यूपी एमएलसी चुनाव 2026: 11 सीटों में से 7 के नतीजे घोषित, भाजपा आगे — सपा ने उठाए धांधली के सवाल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों पर मतगणना के दूसरे दिन बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 तक सात सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बहुमत सीटें जीती हैं जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी अहम सीटों पर सेंध लगाई है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन परिणामों को प्रदेश की सियासी दिशा का प्रारंभिक संकेत माना जा रहा है।
मतगणना का क्रम और व्यवस्था
23 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था, जिसमें कुल 152 प्रत्याशी मैदान में थे। राज्य के सात मतगणना केंद्रों पर मंगलवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई गिनती बुधवार को भी जारी रही। मतगणना सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न कराई जा रही है।
घोषित परिणाम: भाजपा की बढ़त
अब तक घोषित नतीजों में भाजपा ने मेरठ की दोनों सीटों — मेरठ स्नातक (विजेता: दिनेश गोयल) और मेरठ शिक्षक (विजेता: श्रीचंद शर्मा) — के साथ लखनऊ शिक्षक और बरेली शिक्षक सीटें जीती हैं। लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की, सपा के सुशील कुमार को पीछे छोड़ते हुए। बरेली शिक्षक सीट पर भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों विजयी रहे।
वहीं आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को हराया। रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप ने बुधवार सुबह उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा उम्मीदवार तेजी से बढ़त बनाए हुए हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद में रोचक मुकाबला
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना अंतिम चरण में है और मुकाबला काँटे का बना हुआ है। गिनती में तेज़ी लाने के लिए दूसरी वरीयता के मतों की गिनती एक के बजाय तीन टेबल पर एक साथ कराने की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रत्येक प्रत्याशी की ओर से मतगणना टेबल के पास केवल एक कार्यकर्ता को उपस्थित रहने की अनुमति दी जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया है, हालाँकि पार्टी को कुछ और सीटें जीतने की उम्मीद थी। उन्होंने स्वीकार किया कि सपा का उन स्थानों पर भी खाता खुला है जहाँ भाजपा को जीत की अपेक्षा थी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चार सीटों पर भाजपा जीत चुकी है और पूर्वांचल की सीटों पर भी सफलता की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे बेहतर चुनाव प्रबंधन की जीत बताया।
सपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के ज़रिए वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि भाजपा समर्थक मतगणना स्थल के भीतर जाकर प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं और राउंड पूरा होने के बाद न तो नतीजे घोषित किए जा रहे हैं और न ही आँकड़े प्रदर्शित किए जा रहे हैं। सपा ने चुनाव आयोग (ECI) से हस्तक्षेप की माँग की है।
इन आरोपों पर राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव हार के बाद हमेशा धांधली के आरोप लगाते हैं और उन्हें जनादेश स्वीकार कर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी चाहिए।
अखिलेश और शिवपाल की अपील
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों को बधाई देते हुए उनसे जीत के बाद जुलूस और हुड़दंग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा सपा की छवि खराब करने के लिए ऐसे जुलूसों में हंगामा कराने की साजिश कर सकती है। सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने इसे 'समाजवादी विजय का शंखनाद' बताते हुए कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक परिणाम की तैयारी है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियाँ 2027 की महाभारत से पहले अपनी ज़मीन परखने में जुटी हैं। शेष सीटों पर मतगणना पूरी होने के बाद ही इन एमएलसी चुनावों की अंतिम तस्वीर और उसके सियासी निहितार्थ स्पष्ट हो सकेंगे।