यूपी एमएलसी चुनाव: कांग्रेस-सपा को 6 से अधिक सीटों का भरोसा, भाजपा पर 'वोट फिक्सिंग' के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव की 11 सीटों पर मतगणना के बीच कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में अपने-अपने गठबंधन के अच्छे प्रदर्शन का दावा किया। दोनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'वोट फिक्सिंग' और चुनावी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए।
मतगणना और चुनावी आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि आगरा में मतपत्रों को लूटने और प्रत्याशी के साथ कथित बदतमीज़ी से स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने मनमानी की। उन्होंने दावा किया कि 'भाजपा की बेईमानी के बावजूद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में इंडी गठबंधन को बढ़त मिलेगी।' लखनऊ में 'वोट फिक्सिंग' के आरोपों पर राजपूत ने कहा कि इंडी गठबंधन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में, वोट चोरी के खिलाफ लड़ रहा है।
गौरतलब है कि यह एमएलसी चुनाव उत्तर प्रदेश में ग्रेजुएट और टीचर, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करता है, जो परंपरागत रूप से शिक्षित मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण मंच माने जाते हैं।
सपा का 2020 का रिकॉर्ड तोड़ने का दावा
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 6 से अधिक सीटें जीतेगी और 2020 का अपना पिछला प्रदर्शन रिकॉर्ड तोड़ देगी। वर्मा ने कहा, 'हमारे कार्यकर्ताओं में उत्साह और भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा से यह साफ है कि हम सही रास्ते पर हैं। समाजवादी पार्टी ग्रेजुएट और टीचर, दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करेगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पहले से शुरू हो चुकी हैं और यह एमएलसी चुनाव राजनीतिक दलों के लिए 'सेमीफाइनल' की तरह देखा जा रहा है।
योगी कैबिनेट बैठक पर सपा का निशाना
योगी सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक पर आशुतोष वर्मा ने कहा कि 'चुनावी वर्ष की बैठकें सिर्फ जुमला होती हैं' और कुछ दिनों बाद आचार संहिता लागू हो जाने से कोई भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दौरान किए वादे पूरे नहीं करती।
मताधिकार और एसआईआर पर विवाद
कांग्रेस प्रवक्ता राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें एसआईआर (SIR) के माध्यम से मताधिकार का हक छीन रही हैं, जिसे उन्होंने देश की 140 करोड़ जनता की अस्मिता पर हमला बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सुधार की माँग की और कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या होगा
मतगणना की प्रक्रिया जारी है और 11 सीटों के नतीजे स्थिति को और स्पष्ट करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिणामों का असर 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर पड़ेगा। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।