आजमगढ़ मतदाता सूची विवाद: BLO और कंप्यूटर सहायकों पर गिरी गाज, जांच में 13 बार दर्ज मिला एक नाम
सारांश
मुख्य बातें
चुनाव प्रशासन ने आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र (क्षेत्र संख्या 347) की मतदाता सूची में एक ही नाम की बहुल प्रविष्टियों के मामले में जांच पूरी कर कार्रवाई शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी (SP) द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हुई जांच में 'विकास यादव' नाम 13 स्थानों पर दर्ज पाया गया, जिसके बाद संबंधित कंप्यूटर सहायकों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची कार्य से हटाने तथा सेवा समाप्ति नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में क्या सामने आया
जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ की विस्तृत जांच रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची में 'विकास यादव' नाम की 13 प्रविष्टियाँ दर्ज थीं। हालांकि जांच में स्पष्ट हुआ कि इनमें से अधिकांश प्रविष्टियाँ अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित हैं। इनमें से एक मतदाता — जिसका नाम और पिता का नाम समान है — गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र का निवासी है।
रिपोर्ट के अनुसार, 13 में से 2 प्रविष्टियों का विलोपन पहले ही नियमानुसार किया जा चुका था। शेष 11 प्रविष्टियाँ आजमगढ़ जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों की हैं, जो अपने-अपने गाँवों में निवास कर रहे हैं।
सुधार की प्रक्रिया
वास्तविक 'विकास यादव' को छोड़कर शेष 10 व्यक्तियों के नाम और अन्य विवरणों में संशोधन के लिए उनसे फार्म-8 भरवाया गया है, ताकि मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किया जा सके। यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
अधिकारियों पर कार्रवाई
प्रकरण में विधानसभा क्षेत्र 347-आजमगढ़ के कंप्यूटर सहायक, बूथ लेवल अधिकारियों, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कार्रवाई से पूर्व नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची तैयार करने के दौरान दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने तथा आरोप पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
व्यापक जांच का आदेश
जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की गहन जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश इस बात का संकेत है कि चुनाव प्रशासन इस मामले को अकेले आजमगढ़ शहर तक सीमित नहीं मान रहा।
गौरतलब है कि मतदाता सूचियों में त्रुटियों और बहुल प्रविष्टियों का मुद्दा उत्तर प्रदेश में पहले भी उठता रहा है। इस प्रकरण में समाजवादी पार्टी की शिकायत के बाद प्रशासन की त्वरित जांच और कार्रवाई चुनावी पारदर्शिता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जिले की समग्र मतदाता सूची की जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि यह समस्या कितनी व्यापक है।