तमिलनाडु में TNIPC का गठन, 2036 तक $1.5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 7 नवंबर 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तमिलनाडु निवेश प्रोत्साहन आयोग (TNIPC) का गठन किया है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश प्रस्तावों को तेज़ी से ज़मीनी परियोजनाओं में बदलना और 2036 तक $1.5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करना है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने यह आयोग तमिलनाडु व्यापार सुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत गठित किया है, जो 3 नवंबर 2026 को लागू हुआ।
आयोग की संरचना और कार्यक्षेत्र
आयोग में उद्योग सचिव सदस्य-संयोजक के रूप में कार्य करेंगे। वित्त, उद्योग, ऊर्जा, पर्यावरण, राजस्व, आवास, शहरी विकास और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
इसके अलावा, एमएसएमई, कराधान, श्रम, कौशल विकास, जल संसाधन और नगरपालिका प्रशासन से जुड़े विभागों के प्रतिनिधि भी आयोग का हिस्सा होंगे। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी गाइडेंस तमिलनाडु के अधिकारी भी इसमें शामिल किए गए हैं।
प्रमुख उद्देश्य और प्राथमिकताएँ
नए आयोग का प्राथमिक कार्य निवेश प्रस्तावों का समन्वय करना, प्रशासनिक मंजूरियों में तेज़ी लाना और भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के तहत उभरने वाली परियोजनाओं को सुविधाजनक बनाना है।
सरकार ने स्वीकार किया है कि केवल निवेश प्रतिबद्धताएँ हासिल करना पर्याप्त नहीं है — जब तक प्रस्तावित परियोजनाएँ निर्धारित समय-सीमा में लागू नहीं होतीं, तब तक आर्थिक लक्ष्य अधूरे रहेंगे। आयोग का एक प्रमुख लक्ष्य भूमि आवंटन, बुनियादी ढाँचा विकास, बिजली, पानी की आपूर्ति और पर्यावरणीय मंजूरी के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है।
प्रवासी निवेश और निर्यात लक्ष्य
आयोग विश्व भर में फैले तमिल प्रवासियों से निवेश आकर्षित करने पर भी विशेष ध्यान देगा और राज्य को घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
तमिलनाडु ने 2026-27 के लिए $72 अरब का वस्तु निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि मौजूदा स्तर $59 अरब है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों के लिए जिला-विशिष्ट निर्यात लक्ष्य भी तय किए गए हैं, ताकि निर्माताओं, किसानों, उद्यमियों और छोटे व्यवसायों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
व्यापक आर्थिक संदर्भ
यह पहल ऐसे समय में आई है जब तमिलनाडु भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के नेटवर्क का लाभ उठाकर अपनी निर्यात अर्थव्यवस्था का विस्तार करने में जुटा है। गौरतलब है कि राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और वस्त्र क्षेत्रों में देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है।
TNIPC से उम्मीद है कि वह निवेश प्रस्तावों को सक्रिय औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने, रोज़गार सृजन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में राज्य की प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत करने के लिए एक ठोस प्रशासनिक ढाँचा प्रदान करेगा। आने वाले महीनों में आयोग की प्रभावशीलता ही तय करेगी कि $1.5 ट्रिलियन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य एक ठोस रोडमैप है या महज़ एक संख्या।