अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'फर्जी वोट है इनकी ताकत', 2027 यूपी चुनाव को बताया जीवन-मरण का संघर्ष
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित सपा प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ताओं की एक बड़ी बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि BJP फर्जी वोट को अपनी असली ताकत मानती है और वोटर लिस्ट में हेरफेर करना उसकी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को उन्होंने 'जीवन-मरण का चुनाव' करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पहुँचे कार्यकर्ताओं के समक्ष अखिलेश यादव ने मिशन-2027 का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता BJP के कुशासन से त्रस्त है — महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को अनुशासन बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी ऐसा आचरण न हो जिससे किसी को शिकायत का मौका मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP शासन में शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था ध्वस्त है, स्वास्थ्य सेवाएँ बदहाल हैं, कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और हर विभाग में भ्रष्टाचार व लूट जारी है। अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि गरीबों और असहायों की ज़मीनों पर कब्जे हो रहे हैं और पुलिस अवैध कार्यों में सत्तारूढ़ दल का साथ दे रही है।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान BJP ने सपा समर्थकों के वोट कटवाने की साजिश रची। उन्होंने दावा किया कि सपा कार्यकर्ताओं ने सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद और सरोजनी नगर, लखनऊ के दशरथ के नाम पर BJP द्वारा भरवाए गए कथित फर्जी फॉर्म-7 पकड़े थे।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद भी वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट मौजूद हैं और BJP लगातार पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक वर्ग के वोट काटने की कोशिश कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से तेज हो चुकी हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखे बयान
बैठक के बाद अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उन्होंने कहा, 'इलेक्शन कमीशन और भारतीय जनता पार्टी मिलकर भारत और भारत के नागरिकों को धोखा दे रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'आज समाजवादी, पीडीए परिवार लगातार बढ़ता चला जा रहा है। जहाँ पीड़ा, दुख, अपमान बढ़ रहा है उतना ही पीडीए परिवार बढ़ता जा रहा है। पीडीए आगे बढ़ेगा, रोकने वाले रोक नहीं पाएंगे।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सपा ने चुनाव आयोग पर ऐसे आरोप लगाए हों — 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की शिकायतें उठाई थीं।
बूथ प्रबंधन और चुनावी तैयारी
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को 2027 चुनाव में बूथ स्तर पर सतर्क रहने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव वोट के अधिकार को बचाने का चुनाव है। उनके अनुसार, 'अगर BJP की फिर सरकार आ गई तो वह बुलडोजर पर सवार रहेगी।'
उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शी व्यवस्था और बिगड़े तंत्र को सुधारने के लिए सपा सरकार का गठन अनिवार्य है। BJP को सत्ता से हटाना ही संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का एकमात्र रास्ता है।
आगे क्या
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी करीब डेढ़ वर्ष का समय बचा है, लेकिन सपा ने जमीनी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठबंधन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। आने वाले हफ्तों में और जिला-स्तरीय बैठकें प्रस्तावित हैं।