क्या इंदौर में जनधन योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर एसबीआई का शिविर सफल रहा?

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क्या इंदौर में जनधन योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर एसबीआई का शिविर सफल रहा?

सारांश

इंदौर में जनधन योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर एसबीआई शिविर ने वित्तीय जागरूकता का नया आयाम प्रस्तुत किया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा पर जोर दिया। जानें इस विशेष कार्यक्रम के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

जनधन योजना ने 11 वर्षों में लाखों लोगों को जोड़ा।
डिजिटल बैंकिंग की आवश्यकता को समझाया गया।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए।
गवर्नर ने वित्तीय समावेशन पर जोर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक आपके द्वार की पहल शुरू की गई।

इंदौर, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इंदौर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया, जहाँ प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के 11 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा मुख्य अतिथि रहे।

इस शिविर में कई स्थानीय लोग शामिल हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को वित्तीय समावेशन, केवाईसी और डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक करना था।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की तीसरी सबसे मजबूत आर्थिक शक्ति बनेगा।

उन्होंने कहा, “जनधन योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर हमारा लक्ष्य समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें समाज के हर वर्ग का उत्थान होना चाहिए। इस योजना के माध्यम से जिन लोगों के पास बैंक खाते नहीं थे, उनके खाते खोले गए। आज हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी री-केवाईसी पूरी करे, क्योंकि यह एक कानूनी आवश्यकता है।”

गवर्नर ने डिजिटल युग में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों से सुरक्षा के लिए जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बैंक अब ग्राहकों तक पहुँचने के लिए 'बैंक आपके द्वार' योजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोग प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण भारत को आर्थिक धारा में शामिल करना है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे इन शिविरों में सक्रिय भागीदारी करें ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुँच सके।

गवर्नर ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक शामिल हो। जनधन योजना ने पिछले 11 वर्षों में लाखों लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। अब हमारा ध्यान डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने पर है।”

उन्होंने हर पंचायत में इस प्रकार के शिविर आयोजित करने की योजना का उल्लेख किया और लोगों से इनमें भाग लेने की अपील की।

शिविर में उपस्थित एसबीआई के अधिकारियों ने भी लोगों को विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने में मदद की। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों से सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक लाभ पहुँचा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि वित्तीय समावेशन का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक को आर्थिक धारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनधन योजना ने करोड़ों लोगों को अपने बैंक खाते से जोड़ा है। यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक और प्रयास है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस शिविर का उद्देश्य क्या था?
शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को वित्तीय समावेशन, केवाईसी और डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक करना था।
क्या शिविर में कोई विशेष योजना प्रस्तुत की गई?
हाँ, शिविर में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की जानकारी दी गई।
क्या यह शिविर सफल रहा?
इस शिविर ने स्थानीय लोगों को जागरूक करने और वित्तीय योजनाओं से जोड़ने में मदद की।
राष्ट्र प्रेस