आजमगढ़ मतदाता सूची में 'विकास यादव' 13 बार दर्ज: सीईओ ने 6 कर्मचारी हटाए, वरिष्ठ अधिकारियों पर चार्जशीट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा के कार्यालय ने 24 अक्टूबर को आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र संख्या 347 की मतदाता सूची में 'विकास यादव' नाम 13 बार दर्ज होने की जाँच के बाद एक कंप्यूटर सहायक और पाँच बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्यों से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही तत्कालीन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और दो सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए चार्जशीट सौंपी गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
समाजवादी पार्टी (SP) ने 15 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया था कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति 'विकास यादव' का नाम 10 बार दर्ज है। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए CEO कार्यालय ने आजमगढ़ जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार से विस्तृत जाँच रिपोर्ट तलब की।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता पर राजनीतिक दलों की नज़र पहले से तेज़ है। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने हाल के वर्षों में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कई अभियान चलाए हैं।
जाँच में क्या सामने आया
जाँच रिपोर्ट के अनुसार, आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र संख्या 347 की मतदाता सूची में 'विकास यादव' नाम (हिंदी में) कुल 13 बार दर्ज पाया गया — जो SP के दावे से तीन अधिक है। इनमें से 2 प्रविष्टियाँ नियमों के अनुसार पहले ही हटाई जा चुकी थीं।
शेष 11 प्रविष्टियाँ आजमगढ़ जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों की हैं, जो वर्तमान में अपने-अपने गाँवों में निवासरत हैं। वास्तविक 'विकास यादव' को छोड़कर, अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और व्यक्तिगत विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 के आवेदन भरे गए हैं।
जाँच में यह भी स्पष्ट हुआ कि गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र में एक ही नाम और माता-पिता के नाम से पंजीकृत मतदाता एक भिन्न व्यक्ति है और उसका आजमगढ़ की प्रविष्टियों से कोई संबंध नहीं है।
कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई
जाँच निष्कर्षों के आधार पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने 'मतदाता पंजीकरण केंद्र' पर तैनात एक कंप्यूटर सहायक और पाँच BLO को मतदाता सूची से संबंधित सभी कार्यों से तत्काल हटाने का निर्देश दिया। इन सभी को सेवा समाप्ति के नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई शुरू करने से पहले कंप्यूटर सहायक, पाँच BLO, तत्कालीन ERO और दो AERO को नोटिस जारी किए गए हैं। तत्कालीन ERO और दो AERO के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी आरंभ कर दी गई है — उन पर आधिकारिक कर्तव्यों में लापरवाही और मतदाता सूची तैयार करने के दौरान उचित पर्यवेक्षण न करने का आरोप है।
आगे की जाँच और निर्वाचन आयोग का रुख
आजमगढ़ जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे इस मुद्दे पर जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की गहन जाँच करें और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूचियों की तैयारी और रखरखाव में अनियमितताओं के प्रति उसका दृष्टिकोण जीरो टोलरेंस का है।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आगामी चुनावी चक्र से पहले मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर निगरानी और सख्त होगी।