अखिलेश यादव का BJP पर तंज: 'वन नेशन, वन इलेक्शन' नहीं, 'वन करप्शन, वन इलेक्शन' है मंशा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) को केंद्र में रखते हुए उन्होंने भाजपा के 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी की असली मंशा 'वन करप्शन, वन इलेक्शन' जैसी है। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ होती जा रही हैं और विपक्ष मतदाता सूची की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर आरोप
अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि SSR का उल्टा RSS होता है — इस व्यंग्यात्मक टिप्पणी से उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाया। उनका कहना था कि भाजपा को सीधे मुकाबले में हार का अंदेशा है, इसीलिए वह मतदाता सूची में गड़बड़ी की 'साजिश' रच रही है।
उन्होंने बताया कि सपा ने प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों से आंकड़े जुटाकर चुनाव आयोग को सौंपे हैं, जिनमें एक ही युवक के नाम पर अलग-अलग स्थानों पर मतदाता पहचान दर्ज होने का मामला कथित तौर पर सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली चूक नहीं, बल्कि 'खोटी गलती' है जिससे फर्जी मतदान की आशंका पैदा होती है।
SSR बनाम SIR — दोहरी प्रक्रिया पर सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से यह भी पूछा कि यदि SSR कराया जा रहा है तो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का क्या औचित्य रह जाता है। उनका तर्क था कि दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ चलाना न केवल अनावश्यक है, बल्कि इससे भ्रम और संभावित हेरफेर की स्थिति बनती है।
उन्होंने SIR के दौरान 20 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौत का दावा करते हुए जवाबदेही तय करने की माँग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का विरोध करती है।
भाजपा के पारंपरिक वोटर वर्ग में नाराजगी का दावा
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि महंगाई और भ्रष्टाचार से मध्यम वर्ग परेशान है, जबकि युवाओं और महिलाओं में भी सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने NEET जैसी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा कि इससे युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि चंदा चोरी और धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों से सनातनी मतदाता भी भाजपा से दूर हो रहे हैं। उनके अनुसार जेन-जी, जेन-अल्फा और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच भी असंतोष बढ़ रहा है।
पार्टी में नए नेताओं का प्रवेश और 2027 की तैयारी
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद राजपाल सैनी समेत अन्य नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि कश्यप, दलित और अन्य सामाजिक वर्गों के लोग बड़ी संख्या में सपा से जुड़ रहे हैं, जिससे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार और मजबूत होगा।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में अन्य दलों के विधायक भी सपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अभी तो ये शुरुआत है। ऐसे भी कई दल हैं, जो मोलभाव कर रहे हैं।' सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में किसान, गरीब और नौजवान मिलकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएंगे।