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बुलंदशहर वोटर लिस्ट विवाद: एक नाम पर 4 वोटर कार्ड, सपा का 20-25 हजार फर्जी वोटों का दावा

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बुलंदशहर वोटर लिस्ट विवाद: एक नाम पर 4 वोटर कार्ड, सपा का 20-25 हजार फर्जी वोटों का दावा

सारांश

बुलंदशहर में एक ही व्यक्ति के नाम पर चार वोटर कार्ड — सपा का यह दावा महज़ स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पूरी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल है। पार्टी ने 20-25 हजार डुप्लीकेट एंट्रीज़ का आरोप लगाते हुए बूथ-स्तरीय सत्यापन और मुकदमे की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

सपा ने 23 मई को बुलंदशहर की मतदाता सूची में 20 से 25 हजार फर्जी वोटर एंट्रीज़ का आरोप लगाया।
शिकारपुर विधानसभा में एक ही व्यक्ति — राहुल कुमार, पिता राजेंद्र सिंह — के नाम पर 4 अलग-अलग बूथों पर वोटर कार्ड दर्ज पाए गए।
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली और प्रदेश सचिव गजराज सिंह नागर ने निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
पार्टी ने 3-4 दिनों में विधानसभा-वार विस्तृत आँकड़े जारी करने और जिला निर्वाचन अधिकारी को फर्जी सूची की पीडीएफ सौंपने की घोषणा की।
गड़बड़ी न सुधरने पर बीएलओ और सुपरवाइज़र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने 23 मई को आरोप लगाया कि बुलंदशहर जिले की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है — जिसमें एक ही व्यक्ति के नाम पर चार-चार वोटर कार्ड बनाए जाने और जिले भर में 20 से 25 हजार डुप्लीकेट वोटर एंट्रीज़ मिलने का दावा किया गया है। पार्टी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर फर्जी वोटर लिस्ट की पीडीएफ सौंपने की घोषणा की है।

मुख्य आरोप: एक नाम, चार बूथ

सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली ने प्रेस वार्ता में एक ठोस उदाहरण पेश किया। उनके अनुसार, शिकारपुर विधानसभा के बूथ नंबर 179, क्रमांक 428 पर दर्ज राहुल कुमार (29 वर्ष), पिता राजेंद्र सिंह, निवासी हाउस नंबर 72 — ठीक यही नाम, यही पिता का नाम और यही उम्र बूथ नंबर 332, 347 और 381 पर भी दर्ज है। अली ने कहा, 'यह इत्तेफाक नहीं हो सकता।'

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के दौरान पारदर्शिता का दावा किया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है।

प्रदेश स्तर पर गड़बड़ी का दावा

सपा प्रदेश सचिव गजराज सिंह नागर ने कहा कि यह समस्या केवल बुलंदशहर तक सीमित नहीं है — पूरे प्रदेश की हर विधानसभा में ऐसी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 3 से 4 दिनों में विधानसभा-वार विस्तृत आँकड़े जारी किए जाएँगे।

नागर ने कहा, 'इस बार हम वोटर लिस्ट का पूरा पर्दाफाश करेंगे और एक-एक फर्जी वोट को सही करवाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे।'

सपा की कार्रवाई की चेतावनी

मतलूब अली ने स्पष्ट किया कि यदि गड़बड़ियाँ नहीं सुधारी गईं तो पार्टी अपने ब्लॉक अध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ बूथ स्तर पर सत्यापन अभियान चलाएगी। जहाँ धांधली मिलेगी, वहाँ बीएलओ और सुपरवाइज़र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

पार्टी ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष भी उठाएँगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए हर कानूनी विकल्प अपनाएँगे।

निर्वाचन आयोग और प्रशासन की भूमिका

सपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन और सरकार — तीनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि एसआईआर एक आधिकारिक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन रखना है। आलोचकों का कहना है कि यदि इसी प्रक्रिया में फर्जी प्रविष्टियाँ पाई जाती हैं, तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है।

अभी तक जिला निर्वाचन अधिकारी या चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

सपा ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में विधानसभा-वार डेटा सार्वजनिक किया जाएगा और जिला निर्वाचन अधिकारी को फर्जी सूचियों की पीडीएफ सौंपी जाएगी। यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच मतदाता सूची की विश्वसनीयता को केंद्र में ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक ही नाम, एक ही पिता, एक ही उम्र — चार अलग बूथों पर — यह तकनीकी चूक है या जानबूझकर की गई हेराफेरी, यह जाँच का विषय है। निर्वाचन आयोग की चुप्पी इस मामले में उसकी साख को और कमज़ोर करती है। मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव है — और इस नींव में दरार की जाँच निष्पक्ष और सार्वजनिक होनी चाहिए।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुलंदशहर वोटर लिस्ट विवाद क्या है?
सपा ने आरोप लगाया है कि बुलंदशहर जिले की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 20 से 25 हजार फर्जी वोटर एंट्रीज़ पाई गई हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर चार-चार वोटर कार्ड शामिल हैं। पार्टी ने 23 मई को प्रेस वार्ता कर निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
सपा ने फर्जी वोटर कार्ड का कौन-सा उदाहरण पेश किया?
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली के अनुसार, शिकारपुर विधानसभा में राहुल कुमार (29 वर्ष), पिता राजेंद्र सिंह, हाउस नंबर 72 — यह पूरी पहचान बूथ नंबर 179, 332, 347 और 381 पर एक साथ दर्ज है। पार्टी का कहना है कि यह इत्तेफाक नहीं हो सकता।
सपा इस मामले में आगे क्या करेगी?
पार्टी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को फर्जी वोटर लिस्ट की पीडीएफ सौंपने और 3-4 दिनों में विधानसभा-वार विस्तृत आँकड़े जारी करने की घोषणा की है। गड़बड़ी न सुधरने पर बूथ-स्तरीय सत्यापन और बीएलओ व सुपरवाइज़र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।
क्या यह समस्या सिर्फ बुलंदशहर तक सीमित है?
सपा प्रदेश सचिव गजराज सिंह नागर के अनुसार, यह समस्या केवल बुलंदशहर तक सीमित नहीं है — पूरे उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा में ऐसी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। पार्टी की टीमें प्रदेश भर में सक्रिय हैं और जल्द ही व्यापक आँकड़े जारी करने का दावा किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक निर्वाचन आयोग या जिला प्रशासन की ओर से सपा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एसआईआर के दौरान आयोग ने पारदर्शिता का दावा किया था, लेकिन सपा का कहना है कि हकीकत इसके उलट है।
राष्ट्र प्रेस
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