सरदार पटेल की 151वीं जयंती: जोशी ने 'रन फॉर यूनिटी' में कांग्रेस पर साधा निशाना, जयपुर में उमड़े युवा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 31 अक्टूबर को जयपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम में कांग्रेस पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने पटेल को वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। जयपुर के अमर जवान ज्योति से शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा, पदक विजेता खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
जोशी के आरोप: पटेल की विरासत को 'मिटाने' का प्रयास
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गांधी परिवार के सदस्यों के नाम पर सरकारी योजनाओं और संस्थानों का नामकरण करके सरदार पटेल की विरासत को जनमानस से मिटाने का प्रयास किया। उन्होंने दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर योजनाओं के नामकरण की प्रथा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पटेल के ऐतिहासिक योगदान को तुलनात्मक रूप से उचित मान्यता नहीं मिली।
जोशी ने यह भी याद दिलाया कि 30 मार्च 1949 को 'वृहद राजस्थान' की स्थापना में सरदार पटेल की भूमिका निर्णायक रही थी, और राजस्थान के गठन में उनके योगदान को हमेशा स्मरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटेल ने अपनी दूरदृष्टि और नेतृत्व से अविभाजित भारत की नींव रखी।
मोदी सरकार और 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का संदर्भ
जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पटेल के 'एक भारत' के सपने को साकार करते हुए 'श्रेष्ठ भारत' के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने गुजरात के केवडिया में स्थित विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को सरदार पटेल के प्रति राष्ट्र के सम्मान और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब सरदार पटेल की विरासत को लेकर राजनीतिक दलों के बीच श्रेय लेने की होड़ वर्षों से जारी है। BJP और कांग्रेस दोनों ही पटेल को अपने वैचारिक करीबी बताते रहे हैं, और राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर हर वर्ष इस बहस को नया आयाम देता है।
मुख्यमंत्री शर्मा का संबोधन: रोजगार और युवा विकास
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बताते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रतिबद्धता का संकल्प है।
शर्मा ने राज्य सरकार की रोजगार उपलब्धियाँ गिनाते हुए बताया कि 410 परीक्षाएँ पारदर्शी तरीके से आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से 1.93 लाख युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्तियाँ मिलीं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 1.18 लाख पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70,000 से अधिक अतिरिक्त रिक्तियाँ जल्द भरी जाएँगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 5 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है, 3.70 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है, और युवा संबल योजना के तहत 4 लाख लाभार्थियों को ₹1,643 करोड़ वितरित किए गए हैं। उन्होंने 'माय भारत', 'स्टार्टअप इंडिया', 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना', 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
मिशन ओलंपिक 2028 और खेल अवसंरचना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएँ देने के उद्देश्य से 'मिशन ओलंपिक 2028' की शुरुआत की घोषणा की। इस पहल के तहत ₹20 करोड़ की लागत से एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में 50 खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो उभरती खेल प्रतिभाओं को निखारने में सहायक होंगे।
कार्यक्रम का आगाज़ और राष्ट्रीय एकता की शपथ
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संयुक्त रूप से 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और उनसे एकता, अखंडता व देशभक्ति के मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर से उठी यह आवाज़ राजनीतिक और सामाजिक दोनों धरातलों पर गूँजती रहेगी।