22 अक्टूबर 2026
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इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव: मतदाता सूची में 4,000 डुप्लीकेट प्रविष्टियों का आरोप, भाजपा ने सपा पर लगाया वोट चोरी का इल्ज़ाम

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इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव: मतदाता सूची में 4,000 डुप्लीकेट प्रविष्टियों का आरोप, भाजपा ने सपा पर लगाया वोट चोरी का इल्ज़ाम

सारांश

23 अक्टूबर के इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने सपा पर बड़ा हमला बोला है — मतदाता सूची में 4,000 से अधिक डुप्लीकेट प्रविष्टियों के साक्ष्य लेकर जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के दरवाज़े खटखटाए। यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जंग का ताज़ा मोर्चा है।

मुख्य बातें

भाजपा एमएलसी अनूप गुप्ता ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में 4,000 से अधिक डुप्लीकेट प्रविष्टियों का आरोप लगाया।
प्रयागराज जनपद में अकेले 3,200 डुप्लीकेट नाम होने का दावा, कुछ नाम सात बार तक दर्ज बताए गए।
भाजपा ने साक्ष्य सहित शिकायत जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को सौंपी।
राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा ने बीएलओ की मिलीभगत से गड़बड़ी का आरोप लगाया।
भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने फर्जी मतदाताओं की गिरफ्तारी और मतदान से वंचित करने की माँग की।
मतदान 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित; सपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एमएलसी अनूप गुप्ता ने दावा किया है कि मतदाता सूची में 4,000 से अधिक डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ हैं, जिनमें से 3,200 प्रयागराज जनपद में ही दर्ज हैं। भाजपा ने इन आरोपों के साथ साक्ष्य जिलाधिकारी को सौंपे हैं और समाजवादी पार्टी (सपा) पर संगठित वोट चोरी की साज़िश का इल्ज़ाम लगाया है।

मुख्य आरोप और साक्ष्य

भाजपा के एमएलसी चुनाव प्रभारी अनूप गुप्ता ने बताया कि उनकी पार्टी ने बूथ संख्या और मतदान केंद्र सहित पूरी सूची तैयार कर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी द्वारा अपने समर्थक मतदाताओं के लगभग 3,000 से अधिक नाम प्रयागराज जनपद में ही अकेले दर्ज कराए गए हैं, जो एक से अधिक बार दर्ज हैं।' यह सूची पुलिस आयुक्त को भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

कानूनी पहलू

गुप्ता ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 का हवाला देते हुए कहा कि एक से अधिक बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और एक से अधिक बार मतदान का प्रयास करना कानूनन अपराध है, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। उन्होंने माँग की कि ऐसे लोगों को मतदान से वंचित किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

सांसद और विधायक का बयान

राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मत दर्ज कराने के लिए न्यूनतम शैक्षिक प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होता है। उनके अनुसार, जिन प्रविष्टियों में नाम और अन्य विवरण एक जैसे हैं, उनसे स्पष्ट होता है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से मिलीभगत से यह काम किया गया है। उन्होंने इसे वोट चोरी का प्रमाण बताया।

भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दावा किया कि प्रयागराज में लगभग 3,200 नाम ऐसे हैं जो दो बार नहीं, बल्कि चार बार, पाँच बार, यहाँ तक कि सात बार दर्ज हैं और उनके पिता का नाम भी एक ही है। उन्होंने जिला प्रशासन से माँग की कि ऐसे मतदाताओं को मतदान न करने दिया जाए और पुलिस कमिश्नर के माध्यम से इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

भाजपा की माँग

भाजपा प्रतिनिधिमंडल — जिसमें सांसद राधाकांत ओझा, एमएलसी अनूप गुप्ता, दीपक पटेल और महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता शामिल रहे — ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराने की माँग रखी। साथ ही पुलिस कमिश्नर से भी फर्जी मतदाताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपील की गई।

आगे क्या

यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है। अभी तक सपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग (ECI) की जाँच और प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं, और 23 अक्टूबर के मतदान से पहले यह मामला और गहरा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो चुनाव आयोग और प्रशासन 23 अक्टूबर से पहले कितनी तेज़ी से कार्रवाई करते हैं। गौरतलब है कि बीएलओ प्रणाली के माध्यम से मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप एक प्रशासनिक विफलता की ओर भी इशारा करता है, जिसे किसी एक दल पर दोष मढ़ने से परे देखा जाना चाहिए। सपा का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, इसलिए फिलहाल यह एकतरफा आरोप ही है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव में वोटर लिस्ट गड़बड़ी का मामला क्या है?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में 4,000 से अधिक डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ हैं, जिनमें से 3,200 अकेले प्रयागराज में हैं। पार्टी ने इसे सपा की संगठित वोट चोरी की कोशिश बताया है।
भाजपा ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बूथ संख्या और मतदान केंद्र सहित डुप्लीकेट नामों की सूची तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी है और पुलिस आयुक्त को भी सौंपने की बात कही है। साथ ही फर्जी मतदाताओं को मतदान से रोकने और उनकी गिरफ्तारी की माँग की गई है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत डुप्लीकेट वोटर रजिस्ट्रेशन पर क्या सज़ा है?
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार एक से अधिक बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और एक से अधिक बार मतदान का प्रयास करना अपराध है, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव कब है?
यह चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। मतदाता सूची विवाद इस चुनाव से ठीक पहले उठा है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
क्या सपा ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अब तक समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग की जाँच का इंतज़ार है।
राष्ट्र प्रेस
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