RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा: फिनटेक ने MSME ऋण और डिजिटल भुगतान में किया ऐतिहासिक बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का फिनटेक क्षेत्र वित्तीय समावेशन की दिशा में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, फिनटेक कंपनियों ने देश की विशाल और विविध आबादी को औपचारिक वित्तीय तंत्र से जोड़ने का काम पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़, सुलभ और किफ़ायती तरीके से किया है।
मुख्य घटनाक्रम: GFF 2026 में RBI गवर्नर का संबोधन
8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित इस चार-दिवसीय वैश्विक आयोजन में मल्होत्रा ने कहा कि RBI ने सदैव फिनटेक क्षेत्र में जिम्मेदार नवाचार को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बैंक ने उद्योग के भीतर आत्म-नियमन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है और एक ऐसा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure) ढाँचा विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिस पर फिनटेक कंपनियाँ नए समाधान तैयार कर सकें।
मल्होत्रा ने स्पष्ट किया, 'हम नए विचारों और नए प्रतिभागियों के लिए खुले रहे हैं। हमने जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा दिया है, साथ ही विश्वास की रक्षा भी की है, क्योंकि वित्तीय प्रणाली की सबसे बड़ी पूंजी विश्वास ही है।'
MSME ऋण पर फिनटेक का असर
RBI गवर्नर के अनुसार, फिनटेक का सबसे स्पष्ट और प्रभावशाली प्रभाव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने में देखने को मिला है। कैश फ्लो-आधारित ऋण प्रणाली, अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) जैसे प्लेटफ़ॉर्म ने छोटे कारोबारों के लिए ऋण प्राप्त करना पहले से कहीं आसान बना दिया है।
मल्होत्रा ने बताया कि इन तकनीकी माध्यमों से ऐसे उद्यम भी औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जुड़ पाए हैं, जिन्हें पहले बैंकिंग सेवाओं तक पहुँचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह बदलाव देश के उद्यमिता इकोसिस्टम को नई गति देने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
डिजिटल भुगतान और वित्तीय बुनियादी ढाँचे में सुधार
गवर्नर ने रेखांकित किया कि फिनटेक ने ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ वित्तीय बुनियादी ढाँचे की दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-आधारित विश्लेषण ने धोखाधड़ी की पहचान और रोकथाम को अधिक प्रभावी बनाया है, जबकि डिजिटल तकनीकों की मदद से लेनदेन लागत में कमी आई है और खाता खोलने तथा भुगतान निपटान का समय भी घटा है।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि रियल-टाइम निगरानी और डेटा-आधारित विश्लेषण ने वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल भुगतान का आयतन तेज़ी से बढ़ रहा है और साइबर धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति और नेतृत्व की सराहना
मल्होत्रा ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की डिजिटल और वित्तीय परिवर्तन यात्रा में प्रधानमंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा, 'हम इस फेस्टिवल में प्रधानमंत्री की उपस्थिति से सम्मानित और उत्साहित हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान बनाई है।'
मल्होत्रा ने यह भी बताया कि लगातार तीसरे वर्ष GFF में प्रधानमंत्री की भागीदारी तकनीक, नवाचार और डिजिटल वित्तीय सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
आगे की राह: नवाचार और विश्वास का संतुलन
RBI गवर्नर ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि फिनटेक क्षेत्र की निरंतर प्रगति के लिए नवाचार और विश्वास के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। तकनीकी विकास का उद्देश्य केवल नई सेवाएँ शुरू करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, भरोसेमंद और समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाना भी होना चाहिए।
मल्होत्रा ने विश्वास जताया कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, फिनटेक नवाचार और मज़बूत नियामकीय ढाँचे के संयोजन से भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक डिजिटल वित्तीय परिदृश्य में और अधिक सशक्त भूमिका निभाएगा।