यूपी MLC चुनाव 2026: मतदान के दौरान सपा ने 11 सीटों पर अनियमितताओं की शिकायत, ECI से हस्तक्षेप की माँग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों — पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान जारी रहा, जिसके बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने कई जिलों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग (ECI) से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। सपा ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने, अमिट स्याही न लगाए जाने, मतदाताओं पर दबाव बनाने और आचार संहिता के उल्लंघन सहित कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
मुख्य आरोप और प्रभावित क्षेत्र
सपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि लखनऊ की उत्तर विधानसभा के बूथ संख्या 186 पर सूची में नाम जुड़वाने वाले करीब 150 मतदाताओं में से लगभग 50 का नाम 'डिलीटेड' दिख रहा है, जिससे वे मतदान नहीं कर पा रहे। पार्टी ने चुनाव आयोग से पात्र मतदाताओं का अधिकार सुनिश्चित करने की माँग की है।
झाँसी की सदर विधानसभा के बूथ संख्या 260 पर मतदान के बाद मतदाताओं की उंगलियों पर अमिट स्याही न लगाने का आरोप लगाया गया, जिसे सपा ने दोबारा मतदान की संभावना के लिए ज़िम्मेदार बताया। जालौन की माधौगढ़ विधानसभा के बूथ संख्या 230 पर कुछ सरकारी कर्मचारियों पर मुस्लिम मतदाताओं से जबरन हस्ताक्षर कराने और उनकी इच्छा के विरुद्ध मतदान कराने का आरोप लगाया गया।
गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा के अर्थला स्थित कैलाशवती इंटर कॉलेज के बूथ संख्या 234, 235, 236 और 237 पर कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एजेंट 200 मीटर के दायरे के भीतर झंडे लगाकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे थे। औरैया की बिधूना विधानसभा में भी भाजपा नेताओं पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया गया।
नेताओं के बयान और गंभीर आरोप
मछलीशहर से सपा विधायक रागिनी सोनकर ने वाराणसी में मतदान के बाद आरोप लगाया कि जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) शिक्षकों को स्कूलों की मान्यता रद्द कराने और नौकरियाँ खत्म कराने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाला करार दिया। संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
फिरोजाबाद से सपा सांसद अक्षय यादव ने अपनी पत्नी डॉ. ऋचा के साथ सैफई में मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों से फर्जी मतदान की सूचनाएँ मिल रही हैं और भाजपा नेता मतदान केंद्रों के अंदर बैठकर पर्चियाँ जाँच रहे हैं। लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी कांति सिंह ने विजय नगर स्थित टेक्निकल इंटर कॉलेज में मतदान करने के बाद हरदोई के बालामऊ क्षेत्र में मतदाताओं को गुमराह किए जाने की बात कही।
मतदान का व्यापक परिदृश्य
इस द्विवार्षिक चुनाव में कुल 14,81,310 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। प्रदेशभर में 2,697 मतदान स्थल बनाए गए हैं और 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित था। सपा ने निजी स्कूलों की बसों से शिक्षकों को मतदान केंद्रों तक पहुँचाए जाने की सूचना भी दी और दावा किया कि ADM को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तनाव और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी और भाजपा मंडल प्रभारी आशीष गुप्ता के बीच मतदान केंद्र परिसर में नोकझोंक की सूचना मिली। सीतापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किनारे सपा-विरोधी पोस्टर लगाए जाने के बाद पार्टी नेताओं ने उन्हें हटा दिया।
दूसरी ओर, जालौन में जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने उरई के मतदान केंद्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने जिले में शांतिपूर्ण मतदान का दावा किया, जबकि पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था में किसी चूक न होने देने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव अप्रत्यक्ष मतदाता वर्गों के कारण पहले से ही संवेदनशील माने जाते हैं, जिनमें प्रभाव और दबाव की शिकायतें पिछले चुनावों में भी सामने आई थीं।