नसीरुद्दीन शाह के बयान पर BJP का पलटवार: 'असहमति और अराजकता में फर्क करें'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के महाभारत और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों पर दिए गए हालिया बयान के बाद नई दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने 25 अक्टूबर 2026 को शाह पर तीखे प्रहार किए, जबकि विपक्ष के कुछ नेताओं ने उनके पक्ष में आवाज़ उठाई।
BJP नेता राम कदम का तीखा हमला
BJP नेता राम कदम ने नसीरुद्दीन शाह की प्रतिभा को स्वीकार करते हुए उनके बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'नसीरुद्दीन शाह एक प्रतिभाशाली कलाकार हैं, और हम उनकी प्रतिभा का सम्मान करते हैं, लेकिन महाभारत पर उनके विचार ऐसे लगते हैं जैसे वह पाकिस्तानी नेता के तौर पर बोल रहे हों।' कदम ने आगे आरोप लगाया कि शाह तथाकथित 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का समर्थन कर रहे हैं और दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद जैसे लोगों के साथ खड़े हैं।
कदम ने यह भी कहा कि नसीरुद्दीन शाह उन लोगों के साथ हैं जो संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की तारीफ करते हैं। गौरतलब है कि ये गंभीर आरोप हैं जिन पर शाह की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
केया घोष और वीरेंद्र सचदेवा की प्रतिक्रिया
BJP प्रवक्ता केया घोष ने जामिया के उन छात्रों की वास्तविकता पर सवाल उठाए जिनका शाह ने समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि ये लोग वर्षों पहले परीक्षा पास कर चुके हैं, फिर भी कैंपस में डेरा डाले हुए हैं, और उन्होंने विश्वविद्यालय कुलपति के कमरे पर कब्ज़ा कर लिया था।
घोष ने शाह के परिवार के वामपंथी संगठनों से कथित संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'BJP के प्रति आपकी नफरत आंखों में दिखती है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP ने पश्चिम बंगाल में सरकार बना ली है, जो शाह को हज़म नहीं हो रहा। BJP दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि देश ने शाह को बहुत प्यार और सम्मान दिया है, लेकिन 'कुछ ऐसी नस्लें हैं जो खाते यहां की हैं और बजाते पाकिस्तान की हैं।'
विपक्ष का समर्थन
दूसरी ओर, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) सांसद सौगत रॉय ने नसीरुद्दीन शाह का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शाह 'बहुत बड़े कलाकार हैं' और जो उन्होंने कहा वह सही है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रवाद की बहस एक बार फिर केंद्र में आ गई है।
जदयू की संतुलित टिप्पणी
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का साझेदार होते हुए भी एक संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह की प्रतिभा की दुनियाभर में सराहना होती है और भारत में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं। रंजन ने सलाह देते हुए कहा, 'असहमति और अराजकता का फर्क नसीरुद्दीन शाह जैसे परिपक्व अभिनेता को ज़रूर करना चाहिए।'
आगे की संभावना
यह विवाद भारत में बुद्धिजीवियों और कलाकारों की राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर चलने वाली दीर्घकालिक बहस का हिस्सा है। नसीरुद्दीन शाह इससे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब देखना होगा कि वे इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और यह बहस किस दिशा में जाती है।