29 अक्टूबर 2026
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यूपी एमएलसी चुनाव 2026: भाजपा को 6, सपा को 5 सीटें; वाराणसी में भाजपा की दोनों सीटें गईं

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यूपी एमएलसी चुनाव 2026: भाजपा को 6, सपा को 5 सीटें; वाराणसी में भाजपा की दोनों सीटें गईं

सारांश

यूपी एमएलसी चुनाव 2026 में BJP की संख्या बल तो बनी रही — 6 सीटें — लेकिन असली खबर वाराणसी और लखनऊ की हार है। प्रधानमंत्री मोदी की काशी में दोनों सीटें गँवाना सपा के लिए प्रतीकात्मक बड़ी जीत है, जो अगले विधानसभा चुनाव से पहले शहरी मतदाताओं में बदलते समीकरण का संकेत देती है।

मुख्य बातें

29 अक्टूबर 2026 को घोषित यूपी एमएलसी के 11 सीटों के नतीजों में BJP को 6 और सपा को 5 सीटें मिलीं।
वाराणसी में BJP स्नातक और शिक्षक — दोनों सीटें हारी; सपा के आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव विजयी।
लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने BJP के अवनीश कुमार सिंह को 17,127 मतों के अंतर से हराया।
10 मौजूदा विधान परिषद सदस्यों ने अपनी सीट बनाए रखी; कोई निर्दलीय नहीं जीता।
मतगणना के दौरान एक स्थान पर गणना रोकी गई; सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की चेतावनी के बाद करीब 4 घंटे बाद प्रक्रिया फिर शुरू हुई।
गोरखपुर-फैज़ाबाद शिक्षक सीट पर BJP मात्र 2,210 मतों के करीबी अंतर से जीती।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के 11 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव-2026 के नतीजे 29 अक्टूबर 2026 को घोषित हुए, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 सीटें जीतीं और समाजवादी पार्टी (सपा) ने 5 सीटें हासिल कीं। सबसे बड़ा झटका BJP को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगा, जहाँ पार्टी स्नातक और शिक्षक — दोनों सीटें हार गई।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हुई मतगणना के बाद सभी 11 परिणाम घोषित किए गए। इस बार कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी जीत नहीं सका, जबकि पिछले चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने सफलता पाई थी। कुल 10 मौजूदा सदस्य अपनी सीट बचाने में सफल रहे; एकमात्र अपवाद लखनऊ स्नातक सीट रही, जहाँ BJP के मौजूदा सदस्य अवनीश कुमार सिंह को शिकस्त का सामना करना पड़ा।

बड़ा उलटफेर — लखनऊ और वाराणसी

लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की कांति सिंह ने 56,905 मत प्राप्त कर BJP के अवनीश कुमार सिंह को पराजित किया, जिन्हें 39,778 मत मिले। 17,127 मतों के इस अंतर को इस चुनाव का सबसे चर्चित नतीजा माना जा रहा है।

वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा ने 55,046 मत पाकर BJP के केदारनाथ सिंह (35,114 मत) को हराया। वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने 11,612 मत से जीत दर्ज की, जबकि BJP के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र को 6,597 मत मिले। यह ऐसे समय में आया है जब वाराणसी को BJP का गढ़ माना जाता है।

सीट-दर-सीट परिणाम

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: मेरठ से BJP के दिनेश कुमार गोयल (24,929 मत) ने सपा के प्रमेन्द्र सिंह भाटी (12,073 मत) को हराया। आगरा से BJP के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (42,743 मत) ने सपा के शशांक यादव उर्फ शीटू (27,734 मत) को पराजित किया। इलाहाबाद-झाँसी से सपा के डॉ. मान सिंह यादव (60,358 मत) ने BJP के अशोक कुमार राठौर (32,695 मत) को हराया।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: लखनऊ से BJP के उमेश द्विवेदी (13,179 मत) ने सपा के सुशील कुमार (8,371 मत) को हराया। आगरा से सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल (14,046 मत) ने BJP के हरि किशोर तिवारी (9,783 मत) को पराजित किया। मेरठ से BJP के श्रीचंद शर्मा (18,099 मत) ने सपा के डॉ. नितिन तोमर (4,858 मत) को हराया। बरेली-मुरादाबाद से BJP के डॉ. हरी सिंह ढिल्लो (21,672 मत) ने सपा के हाजी दानिश अख्तर (3,996 मत) को पराजित किया। गोरखपुर-फैज़ाबाद शिक्षक सीट पर BJP के ध्रुव कुमार त्रिपाठी (16,790 मत) ने निर्दलीय राजीव यादव (14,580 मत) को करीबी मुकाबले में हराया।

मतगणना विवाद और सपा की चेतावनी

मतगणना के दौरान एक स्थान पर गणना रोके जाने की खबर सामने आई, जिसे लेकर BJP ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की चेतावनी के करीब चार घंटे बाद मतगणना दोबारा शुरू कराई गई। अंततः सभी 11 सीटों के परिणाम घोषित होने के साथ चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई।

राजनीतिक असर और आगे की राह

गौरतलब है कि वाराणसी में BJP की दोहरी हार और लखनऊ जैसी प्रतिष्ठित सीट का जाना यह संकेत देता है कि सपा ने शहरी और शिक्षित मतदाताओं के बीच अपनी पहुँच बढ़ाई है। गोरखपुर-फैज़ाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र से जुड़ी सीट पर BJP की जीत का अंतर मात्र 2,210 मत रहा, जो इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करता है। अगले विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को दोनों दलों के लिए जनमत का आईना माना जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

BJP ने छह सीटें बनाए रखीं और संख्या बल में आगे है, इसलिए इसे पूर्ण राजनीतिक पराजय कहना अतिशयोक्ति होगी। असली सवाल यह है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की यह गति टिकाऊ है — या यह स्थानीय प्रत्याशी-आधारित उलटफेर मात्र है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एमएलसी चुनाव 2026 में किसे कितनी सीटें मिलीं?
29 अक्टूबर 2026 को घोषित नतीजों में BJP को 6 और सपा को 5 सीटें मिलीं। 11 सीटों पर हुए इस द्विवार्षिक चुनाव में कोई निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जीता।
वाराणसी में BJP क्यों हारी?
वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा ने 55,046 मतों से BJP के केदारनाथ सिंह (35,114 मत) को हराया। वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव 11,612 मतों से विजयी रहे। दोनों सीटों पर सपा की मज़बूत पकड़ और BJP प्रत्याशियों की कमज़ोर उपस्थिति को हार की मुख्य वजह माना जा रहा है।
लखनऊ स्नातक सीट पर क्या हुआ?
सपा की कांति सिंह ने 56,905 मत पाकर BJP के मौजूदा सदस्य अवनीश कुमार सिंह (39,778 मत) को 17,127 मतों के अंतर से पराजित किया। यह इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर रहा।
मतगणना के दौरान विवाद क्यों हुआ?
मतगणना प्रक्रिया के बीच एक स्थान पर गिनती रोके जाने की खबर आई, जिस पर BJP ने आपत्ति जताई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की चेतावनी के करीब चार घंटे बाद मतगणना दोबारा शुरू कराई गई और अंततः सभी 11 परिणाम घोषित हुए।
इन नतीजों का यूपी की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
वाराणसी और लखनऊ जैसी सीटों पर सपा की जीत 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शहरी और शिक्षित मतदाताओं में बदलते रुझान का संकेत है। BJP ने बहुमत बनाए रखा, लेकिन गोरखपुर-फैज़ाबाद जैसी सीट पर मात्र 2,210 मतों का अंतर पार्टी के लिए चेतावनी की घंटी माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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