31 अक्टूबर 2026
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सरदार पटेल की 151वीं जयंती: हर्ष संघवी ने डभोई में 'रन फॉर यूनिटी' को दिखाई हरी झंडी

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सरदार पटेल की 151वीं जयंती: हर्ष संघवी ने डभोई में 'रन फॉर यूनिटी' को दिखाई हरी झंडी

सारांश

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने डभोई में 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई। 562 रियासतों के एकीकरण की विरासत को याद करते हुए उन्होंने नागरिकों से पटेल के आदर्शों और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के साथ जुड़ने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 31 अक्टूबर को डभोई में 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई।
यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हुआ।
संघवी ने 562 रियासतों के एकीकरण में पटेल की भूमिका को याद करते हुए एकता का संकल्प दिलाया।
उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर प्रतिवर्ष आने वाले लाखों पर्यटकों का उल्लेख कर इसे राष्ट्रीय गौरव बताया।
नागरिकों से प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ सामूहिक रूप से काम करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में विधायक शैलेश मेहता , जिला विकास अधिकारी आनंद पाटिल और एसपी सुशील अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 31 अक्टूबर को डभोई में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से पटेल की राष्ट्रीय एकता की परिकल्पना को जीवित रखने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम

डभोई कॉलेज ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, स्थानीय निवासी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल हुए। दौड़ की शुरुआत डभोई कॉलेज ग्राउंड से हुई और यह आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज, कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी), सरदार पटेल की प्रतिमा और राधे कॉम्प्लेक्स से गुज़रते हुए आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज पर समाप्त हुई।

कार्यक्रम में विधायक शैलेश मेहता, जिला विकास अधिकारी आनंद पाटिल और वडोदरा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुशील अग्रवाल भी उपस्थित रहे। दौड़ से पहले संघवी और अन्य अधिकारियों ने पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और प्रतिभागियों ने एकता की शपथ ली।

संघवी का संबोधन

सभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री संघवी ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी सरकारी, राजनीतिक या सामुदायिक एजेंडे से परे है। उन्होंने कहा, 'आज का कार्यक्रम यह संदेश देता है कि हम सब एक हैं।'

स्वतंत्रता के बाद 562 रियासतों के एकीकरण में पटेल की ऐतिहासिक भूमिका का स्मरण कराते हुए संघवी ने कहा, 'सरदार साहब की 151वीं जयंती पर आइए हम संकल्प लें कि आने वाली सभी पीढ़ियाँ एकजुट रहेंगी और भारत के विकास के सफर में हमेशा भागीदार रहेंगी।'

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उल्लेख

संघवी ने पटेल के सम्मान में निर्मित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत पर शासन कर चुके देशों सहित दुनिया भर से लोग इस स्मारक पर आकर लौहपुरुष को श्रद्धांजलि देते हैं। उनके अनुसार, 'हर साल लाखों पर्यटक पटेल के बारे में जानने और प्रतिमा देखने आते हैं — यह देश के लिए गर्व की बात है।'

आम जनता से अपील

उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि एकता दौड़ की भावना को केवल 31 अक्टूबर तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि पटेल के आदर्शों को पूरे वर्ष जीवित रखना और एक भारतीय के रूप में राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भागीदारी करना ही इस आयोजन का असली संदेश है।

ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। 'रन फॉर यूनिटी' इसी दिन पूरे देश में आयोजित की जाती है, जिसका उद्देश्य पटेल की एकता की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। यह आयोजन उस व्यापक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है जो पटेल की स्मृति को नीतिगत और सामाजिक प्रेरणा के रूप में स्थापित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पटेल की एकता की विरासत को केवल प्रतीकात्मक दौड़ों तक सीमित रखा जाए या उसे ठोस नीतिगत ढाँचे में भी उतारा जाए। संघवी का '562 रियासतों के एकीकरण' का संदर्भ ऐतिहासिक रूप से शक्तिशाली है, किंतु 'विकसित भारत 2047' से उसे जोड़ना एक राजनीतिक कथा भी है जिसे जनता तब ज़्यादा स्वीकार करती है जब ज़मीनी विकास दिखता हो। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर्यटन के आँकड़े गर्व की बात हैं, पर पटेल के नाम पर होने वाले आयोजनों की वास्तविक परीक्षा सामाजिक एकजुटता और समावेशी विकास के परिणामों में होगी।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एकता दिवस पर 'रन फॉर यूनिटी' क्या है?
'रन फॉर यूनिटी' प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एक राष्ट्रव्यापी दौड़ है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश फैलाना है। इस वर्ष गुजरात के डभोई में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इसे हरी झंडी दिखाई।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर डभोई में कौन-कौन शामिल हुए?
डभोई कॉलेज ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, विधायक शैलेश मेहता, जिला विकास अधिकारी आनंद पाटिल और वडोदरा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुशील अग्रवाल उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्र, निवासी और सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए।
हर्ष संघवी ने सरदार पटेल की किस भूमिका का उल्लेख किया?
संघवी ने स्वतंत्रता के बाद 562 रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने नागरिकों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियाँ एकजुट रहेंगी और भारत के विकास में भागीदार बनती रहेंगी।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में संघवी ने क्या कहा?
संघवी ने कहा कि दुनिया भर से, यहाँ तक कि भारत पर शासन कर चुके देशों से भी, लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर आकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि हर साल लाखों पर्यटक इस स्मारक पर आते हैं।
डभोई में 'रन फॉर यूनिटी' का मार्ग कहाँ से कहाँ तक था?
दौड़ की शुरुआत डभोई कॉलेज ग्राउंड से हुई और यह आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज, कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी), सरदार पटेल की प्रतिमा और राधे कॉम्प्लेक्स से होते हुए आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज पर समाप्त हुई।
राष्ट्र प्रेस
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