यूपी MLC चुनाव 2026: भूपेंद्र सिंह चौधरी का दावा — BJP सभी 11 शिक्षक-स्नातक सीटें जीतेगी, सपा कहीं नहीं दिखेगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 18 अक्टूबर 2026 को मुरादाबाद में दावा किया कि 23 अक्टूबर को होने वाले स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी 11 सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इस चुनाव में सपा कहीं नज़र भी नहीं आएगी।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान होगा और BJP ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में और शिक्षा की बेहतरी के लिए काम हुआ है, हम उसी एजेंडे को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार BJP सभी 11 सीटें जीतेगी।'
योगी सरकार की उपलब्धियों का हवाला
चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों को BJP की जीत की बुनियाद बताया। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने शिक्षकों के हित में कई अहम निर्णय लिए हैं और 10 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव के सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। युवाओं को रोज़गार और स्वरोज़गार से जोड़ने के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं।
सपा और कांग्रेस पर निशाना
मंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों का एजेंडा समाज में अनिश्चितता और अराजकता फैलाना है। उनका आरोप था कि ये पार्टियाँ लोगों को गुमराह कर जातीय द्वंद्व पैदा करती हैं और देश के विकास के लिए उनके पास कोई ठोस कार्यक्रम नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन सरकार' को विफल करार दिया था।
डबल इंजन पर पलटवार
अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा कि BJP एक सुव्यवस्थित प्रणाली के तहत काम करती है और पार्टी की अपनी संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने संघीय ढाँचे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि केंद्र सरकार राज्यों को साथ लेकर चले और BJP उसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है।
क्या होगा आगे
23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के बाद ये चुनाव परिणाम उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा का एक और संकेत देंगे। गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक MLC सीटें पारंपरिक रूप से सत्तारूढ़ दल के प्रभाव का पैमाना मानी जाती हैं। इन चुनावों के नतीजे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी राजनीतिक संदेश देंगे।