इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव: मतदाता सूची में 4,000 डुप्लीकेट प्रविष्टियों का आरोप, भाजपा ने सपा पर लगाया वोट चोरी का इल्ज़ाम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एमएलसी अनूप गुप्ता ने दावा किया है कि मतदाता सूची में 4,000 से अधिक डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ हैं, जिनमें से 3,200 प्रयागराज जनपद में ही दर्ज हैं। भाजपा ने इन आरोपों के साथ साक्ष्य जिलाधिकारी को सौंपे हैं और समाजवादी पार्टी (सपा) पर संगठित वोट चोरी की साज़िश का इल्ज़ाम लगाया है।
मुख्य आरोप और साक्ष्य
भाजपा के एमएलसी चुनाव प्रभारी अनूप गुप्ता ने बताया कि उनकी पार्टी ने बूथ संख्या और मतदान केंद्र सहित पूरी सूची तैयार कर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी द्वारा अपने समर्थक मतदाताओं के लगभग 3,000 से अधिक नाम प्रयागराज जनपद में ही अकेले दर्ज कराए गए हैं, जो एक से अधिक बार दर्ज हैं।' यह सूची पुलिस आयुक्त को भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
कानूनी पहलू
गुप्ता ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 का हवाला देते हुए कहा कि एक से अधिक बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और एक से अधिक बार मतदान का प्रयास करना कानूनन अपराध है, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। उन्होंने माँग की कि ऐसे लोगों को मतदान से वंचित किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
सांसद और विधायक का बयान
राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मत दर्ज कराने के लिए न्यूनतम शैक्षिक प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होता है। उनके अनुसार, जिन प्रविष्टियों में नाम और अन्य विवरण एक जैसे हैं, उनसे स्पष्ट होता है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से मिलीभगत से यह काम किया गया है। उन्होंने इसे वोट चोरी का प्रमाण बताया।
भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दावा किया कि प्रयागराज में लगभग 3,200 नाम ऐसे हैं जो दो बार नहीं, बल्कि चार बार, पाँच बार, यहाँ तक कि सात बार दर्ज हैं और उनके पिता का नाम भी एक ही है। उन्होंने जिला प्रशासन से माँग की कि ऐसे मतदाताओं को मतदान न करने दिया जाए और पुलिस कमिश्नर के माध्यम से इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
भाजपा की माँग
भाजपा प्रतिनिधिमंडल — जिसमें सांसद राधाकांत ओझा, एमएलसी अनूप गुप्ता, दीपक पटेल और महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता शामिल रहे — ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराने की माँग रखी। साथ ही पुलिस कमिश्नर से भी फर्जी मतदाताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपील की गई।
आगे क्या
यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है। अभी तक सपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग (ECI) की जाँच और प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं, और 23 अक्टूबर के मतदान से पहले यह मामला और गहरा सकता है।