यूपी एमएलसी चुनाव 2026: 55.24% मतदान, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर सर्वाधिक 79.01% वोटिंग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों — पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — के लिए 23 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान में कुल 55.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना वोट डाला। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जबकि लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 38.02 प्रतिशत मत पड़े। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान का ब्यौरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का क्रम इस प्रकार रहा — गोरखपुर-फैजाबाद 79.01%, बरेली-मुरादाबाद 73.69%, वाराणसी 68.21%, आगरा 63.84%, मेरठ 60.80% और लखनऊ 50.92%। पाँच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा सबसे आगे रहा, जहाँ 51 प्रतिशत मतदान हुआ। इलाहाबाद-झांसी में 41.40%, वाराणसी में 41.01%, मेरठ में 39.81% और लखनऊ में 38.02% मतदान दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में समग्र मतदान स्नातक सीटों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक रहा, जो इन वर्गों की सांगठनिक सक्रियता को दर्शाता है।
मतदान प्रक्रिया और व्यवस्था
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, उन्नाव, कानपुर और कानपुर देहात को छोड़कर शेष 72 जिलों में मतदान सम्पन्न हुआ। इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह मतपत्रों का उपयोग किया गया — विधान परिषद चुनावों में यह सामान्य प्रक्रिया है। मतदान सुबह आठ बजे प्रारंभ हुआ।
लखनऊ में 259 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जहाँ 1,16,491 पंजीकृत मतदाता वोट देने के पात्र थे। गौतमबुद्ध नगर में मेरठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 13 केंद्रों पर 42 बूथ बनाए गए थे। जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम के अनुसार, जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 12,754 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 13,104 मतदाता पंजीकृत हैं।
झड़प और विवाद की घटनाएँ
मतदान के दौरान गोरखपुर और फतेहपुर में BJP और सपा समर्थकों के बीच झड़प की घटनाएँ सामने आईं। गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज में दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आए और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की सूचना है।
फतेहपुर जिले के विजयीपुर ब्लॉक में सुबह करीब 10 बजे एक मतदान केंद्र के बाहर कथित तौर पर जबरन मतदान कराने के आरोपों को लेकर दोनों दलों के समर्थकों में हाथापाई हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, हालाँकि जबरन मतदान कराने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल
जालौन जिले में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई स्थित जिला परिषद कार्यालय के मतदान केंद्र संख्या 217 पर इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने दावा किया कि BJP सभी 11 सीटों पर विजय प्राप्त करेगी।
मतदान के दौरान लखनऊ, बलिया और सीतापुर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाते हुए विवादास्पद होर्डिंग लगाए जाने का मामला भी सामने आया। कुछ होर्डिंग में अखिलेश यादव को मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद और जेल में बंद सपा नेता आज़म खान के साथ दर्शाया गया था।
मतगणना और आगे की राह
सभी 11 सीटों की मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी। यह चुनाव इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले BJP और सपा की जनाधार स्थिति का एक अहम परीक्षण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों दल अगले बड़े चुनावी मुकाबले के लिए अपनी-अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं।