18 अक्टूबर 2026
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एमएलसी चुनाव 2026: सपा ने वाराणसी मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम होने का आरोप लगाया

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एमएलसी चुनाव 2026: सपा ने वाराणसी मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम होने का आरोप लगाया

सारांश

उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव 2026 से ठीक पाँच दिन पहले सपा ने वाराणसी मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नामों का आरोप लगाया है। मिर्जापुर के बूथों पर एक ही व्यक्ति का नाम पाँच बार तक दर्ज होने के दावों के साथ पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

मुख्य बातें

समाजवादी पार्टी ने 18 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम दर्ज होने का आरोप लगाया।
मिर्जापुर जिले के बूथ संख्या 242 पर एक मतदाता का नाम पाँच बार तथा अन्य बूथों पर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दो से तीन बार दर्ज होने के विशिष्ट उदाहरण दिए गए हैं।
लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 102 से अधिक मतदान केंद्र संवेदनशील घोषित; सपा ने वीडियो कैमरे और अतिरिक्त सुरक्षा बल की माँग की।
23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान होना है; पार्टी ने उस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की माँग की।
प्रतापगढ़ में 11 अक्टूबर को मतदाता सूची के क्रमांक बदले जाने और वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अंतिम सूची प्रकाशन के बाद पुनरीक्षण कराने के आरोप भी लगाए गए।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम दर्ज होने का गंभीर आरोप लगाते हुए 18 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने तत्काल कार्रवाई और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की माँग की है, ताकि मतदान एवं मतगणना पारदर्शी, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो सके।

मुख्य आरोप: डुप्लीकेट मतदाता

सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं।

ज्ञापन में मिर्जापुर जिले के विशिष्ट बूथों के उदाहरण दिए गए हैं। कथित तौर पर बूथ संख्या 226 पर मतदाता क्रमांक 862, 863 और 864 पर रविशंकर पांडेय का नाम तीन बार दर्ज है, जिन्हें मिर्जापुर में BJP का जिला मंत्री बताया गया है। इसी तरह बूथ संख्या 242 पर अंजली मौर्य का नाम क्रमांक 15 से 19 तक लगातार पाँच बार, स्मृति सिंह का नाम क्रमांक 582 से 584 तक तीन बार, और पवन कुमार गुप्ता का नाम क्रमांक 320 और 321 पर दो बार दर्ज होने का दावा किया गया है।

बूथ संख्या 245 पर जितेंद्र कुमार सरोज का नाम क्रमांक 215 और 216 पर दो बार दर्ज होने की बात भी ज्ञापन में कही गई है। पार्टी ने दावा किया है कि इन आरोपों के समर्थन में संबंधित मतदाता सूची के विवरण और अन्य दस्तावेज़ संलग्न किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सपा की माँगें

सपा ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा तैनाती की माँग की है। ज्ञापन के अनुसार लखीमपुर में 31, सीतापुर में 14, रायबरेली में 19, बाराबंकी में 7, हरदोई में 11, प्रतापगढ़ में 7 और लखनऊ में 13 मतदान केंद्र संवेदनशील बताए गए हैं।

पार्टी ने सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने, मतदान के बाद मतपेटियों को सील कर सीसीटीवी कैमरों व सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रखने और सिविल पुलिस के अतिरिक्त पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की माँग की है।

मतगणना और अन्य प्रक्रियागत माँगें

सपा ने माँग की है कि मतगणना के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो और जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मतगणना स्थल पर अधिकृत एजेंटों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए और एक बार शुरू होने के बाद मतगणना को बिना उचित कारण के न रोका जाए।

पार्टी ने 23 अक्टूबर को राजकीय कार्यदिवस होने का हवाला देते हुए संबंधित जिलों में उस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की माँग भी की है।

