25 अक्टूबर 2026
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RBI के खोरधा डेटा सेंटर उद्घाटन पर निर्मला सीतारमण: 'डेटा सेंटर डिजिटल युग की सबसे बड़ी ताकत'

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RBI के खोरधा डेटा सेंटर उद्घाटन पर निर्मला सीतारमण: 'डेटा सेंटर डिजिटल युग की सबसे बड़ी ताकत'

सारांश

खोरधा में RBI के ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर का उद्घाटन महज एक इमारत का लोकार्पण नहीं था — यह भारत की डिजिटल वित्तीय रीढ़ को पूर्व की ओर विस्तारित करने का संकेत है। RTGS, NEFT और AI शोध एक ही परिसर में; UPI के 30,000 गुना विकास की पृष्ठभूमि में सीतारमण का संदेश साफ है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के खोरधा में RBI के ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर का उद्घाटन किया।
सरकार ने 2022 में डेटा सेंटर को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया; बजट 2026-27 में विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए टैक्स छूट की घोषणा।
इस परिसर में RTGS और NEFT प्रणालियाँ संचालित होंगी; AI और साइबर सुरक्षा में शोध भी होगा।
पीएम मुद्रा योजना के तहत ₹43 लाख करोड़ के 60 करोड़ ऋण वितरित; लाभार्थियों में 65% महिलाएँ।
UPI का मासिक लेनदेन 2,400 करोड़ ; 2016-17 से 30,000 गुना वृद्धि।
पीएम जनधन योजना के तहत अब तक 59 करोड़ खाते खोले गए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के खोरधा में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नवनिर्मित ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर का उद्घाटन किया और डेटा सेंटरों को आज के डिजिटल युग की सबसे बड़ी ताकत करार दिया। इस मौके पर उन्होंने डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में केंद्र सरकार की पहलों का विस्तार से जिक्र किया।

डेटा सेंटर को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा

सीतारमण ने अपने संबोधन में बताया कि सरकार ने 2022 में ही डेटा सेंटर को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दे दिया था, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट 2026-27 में सरकार ने उन विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट का ऐलान किया है, जो भारत में स्थित डेटा सेंटरों से वैश्विक क्लाउड सेवाएँ प्रदान कर रही हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और कई बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनियाँ देश में अपना क्लाउड बुनियादी ढाँचा स्थापित करने में रुचि दिखा रही हैं।

RBI के खोरधा परिसर की विशेषताएँ

वित्त मंत्री ने बताया कि इस नए परिसर के ज़रिए RBI भारत के भुगतान इन्फ्रास्ट्रक्चर की घरेलू क्षमता को सुदृढ़ कर रहा है। इस केंद्र में बैंकिंग क्षेत्र की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणालियाँ — RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) और NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) — संचालित होंगी।

इसके अतिरिक्त, इस परिसर में एक स्वतंत्र शोध विभाग भी होगा, जो साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण और विशेषज्ञता विकसित करेगा। सीतारमण ने यह भी कहा कि यह केंद्र देश के पूर्वी भाग में स्थित है, जो केंद्र सरकार की सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वित्तीय समावेशन: जनधन से UPI तक

सीतारमण ने मोदी सरकार की वित्तीय समावेशन की यात्रा का विवरण देते हुए कहा कि 2014 में यह संकल्प लिया गया था कि कोई भी भारतीय बैंकिंग प्रणाली से बाहर नहीं रहेगा। इसके लिए शुरू की गई पीएम जनधन योजना के तहत अब तक 59 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत देशभर के छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को ₹43 लाख करोड़ के 60 करोड़ ऋण वितरित किए गए हैं। उल्लेखनीय यह है कि इन लाभार्थियों में से 65 प्रतिशत महिलाएँ हैं — जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

पीएम स्वनिधि योजना के तहत देशभर के स्ट्रीट वेंडर्स को 1.2 करोड़ ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से बड़ी संख्या ने ऋण चुकाकर बड़े ऋण भी लिए हैं। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के ज़रिए भी करोड़ों नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है।

UPI: दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम भुगतान तंत्र

वित्त मंत्री ने डिजिटल भुगतान की सफलता की चर्चा करते हुए बताया कि UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम भुगतान तंत्र बन चुका है। 2016-17 से इसकी लेनदेन मात्रा में 30,000 गुना की वृद्धि हुई है और प्रतिमाह 2,400 करोड़ लेनदेन इसके ज़रिए संपन्न होते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में संयुक्त 25 वर्षों के कार्यकाल में प्रौद्योगिकी और डिजिटल भारत पर दिए गए निरंतर जोर का उल्लेख किया।

आगे की राह

गौरतलब है कि खोरधा डेटा सेंटर RBI की वित्तीय प्रणालियों की सुरक्षा और निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। AI और साइबर सुरक्षा में विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर यह दर्शाता है कि RBI भविष्य के डिजिटल खतरों के प्रति सतर्क और तैयार है। इस केंद्र के संचालन से देश के पूर्वी क्षेत्र में डिजिटल कुशलता और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पूर्वी भारत में इस तरह के निवेश महज भौगोलिक संतुलन की खानापूर्ति हैं या एक दीर्घकालिक तकनीकी विकेंद्रीकरण की शुरुआत। UPI के 30,000 गुना विकास के आँकड़े प्रभावशाली हैं, किंतु डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर जोखिम भी उसी अनुपात में बढ़े हैं — जिसकी चर्चा इस उद्घाटन में अपेक्षाकृत कम रही। मुद्रा और स्वनिधि की सफलता दर्ज करते समय यह भी देखना ज़रूरी है कि क्या ये ऋण वास्तविक उद्यमिता में बदले हैं या केवल ऋण-पुनर्भुगतान के आँकड़ों तक सीमित हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI का खोरधा ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर क्या है?
यह ओडिशा के खोरधा में स्थापित RBI का नया डेटा सेंटर परिसर है, जिसका उद्घाटन 25 अक्टूबर 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। इसमें RTGS और NEFT जैसी महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियाँ संचालित होंगी और AI तथा साइबर सुरक्षा में शोध भी किया जाएगा।
सरकार ने डेटा सेंटर को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा कब दिया?
केंद्र सरकार ने 2022 में डेटा सेंटर को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा प्रदान किया था। इसके साथ ही बजट 2026-27 में भारत में स्थित डेटा सेंटरों से वैश्विक क्लाउड सेवाएँ देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट की भी घोषणा की गई है।
UPI की वृद्धि कितनी हुई है और इसका महत्व क्या है?
2016-17 से UPI के लेनदेन में 30,000 गुना की वृद्धि हुई है और अब प्रतिमाह 2,400 करोड़ लेनदेन इसके ज़रिए होते हैं। वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, UPI आज दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम भुगतान तंत्र बन चुका है।
पीएम मुद्रा योजना के क्या नतीजे रहे हैं?
पीएम मुद्रा योजना के तहत अब तक ₹43 लाख करोड़ के 60 करोड़ ऋण छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को दिए गए हैं। इन लाभार्थियों में 65 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जो महिला उद्यमिता के विस्तार को दर्शाता है।
खोरधा डेटा सेंटर पूर्वी भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, यह केंद्र देश के पूर्वी भाग में स्थापित किया गया है, जो केंद्र सरकार की संतुलित क्षेत्रीय विकास की नीति को दर्शाता है। इसके ज़रिए पूर्वी भारत में डिजिटल कुशलता और तकनीकी रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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