22 सितंबर 2026
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सपा का आरोप: UP मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, मेरठ-अमेठी में 38+ BLO तबादले पर सवाल

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सपा का आरोप: UP मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, मेरठ-अमेठी में 38+ BLO तबादले पर सवाल

सारांश

सपा ने मेरठ, अमेठी और गौतमबुद्ध नगर की मतदाता सूचियों में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा है। 38+ BLO तबादले, 2,000+ कथित डुप्लीकेट मतदाता और 5,000+ कथित फर्जी शिक्षक मतदाताओं के दावों के साथ यह मुद्दा 2027 UP चुनाव से पहले चुनावी पारदर्शिता को केंद्र में लाता है।

मुख्य बातें

सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 22 सितंबर 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जाँच की माँग की।
मेरठ के 48-मेरठ विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के बाद 38 से अधिक BLO के तबादले पर सवाल; आरोप है कि ऐप-OTP देने से मना करने वाले अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया।
अमेठी के 178-तिलोई विधानसभा क्षेत्र में 2,000 से अधिक कथित डुप्लीकेट नामों का दावा; एक मतदाता का नाम कथित तौर पर चार स्थानों पर दर्ज।
गौतमबुद्ध नगर में शिक्षक मतदाता सूची में 5,000 से अधिक कथित अयोग्य व फर्जी नाम होने का आरोप; ज्ञापन में 340 उदाहरण दिए गए।
ज्ञापन सौंपने वालों में के.के.
हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल; चुनाव आयोग की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने 22 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से तत्काल जाँच और कार्रवाई की माँग की है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मेरठ, अमेठी और गौतमबुद्ध नगर से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जाँच की माँग की है। ये आरोप फिलहाल सपा की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मेरठ में BLO तबादलों पर आरोप

सपा का कहना है कि मेरठ के 48-मेरठ विधानसभा क्षेत्र में 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूर्ण कराने वाले 38 से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का इसके तुरंत बाद तबादला किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ BLO से उनके ऐप और OTP की जानकारी माँगी जा रही थी और मना करने वाले अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया।

पार्टी ने कहा कि इस संदर्भ में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मेरठ को पहले ही लिखित शिकायत दी जा चुकी है। सपा ने चुनाव आयोग से BLO तबादलों को रद्द करने और शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेने की माँग की है।

अमेठी के तिलोई क्षेत्र में कथित डुप्लीकेट मतदाता

सपा ने अमेठी के 178-तिलोई विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दो हजार से अधिक कथित डुप्लीकेट नाम होने का दावा किया है। पार्टी ने उदाहरण देते हुए कहा कि मतदेय स्थल संख्या 302 पर एक ही मतदाता का नाम कथित तौर पर चार अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है, और कई मामलों में अलग-अलग EPIC नंबर भी दिए गए हैं।

इसी तरह मतदेय स्थल संख्या 264 पर एक अन्य मतदाता का नाम चार बार दर्ज होने का दावा किया गया है। सपा ने माँग की है कि सभी डुप्लीकेट और अपात्र नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ।

गौतमबुद्ध नगर और मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के आरोप

पार्टी ने मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में कथित अयोग्य लोगों के नाम दर्ज होने का भी आरोप लगाया है। सपा का कहना है कि कुछ ऐसे लोग जो किसी शिक्षण संस्थान में कार्यरत नहीं हैं और निजी व्यवसाय या दुकानें चलाते हैं, उनके नाम शिक्षक मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।

गौतमबुद्ध नगर में पाँच हजार से अधिक कथित अयोग्य और फर्जी मतदाताओं के नाम शिक्षक नामावली में दर्ज होने का दावा किया गया है। ज्ञापन में उदाहरण के तौर पर 340 ऐसे कथित अयोग्य मतदाताओं का उल्लेख किया गया है जो न तो शिक्षक हैं और न ही निर्धारित शैक्षिक योग्यता रखते हैं।

सपा की माँगें और ज्ञापन सौंपने वाले

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। पार्टी ने तीनों जिलों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जाँच, डुप्लीकेट व अयोग्य नाम हटाने और BLO तबादलों पर कार्रवाई की माँग की है।

सपा ने कहा है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए अनिवार्य शर्त है। पार्टी ने आयोग से जाँच की कार्रवाई की जानकारी भी पार्टी को देने की माँग की है।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय में उठाया गया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने वाली हैं और मतदाता सूची की शुद्धता राजनीतिक दलों के लिए संवेदनशील मुद्दा बनती जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोग इन आरोपों पर किस प्रकार की जाँच प्रक्रिया अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनाव आयोग का यह दायित्व है कि वह इनका सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से जवाब दे — खासकर तब जब डुप्लीकेट और अयोग्य मतदाताओं के ठोस उदाहरण ज्ञापन में दिए गए हों। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कथित फर्जी पंजीकरण का मुद्दा केवल UP तक सीमित नहीं — यह देश के कई द्विसदनीय राज्यों में एक दीर्घकालिक संरचनात्मक समस्या है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा ने उत्तर प्रदेश मतदाता सूची में क्या आरोप लगाए हैं?
सपा ने मेरठ, अमेठी और गौतमबुद्ध नगर की मतदाता सूचियों में डुप्लीकेट व अयोग्य नाम दर्ज होने तथा SIR प्रक्रिया के बाद 38 से अधिक BLO के तबादले का आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जाँच की माँग की है।
BLO के तबादलों पर सपा क्यों सवाल उठा रही है?
सपा का आरोप है कि मेरठ के 48-मेरठ विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया पूरी करने वाले 38 से अधिक BLO का तुरंत बाद तबादला किया गया। पार्टी का दावा है कि जो BLO अपने ऐप और OTP की जानकारी देने से मना करते थे, उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया — जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
अमेठी के तिलोई विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की क्या स्थिति बताई गई है?
सपा ने दावा किया है कि 178-तिलोई विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 2,000 से अधिक कथित डुप्लीकेट नाम हैं। उदाहरण के तौर पर बताया गया है कि मतदेय स्थल संख्या 302 और 264 पर एक ही मतदाता का नाम कथित तौर पर चार अलग-अलग स्थानों और EPIC नंबरों पर दर्ज है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पर सपा ने क्या कहा है?
पार्टी का आरोप है कि मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और गौतमबुद्ध नगर की शिक्षक मतदाता सूची में 5,000 से अधिक ऐसे लोगों के नाम हैं जो शिक्षक नहीं हैं और न ही निर्धारित शैक्षिक योग्यता रखते हैं। ज्ञापन में 340 कथित अयोग्य मतदाताओं का उल्लेख उदाहरण के रूप में किया गया है।
चुनाव आयोग ने सपा के ज्ञापन पर क्या कहा है?
22 सितंबर 2026 तक चुनाव आयोग की ओर से इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सपा ने आयोग से जाँच की कार्रवाई की जानकारी पार्टी को भी देने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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