों के जरिए सियासी वातावरण तैयार करने में व्यस्त है। यह टकराव आगामी चुनावी माहौल में और तीखा होने की संभावना है।