मोदी-विजय एक मंच पर: ₹13,000 करोड़ की परियोजनाएँ लॉन्च, कस्तूरी बोलीं — तमिलनाडु को मिलेगा बड़ा फायदा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में एक साझा मंच पर ₹13,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम को केंद्र-राज्य संघीय सहयोग के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, और भाजपा तथा तमिलनाडु विकास कांग्रेस (टीवीके) दोनों के नेताओं ने इसे राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।
कार्यक्रम का महत्व
चेन्नई में आयोजित इस बड़े समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय ने एक साथ मंचासीन होकर ₹13,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की। यह तमिलनाडु के संदर्भ में उल्लेखनीय है क्योंकि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार नहीं है, फिर भी केंद्र की ओर से प्रत्यक्ष भागीदारी दिखी। दोनों नेताओं के भाषणों में संघीय सहयोग और मिलकर काम करने की भावना परिलक्षित हुई।
कस्तूरी की प्रतिक्रिया: सहयोग की सराहना, बकाये पर सतर्कता
भाजपा नेता और अभिनेत्री कस्तूरी ने इस कार्यक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'तमिलनाडु बहुत भाग्यशाली है कि उसे ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो इस राज्य के मामलों में इतनी दिलचस्पी लेते हैं। दूसरी जगहों के उलट, तमिलनाडु में भाजपा की सरकार नहीं है, लेकिन हमें यहाँ प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत सहयोग और आशीर्वाद मिला है, जो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जोसेफ विजय, दोनों के भाषणों में साफ दिखा।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने राज्य और केंद्र के बीच संघीय सहयोग में अपना विश्वास स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।
हालाँकि, तमिलनाडु के बकाया फंड के मुद्दे पर कस्तूरी ने सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि कुछ बातों पर थोड़ा और विचार करने की जरूरत है। जैसे तमिलनाडु का बकाया पैसा। इसके अलग-अलग मतलब निकाले जा सकते हैं और मेरा मानना है कि किसी आँकड़े पर पहुँचने से पहले मुख्यमंत्री विजय को थोड़ी और जाँच-पड़ताल करनी चाहिए।'
टीवीके नेता की प्रतिक्रिया: विजय की कार्यशैली की तारीफ
टीवीके नेता और प्रवक्ता डॉ. एम. सत्यकुमार ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु के लोगों को मेरे नेता पर बहुत भरोसा है। इसलिए वह रोजाना काम कर रहे हैं और हम यह देख सकते हैं। यह पिछली सरकार जैसा नहीं है, जहाँ हमें निजी तौर पर जाकर प्रस्ताव माँगने पड़ते थे।' उन्होंने इस कार्यक्रम को 'बेहद सफल' करार दिया।
डॉ. सत्यकुमार ने परियोजनाओं के पैमाने की ओर ध्यान खींचते हुए कहा, 'यह एक बहुत ही सफल कार्यक्रम रहा, जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री एक मंच पर बैठकर लगभग ₹13,000 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत कर रहे थे। यह कोई छोटी रकम नहीं है, लेकिन तमिलनाडु के लिए यह काफी नहीं है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री विजय ने एक मजबूत राज्य के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की माँग रखी।
संघीय सहयोग का संदेश
गौरतलब है कि तमिलनाडु में विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की सरकार के समय केंद्र-राज्य संबंध अक्सर तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में टीवीके सरकार का केंद्र के साथ सहयोगात्मक रुख और इस कार्यक्रम में मोदी की भागीदारी राज्य की राजनीतिक दिशा में एक महत्त्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु वित्तीय बकाये और विशेष श्रेणी दर्जे के मुद्दों पर केंद्र से अतिरिक्त समर्थन की उम्मीद कर रहा है।
आगे की राह
₹13,000 करोड़ की इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर अब सबकी नजर रहेगी। बकाया फंड और वित्तीय सहायता के मुद्दे पर केंद्र-राज्य के बीच आगे की बातचीत होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विजय के संघीय सहयोग के रुख को आगे किस रूप में परखा जाता है, यह तमिलनाडु की विकास यात्रा का अगला अध्याय तय करेगा।