31 अक्टूबर 2026
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विश्व बैंक रिपोर्ट ने INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' को बेनकाब किया: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी

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विश्व बैंक रिपोर्ट ने INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' को बेनकाब किया: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी

सारांश

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत में अत्यधिक गरीबी 27% से घटकर 2.6% हुई — BJP ने इसे INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' पर करारा जवाब बताया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा और मोदी सरकार की उपलब्धियों को विश्व बैंक के आंकड़ों से प्रमाणित बताया।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 31 अक्टूबर 2026 को विश्व बैंक रिपोर्ट का हवाला देते हुए INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' को 'नाटक' करार दिया।
विश्व बैंक की 2025 रिपोर्ट के अनुसार भारत में अत्यधिक गरीबी 2011 के 27% से घटकर 2023 में 2.6% रह गई।
'लोअर-मिडल-इनकम' गरीबी रेखा से नीचे जनसंख्या 57.7% (2011) से घटकर 16.1% (2023) हुई।
अगस्त 2025 के गिनी इंडेक्स में भारत का स्कोर 22.5 , G7 और G20 देशों में सबसे कम असमानता।
INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विश्व बैंक की 'इंडिया पावर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ' (अक्टूबर 2026) ने INDIA गठबंधन की तथाकथित 'मॉक पार्लियामेंट' का मजाक उड़ा दिया है। विपक्षी गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया था।

विश्व बैंक रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

विश्व बैंक की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2023 के बीच भारत ने बहुआयामी गरीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक पहले भारत में 27 प्रतिशत से अधिक आबादी अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन कर रही थी, जो अब घटकर केवल 2.6 प्रतिशत रह गई है।

इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि $4.20 प्रतिदिन की 'लोअर-मिडल-इनकम' गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात 2011 के 57.7 प्रतिशत से घटकर 2023 में 16.1 प्रतिशत हो गया है। त्रिवेदी ने इन आंकड़ों को सरकार की नीतियों की स्वीकृति बताया।

गिनी इंडेक्स और आर्थिक समानता

अगस्त 2025 में विश्व बैंक द्वारा जारी 'गिनी इंडेक्स' में भारत का स्कोर 22.5 रहा, जिसके आधार पर त्रिवेदी ने दावा किया कि भारत उस समय दुनिया के सर्वाधिक आर्थिक समानता वाले देशों में चौथे स्थान पर था। उन्होंने कहा कि उस दौरान G7 और G20 देशों में भारत में आर्थिक असमानता सबसे कम थी।

विपक्ष पर BJP का हमला

त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अराजकता फैलाने के प्रयासों में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस ने अपने 'बिगड़े हुए शहजादे' को खुश करने के लिए यह 'नकली संसद' का आयोजन किया। उन्होंने अगस्त 2013 में राहुल गांधी के उस कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि 'गरीबी एक मानसिकता है।' साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के उस कथन का उल्लेख किया कि 'पैसा पेड़ों पर नहीं उगता।'

गौरतलब है कि BJP ने इन बयानों की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबी उन्मूलन नीतियों से की और कहा कि दोनों दृष्टिकोणों के बीच 'बहुत बड़ा और स्पष्ट अंतर' है।

INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' क्या थी

विपक्षी INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची के SIR और चुनावी प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध एक 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया था। BJP ने इसे एक 'नाटकीय प्रदर्शन' करार दिया और कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट ने इस आयोजन के ठीक समानांतर आकर 'एक ठोस सच्चाई' देश के सामने रखी।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

त्रिवेदी के अनुसार, एक ओर NDA सरकार गरीबी उन्मूलन के काम में लगी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ नाटकीय कार्यक्रमों के जरिए सियासी वातावरण तैयार करने में व्यस्त है। यह टकराव आगामी चुनावी माहौल में और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक महत्वपूर्ण संदर्भ छूट जाता है — गरीबी उन्मूलन की यह यात्रा कई सरकारों और दशकों में हुई है, और इसे किसी एक दल के खाते में लिखना आंकड़ों का सरलीकरण है। दूसरी ओर, विपक्ष की 'मॉक पार्लियामेंट' संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेही की माँग थी, न कि आर्थिक नीति का विकल्प — दोनों को एक तराजू पर तौलना तर्कसंगत नहीं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि SIR को लेकर विपक्ष की चिंताएँ और गरीबी के आंकड़े दो अलग-अलग विषय हैं; एक के ठीक होने से दूसरे पर सवाल खत्म नहीं होते।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व बैंक की 'इंडिया पावर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ' रिपोर्ट में भारत के बारे में क्या कहा गया है?
विश्व बैंक की 2025 रिपोर्ट के अनुसार 2011 से 2023 के बीच भारत में अत्यधिक गरीबी 27 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा $4.20 प्रतिदिन की 'लोअर-मिडल-इनकम' गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या 57.7% (2011) से घटकर 16.1% (2023) हो गई।
INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' क्या थी और इसे क्यों आयोजित किया गया?
INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया था। BJP ने इसे एक राजनीतिक नाटक बताया।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
त्रिवेदी ने राहुल गांधी के कथित अगस्त 2013 के बयान — 'गरीबी एक मानसिकता है' — का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने गरीबी को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर रहने के बाद कांग्रेस अब अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
गिनी इंडेक्स में भारत की स्थिति क्या है?
अगस्त 2025 में विश्व बैंक द्वारा जारी गिनी इंडेक्स में भारत का स्कोर 22.5 रहा। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी के अनुसार इस आधार पर भारत G7 और G20 देशों में सबसे कम आर्थिक असमानता वाला देश था और वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर था।
क्या विश्व बैंक की रिपोर्ट केवल मोदी सरकार की उपलब्धि मानी जा सकती है?
रिपोर्ट 2011 से 2023 की अवधि को कवर करती है, जिसमें UPA और NDA दोनों सरकारों का कार्यकाल शामिल है। आलोचकों का कहना है कि गरीबी उन्मूलन की यह प्रक्रिया दीर्घकालिक नीतियों और कई सरकारों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
राष्ट्र प्रेस
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