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ईपीएफओ का 74वां स्थापना दिवस: ऑटो-सेटलमेंट और WhatsApp सेवाओं समेत कई नई पहलों का आगाज़

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ईपीएफओ का 74वां स्थापना दिवस: ऑटो-सेटलमेंट और WhatsApp सेवाओं समेत कई नई पहलों का आगाज़

सारांश

ईपीएफओ के 74 साल पूरे — और इस बार जश्न सिर्फ रस्म नहीं है। निष्क्रिय खातों का ऑटो-सेटलमेंट और WhatsApp सेवाएं करोड़ों कर्मचारियों की पहुंच को सीधे बदलने वाली पहलें हैं। अंशदायी सदस्य संख्या एक दशक में दोगुनी हुई — अब असली कसौटी है सेवा की गुणवत्ता।

मुख्य बातें

ईपीएफओ रविवार को अपना 74वां स्थापना दिवस मनाएगा; केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ.
मनसुख मांडविया कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
₹1,000 तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट की नई सुविधा शुरू होगी।
WhatsApp के माध्यम से ईपीएफओ की सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल का शुभारंभ होगा।
क्षेत्रीय व जोनल कार्यालयों और अधिकारियों को 'भविष्य निधि पुरस्कार 2026' प्रदान किए जाएंगे।
ईपीएफओ के अंशदायी सदस्य 2014-15 के 3.49 करोड़ से बढ़कर सितंबर 2026 तक 7.98 करोड़ हो गए।
भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 के 19% से बढ़कर 2026 में 68.4% हुआ।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) रविवार, 2 नवंबर 2026 को अपना 74वां स्थापना दिवस मनाएगा, जिसमें केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया कई महत्वपूर्ण नागरिक-सुविधा पहलों की शुरुआत करेंगे। इनमें ₹1,000 तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों का स्वचालित (ऑटोमैटिक) निपटारा और WhatsApp के ज़रिए ईपीएफओ की सेवाएं उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। यह ऐसे समय में आया है जब संगठन के अंशदायी सदस्यों की संख्या पिछले एक दशक में लगभग दोगुनी हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डॉ. मांडविया कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी के स्टॉल का निरीक्षण करेंगे और ज्ञान सृजन, संस्थागत सीख, कानूनी जागरूकता तथा संवेदनशील प्रशासन से संबंधित कई प्रकाशनों का विमोचन भी करेंगे। इसके अलावा, समारोह में क्षेत्रीय कार्यालयों, ज़ोनल कार्यालयों, व्यक्तिगत अधिकारियों और कर्मचारियों के उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में 'भविष्य निधि पुरस्कार 2026' प्रदान किए जाएंगे।

समारोह में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्य, ईपीएफओ के अधिकारी-कर्मचारी, नियोक्ता, श्रमिक प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक शामिल होंगे।

सामाजिक सुरक्षा कवरेज में उल्लेखनीय विस्तार

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19% से बढ़कर 2026 में 68.4% हो गया है, जिसके दायरे में अब 1 अरब से अधिक लोग आ चुके हैं। गौरतलब है कि ईपीएफओ के अंशदायी सदस्यों की संख्या वित्त वर्ष 2014-15 में 3.49 करोड़ थी, जो 16 सितंबर 2026 तक बढ़कर लगभग 7.98 करोड़ हो गई — अर्थात इस अवधि में करीब 4.49 करोड़ नए अंशदायी सदस्य जुड़े। सितंबर 2026 तक 7.68 लाख प्रतिष्ठान ईपीएफओ में अंशदान कर रहे हैं।

नई तकनीकी पहलें: आम कर्मचारियों पर असर

निष्क्रिय खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट की सुविधा उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जिनके छोटी राशि वाले ईपीएफ खाते नौकरी बदलने या संस्था बंद होने के कारण निष्क्रिय पड़े हैं। WhatsApp-आधारित सेवाओं की शुरुआत से विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी लाभान्वित होंगे जो डिजिटल पोर्टल का नियमित उपयोग नहीं कर पाते।

आधिकारिक बयान के अनुसार, 'ईपीएफओ का 74वां स्थापना दिवस केवल संस्थागत विकास की कहानी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है कि किसी कर्मचारी के वर्षों के श्रम का लाभ उसे और उसके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और मानसिक शांति के रूप में मिले।'

क्या होगा आगे

इन पहलों के लागू होने के बाद ईपीएफओ की सेवा वितरण प्रक्रिया में उल्लेखनीय बदलाव की उम्मीद है। संगठन की बढ़ती सदस्यता और डिजिटलीकरण की दिशा में उठाए जा रहे ये कदम भविष्य में और अधिक स्वचालन की संभावनाएं खोलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा सेवा वितरण की गुणवत्ता की है — और यहीं पर निष्क्रिय खातों का ऑटो-सेटलमेंट महत्वपूर्ण हो जाता है। देश में करोड़ों छोटी राशि के ईपीएफ खाते वर्षों से लंबित दावों के बोझ तले दबे हैं, जो संगठन की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते रहे हैं। WhatsApp सेवाओं की शुरुआत स्वागतयोग्य है, पर इसकी सफलता उपयोगकर्ता अनुभव और साइबर सुरक्षा पर निर्भर करेगी। 68.4% सामाजिक सुरक्षा कवरेज का दावा तब तक अधूरा रहेगा जब तक असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों तक वास्तविक लाभ नहीं पहुंचता।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस पर कौन-सी नई सेवाएं शुरू होंगी?
इस अवसर पर ₹1,000 तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट और WhatsApp के माध्यम से ईपीएफओ की सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा कई प्रकाशनों का विमोचन और 'भविष्य निधि पुरस्कार 2026' का वितरण भी होगा।
निष्क्रिय ईपीएफ खाते का ऑटो-सेटलमेंट क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
₹1,000 तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों का निपटारा अब स्वचालित रूप से किया जाएगा। इससे विशेष रूप से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिन्होंने नौकरी बदली हो या जिनकी संस्था बंद हो गई हो और छोटी राशि का दावा लंबे समय से लंबित हो।
ईपीएफओ के सदस्यों की संख्या अभी कितनी है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 16 सितंबर 2026 तक ईपीएफओ के अंशदायी सदस्यों की संख्या लगभग 7.98 करोड़ हो गई है, जो 2014-15 में 3.49 करोड़ थी। इस अवधि में करीब 4.49 करोड़ नए अंशदायी सदस्य जुड़े हैं।
'भविष्य निधि पुरस्कार 2026' किसे दिया जाएगा?
यह पुरस्कार ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों, जोनल कार्यालयों, व्यक्तिगत अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा। केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया पुरस्कार वितरित करेंगे।
भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज की मौजूदा स्थिति क्या है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 के 19% से बढ़कर 2026 में 68.4% हो गया है और 1 अरब से अधिक लोग इसके दायरे में आ चुके हैं। सितंबर 2026 तक 7.68 लाख प्रतिष्ठान ईपीएफओ में अंशदान कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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