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क्या 'आईआईटीएफ 2025' में ईपीएफओ के प्रवेश ने संगठन की नई पहचान को दर्शाया है?: डॉ. मनसुख मांडविया

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क्या 'आईआईटीएफ 2025' में ईपीएफओ के प्रवेश ने संगठन की नई पहचान को दर्शाया है?: डॉ. मनसुख मांडविया

सारांश

आईआईटीएफ 2025 में ईपीएफओ का प्रवेश एक नई पहचान को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इसे न केवल सेवाओं का प्रदर्शन कहा, बल्कि तकनीकी दृष्टिकोण से भी ईपीएफओ के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया।

मुख्य बातें

आईआईटीएफ 2025 में ईपीएफओ की नई पहचान डिजिटल प्लेटफार्मों का महत्व सभी कर्मचारियों को समान सेवाएं ईपीएफओ का भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता सोशल सिक्योरिटी की समझ बढ़ाना

नई दिल्ली, 17 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) 2025 को भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मंच बताया।

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आईआईटीएफ 2025 में ईपीएफओ मंडप के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि इस वर्ष आईआईटीएफ में ईपीएफओ का प्रवेश संगठन की एक रिफ्रेश और मॉडर्न पहचान को दर्शाता है, जो कि ट्रांसपेरेंसी, एफिशिएंसी और लार्ज स्केल सर्विस डिलिवरी का प्रतीक है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पहली बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित आईआईटीएफ 2025 में अपने स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मंडप का आयोजन किया।

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर कहा कि ईपीएफओ लंबे समय से देश भर के करोड़ों कर्मचारियों के लिए फाइनेंस सिक्योरिटी के एक स्तंभ के रूप में काम करता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में संगठन यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रोविडेंट फंड सर्विस फॉर्मल हो या गिग, अर्बन हो या रूरल हर कर्मचारी तक समान गति और सम्मान के साथ पहुंचे, मैन्युअल प्रॉसेस से सहज डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदला है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ईपीएफओ ने अपने डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन कदमों में अपग्रेडेड यूनिफाइड पोर्टल, रिवैम्प्ड ईपीएफओ वेबसाइट, आसान क्लेम प्रॉसेस, रीयल-टाइम शिकायतों का निवारण, पेपरलेस ऑनबोर्डिंग और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के साथ डोरस्टेप सपोर्ट शामिल है, जिनके साथ नागरिकों का अनुभव बेहतर हुआ है।

केंद्रीय मंत्री मांडविया के अनुसार, यह मंडप सेवाओं को दर्शाने मात्र से ही नहीं जुड़ा बल्कि ईपीएफओ के फ्यूचर-रेडी, मेंबर-सेंट्रिक और टेक्नोलॉजी ड्रिवन बनने के कमिटमेंट को भी दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि यह मंडप दिखाता है कि डिजिटल पब्लिक सर्विस किस प्रकार व्यक्तियों को सशक्त बनाती हैं, उद्यमों को सपोर्ट करती है और संस्थानों और नागरिकों के बीच का विश्वास मजबूत करती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने विजिटर्स, कर्मचारियों और युवा नागरिकों को सोशल सिक्योरिटी के महत्व को समझने के लिए पवैलियन पर आने का आमंत्रण दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी संकेत करते हैं कि कैसे ईपीएफओ ने अपने सदस्यों की सेवा में सुधार करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। यह सुनिश्चित करना कि सभी प्रकार के कर्मचारियों को समान सेवाएं मिलें, वास्तव में एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटीएफ 2025 में ईपीएफओ की उपस्थिति का क्या महत्व है?
यह उपस्थिति ईपीएफओ की नई पहचान और डिजिटल सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
डिजिटल प्लेटफार्म पर ईपीएफओ ने क्या कदम उठाए हैं?
ईपीएफओ ने अपग्रेडेड यूनिफाइड पोर्टल, आसान क्लेम प्रॉसेस, और पेपरलेस ऑनबोर्डिंग जैसे कदम उठाए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने किस प्रकार की सेवाओं पर जोर दिया?
केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल पब्लिक सर्विस और सोशल सिक्योरिटी की महत्वपूर्णता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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