तकनीकी खामियाँ और मतदाता पहचान का मुद्दा

सपा ने निर्वाचन आयोग के प्रारूप-18 और ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में ब्लॉक या वार्ड का कॉलम न होने पर आपत्ति जताई है। पार्टी का तर्क है कि इस कमी के कारण किसी मतदाता का मतदान केंद्र उसके निवास क्षेत्र से दूर निर्धारित हो सकता है — उदाहरण के तौर पर गोमतीनगर के विनीत खंड में रहने वाले मतदाता का मतदान केंद्र मोहनलालगंज में निर्धारित होने का मामला ज्ञापन में उठाया गया है।

पार्टी ने माँग की है कि आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र में दर्ज पता मतदान केंद्र के क्षेत्र से अलग होने पर भी मतदाता को केवल इस आधार पर मतदान से वंचित न किया जाए। नाम की अंग्रेजी वर्तनी मेंささやकी भिन्नता — जैसे पहचान पत्र में 'रिता सिंह' और मतदाता सूची में 'रीता सिंह' — को भी मतदान रोकने का आधार न बनाया जाए।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुनरीक्षण पर आपत्ति

वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मामले में सपा ने आरोप लगाया है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी कुछ जिलों में जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों तथा मतदाताओं के विवरण का दोबारा सत्यापन करा रहे हैं। पार्टी का दावा है कि इससे सपा समर्थक मतदाताओं, विद्यालय प्रबंधकों और कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी हो रही है।

पार्टी ने प्रतापगढ़ जिले में कुछ मतदान केंद्रों पर 11 अक्टूबर को मतदाता सूची के क्रमांक बदले जाने का आरोप भी लगाया है, जिससे पहले वितरित की जा चुकी मतदाता पर्चियों के कारण मतदाताओं को भ्रम और असुविधा हो सकती है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मतदाता क्रमांक और नाम जैसे विशिष्ट विवरण दिए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र जाँच संभव है। असली सवाल यह है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी इन दावों की जाँच करते हैं या नहीं — और यदि डुप्लीकेट नाम सत्य पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारी किसकी होगी। गौरतलब है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियाँ पारंपरिक रूप से कम निगरानी में तैयार होती हैं, और यूपी में यह पहली बार नहीं है जब इनमें गड़बड़ी के आरोप लगे हों। यदि निर्वाचन आयोग इन आरोपों का ठोस जवाब नहीं देता, तो परिणाम चाहे जो भी हो, वैधता पर सवाल उठते रहेंगे।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एमएलसी चुनाव 2026 में सपा ने क्या आरोप लगाए हैं?
समाजवादी पार्टी ने वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम दर्ज होने का आरोप लगाया है। पार्टी ने मिर्जापुर जिले के विशिष्ट बूथों पर एक ही व्यक्ति का नाम दो से पाँच बार तक दर्ज होने के उदाहरण देते हुए 18 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
यूपी विधान परिषद चुनाव 2026 में मतदान कब होगा?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। समाजवादी पार्टी ने उस दिन राजकीय कार्यदिवस होने का हवाला देते हुए संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की माँग की है।
सपा ने मतदाता सूची में किन विशिष्ट गड़बड़ियों का उल्लेख किया है?
सपा के ज्ञापन के अनुसार मिर्जापुर के बूथ 226 पर रविशंकर पांडेय का नाम तीन बार, बूथ 242 पर अंजली मौर्य का नाम पाँच बार और स्मृति सिंह का नाम तीन बार दर्ज होने का दावा किया गया है। पार्टी ने इन आरोपों के समर्थन में संबंधित मतदाता सूची के दस्तावेज़ भी ज्ञापन के साथ संलग्न किए हैं।
सपा ने सुरक्षा को लेकर क्या माँगें रखी हैं?
पार्टी ने सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाने, मतपेटियों को सीसीटीवी निगरानी में रखने और सिविल पुलिस के अतिरिक्त पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की माँग की है। इसके साथ ही लखनऊ खंड स्नातक क्षेत्र के 102 से अधिक संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा ने क्या आपत्ति जताई है?
सपा ने आरोप लगाया है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी कुछ जिलों में जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों तथा मतदाताओं के विवरण का दोबारा सत्यापन करा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इससे सपा समर्थक मतदाताओं और विद्यालय कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी हो रही है और उसने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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