यूपी एमएलसी मतगणना में गड़बड़ी के आरोप: अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से माँगा हस्तक्षेप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों — पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — की मतगणना के दौरान 27 अक्टूबर 2026 को कई स्थानों पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए, जिसने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की अपील की। मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झाँसी, बरेली और गोरखपुर सहित प्रदेश के सात प्रमुख केंद्रों पर एक साथ जारी रही।
मऊ में मतपत्रों की संख्या का विवाद
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मऊ स्थित एक मतदान केंद्र पर निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह एडवोकेट ने गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार नगर पालिका मऊ के संबंधित बूथ पर 623 मतदाताओं ने मतदान किया था, किंतु मतपेटी से 673 मतपत्र निकले — यानी दर्ज मतदान से 50 अधिक। अजय सिंह ने इस संदर्भ में लिखित आपत्ति दर्ज कराई है और चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में अयोध्या मंडल के अपर आयुक्त अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटाने की माँग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सैनी पिछले चुनाव में भी इसी क्षेत्र में तैनात थे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी की पैरवी करते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अखिलेश यादव के आरोप और एक्स पर पोस्ट
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बूथ संख्या 97 पर बिना मुड़े मतपत्र मिलने का आरोप लगाया, जो सपा प्रत्याशी कांति सिंह से संबंधित बताया जाता है। यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'मतलब चोरी भी करो, तो चोरी भी ये भाजपा वाले ईमानदारी से नहीं कर पा रहे हैं।' उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर भी पोस्ट कर BJP को 'चुनावी गिरोह' करार दिया और BJP, चुनाव आयोग तथा प्रशासन के बीच गठजोड़ का आरोप लगाया।
आगरा में मतगणना रुकने का विवाद
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने दावा किया कि वह पहले दौर में बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया गया और मतगणना करीब आधे घंटे तक रुकी रही। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव पर्यवेक्षक से निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की माँग की। अखिलेश यादव ने भी एक्स पर इस घटना का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील की।
वाराणसी में संदिग्ध मतपत्रों की जाँच
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले दौर की मतगणना में सपा प्रत्याशी और निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने बढ़त बनाई। इस दौरान करीब 14,000 मतपत्रों में से लगभग 200 संदिग्ध मतपत्र सामने आए, जिन पर सही का निशान, बिंदी या अन्य चिह्न थे। इन्हें अलग रखकर रिटर्निंग ऑफिसर की मेज पर प्रत्याशियों की मौजूदगी में नियमानुसार वैधता तय करने की प्रक्रिया अपनाई गई।
अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में रुझान और माहौल
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती रुझानों में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव आगे बताए गए, जबकि BJP के ध्रुव त्रिपाठी और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी पीछे चल रहे थे — हालाँकि शुरुआती रुझान अंतिम परिणाम नहीं होते। मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में मतगणना के दौरान BJP प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के समर्थकों में उत्साह दिखा और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज भी वहाँ मौजूद रहे। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना दोपहर 2 बजे शुरू हुई, जहाँ 8 मतगणना टेबल और एक रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर गिनती चल रही है। मतपत्र आधारित मतदान के कारण समग्र मतगणना में अधिक समय लग रहा है और अंतिम परिणाम निर्धारित औपचारिक चरण पूरे होने के बाद घोषित किए जाएँगे।