सपा का आरोप: UP मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, मेरठ-अमेठी में 38+ BLO तबादले पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) ने 22 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से तत्काल जाँच और कार्रवाई की माँग की है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मेरठ, अमेठी और गौतमबुद्ध नगर से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जाँच की माँग की है। ये आरोप फिलहाल सपा की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मेरठ में BLO तबादलों पर आरोप
सपा का कहना है कि मेरठ के 48-मेरठ विधानसभा क्षेत्र में 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूर्ण कराने वाले 38 से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का इसके तुरंत बाद तबादला किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ BLO से उनके ऐप और OTP की जानकारी माँगी जा रही थी और मना करने वाले अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया।
पार्टी ने कहा कि इस संदर्भ में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मेरठ को पहले ही लिखित शिकायत दी जा चुकी है। सपा ने चुनाव आयोग से BLO तबादलों को रद्द करने और शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेने की माँग की है।
अमेठी के तिलोई क्षेत्र में कथित डुप्लीकेट मतदाता
सपा ने अमेठी के 178-तिलोई विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दो हजार से अधिक कथित डुप्लीकेट नाम होने का दावा किया है। पार्टी ने उदाहरण देते हुए कहा कि मतदेय स्थल संख्या 302 पर एक ही मतदाता का नाम कथित तौर पर चार अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है, और कई मामलों में अलग-अलग EPIC नंबर भी दिए गए हैं।
इसी तरह मतदेय स्थल संख्या 264 पर एक अन्य मतदाता का नाम चार बार दर्ज होने का दावा किया गया है। सपा ने माँग की है कि सभी डुप्लीकेट और अपात्र नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ।
गौतमबुद्ध नगर और मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के आरोप
पार्टी ने मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में कथित अयोग्य लोगों के नाम दर्ज होने का भी आरोप लगाया है। सपा का कहना है कि कुछ ऐसे लोग जो किसी शिक्षण संस्थान में कार्यरत नहीं हैं और निजी व्यवसाय या दुकानें चलाते हैं, उनके नाम शिक्षक मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।
गौतमबुद्ध नगर में पाँच हजार से अधिक कथित अयोग्य और फर्जी मतदाताओं के नाम शिक्षक नामावली में दर्ज होने का दावा किया गया है। ज्ञापन में उदाहरण के तौर पर 340 ऐसे कथित अयोग्य मतदाताओं का उल्लेख किया गया है जो न तो शिक्षक हैं और न ही निर्धारित शैक्षिक योग्यता रखते हैं।
सपा की माँगें और ज्ञापन सौंपने वाले
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। पार्टी ने तीनों जिलों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जाँच, डुप्लीकेट व अयोग्य नाम हटाने और BLO तबादलों पर कार्रवाई की माँग की है।
सपा ने कहा है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए अनिवार्य शर्त है। पार्टी ने आयोग से जाँच की कार्रवाई की जानकारी भी पार्टी को देने की माँग की है।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय में उठाया गया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने वाली हैं और मतदाता सूची की शुद्धता राजनीतिक दलों के लिए संवेदनशील मुद्दा बनती जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोग इन आरोपों पर किस प्रकार की जाँच प्रक्रिया अपनाता है।