यूपी एमएलसी चुनाव 2026: भाजपा ने किया सभी 11 सीटें जीतने का दावा, वोटिंग जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर 2026 को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 6 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 5 सीटों समेत कुल 11 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर मतदान जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दावा किया है कि पार्टी सभी 11 की 11 सीटें जीतेगी। मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और प्रदेशभर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमारे सभी संगठनात्मक कार्यकर्ताओं व प्रतिनिधियों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्वक हो रहा है और जिस तरह के रुझान सामने आ रहे हैं, उससे 11 की 11 सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित है।' उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी पुष्टि की कि पार्टी ने सभी 11 घोषित प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं और कार्यकर्ता मतदाताओं से सीधे संपर्क में रहे हैं।
भाजपा मंत्रियों की प्रतिक्रिया
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को अपनी हार का अहसास हो चुका है और वह पराजय से पहले ही बहाने तलाश रही है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की निगरानी में चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा रहा है और मतदाता अपनी रुचि के अनुसार प्रत्याशियों को वोट दे रहे हैं।
मंत्री नितिन अग्रवाल ने लखनऊ खंड के राजकीय इंटर कॉलेज, हरदोई मतदान केंद्र पर वोट डाला और कहा कि नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों को मतदाता इस चुनाव में अपनी मुहर से स्वीकृति दे रहे हैं।
जौनपुर से विद्यासागर सोनकर का बयान
जौनपुर में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद विद्यासागर सोनकर ने मतदान किया और कहा कि वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण है, किसी पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एआई के जमाने में कोई भी वीडियो-ऑडियो जारी कर देता है और विपक्ष को यह बताना चाहिए कि दबाव वास्तव में कहाँ हो रहा है। सोनकर ने यह भी जोड़ा कि आने वाले दिनों में जौनपुर में भाजपा की सीटें बढ़ेंगी और प्रदेश में तीसरी बार प्रचंड बहुमत से भाजपा सरकार बनेगी।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन का भरोसा
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी भरोसा जताया कि यूपी एमएलसी चुनाव में पार्टी के सभी उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे। गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के ये चुनाव प्रत्यक्ष मतदाताओं द्वारा नहीं, बल्कि संबंधित पंजीकृत मतदाता वर्ग — यानी शिक्षकों और स्नातकों — द्वारा लड़े जाते हैं, जो इन्हें विधानसभा चुनावों से अलग बनाता है।
क्या होगा आगे
मतगणना की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन परिणाम यह तय करेंगे कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बहुमत का समीकरण किस दिशा में जाता है। यह चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीतिक नब्ज़ परखने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।