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PM मोदी ने भुवनेश्वर में RBI डेटा सेंटर का उद्घाटन किया, कांग्रेस की 'फोन बैंकिंग' पर किया तीखा हमला

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PM मोदी ने भुवनेश्वर में RBI डेटा सेंटर का उद्घाटन किया, कांग्रेस की 'फोन बैंकिंग' पर किया तीखा हमला

सारांश

भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर का उद्घाटन करते हुए PM मोदी ने 2014 से पहले की 'फोन बैंकिंग' संस्कृति पर कांग्रेस को घेरा — जहाँ हज़ारों करोड़ के ऋण कनेक्शन से मिलते थे और गरीब खाता खुलवाने को गारंटर ढूँढता था। यह भाषण बैंकिंग सुधारों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की सोची-समझी कोशिश है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया।
मोदी ने कहा — 2014 से पहले कांग्रेस की 'फोन बैंकिंग' से हज़ारों करोड़ के ऋण प्रभावशाली लोगों को मिले, जिससे बैंकिंग तंत्र NPA संकट में फँस गया।
मुद्रा योजना से 13 करोड़ और अटल पेंशन योजना से 9 करोड़ लोगों को लाभ; ओडिशा में 38 लाख कवर।
गाँवों में करीब पौने दो लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं।
मोदी ने कहा — साइबर सुरक्षा अब आर्थिक संप्रभुता की रक्षा के लिए उतनी ही ज़रूरी है जितनी सैन्य सुरक्षा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नवनिर्मित डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में एक अलग ही 'फोन बैंकिंग' का दौर था, जिसमें दिल्ली के प्रभावशाली लोगों को हज़ारों करोड़ रुपये के कर्ज़ फोन पर दे दिए जाते थे।

उद्घाटन का महत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भुवनेश्वर आज नए भारत को एक नया और महत्वपूर्ण संस्थान दे रहा है। उन्होंने RBI के इस डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान को ओडिशा तथा समूचे देश के लिए हितकारी बताया। उनके अनुसार, यह उद्घाटन इस बात का प्रमाण है कि भारत में शासन की सोच कितनी तेज़ी से बदल रही है।

उन्होंने ज़ोर दिया कि सरकार का ध्यान विकास की प्राथमिकता, उसके विस्तार और अंतिम व्यक्ति तक उसकी पहुँच सुनिश्चित करने पर है। यह केंद्र देश के वित्तीय बुनियादी ढाँचे को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक अहम कदम है।

कांग्रेस की 'फोन बैंकिंग' पर हमला

मोदी ने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस के कुछ खास और 'कनेक्शन' वाले लोगों को फोन पर ही हज़ारों करोड़ रुपये के बैंक ऋण मिल जाते थे। उनके अनुसार, इस 'फोन बैंकिंग' के कारण भारत का बैंकिंग तंत्र गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की चपेट में आ गया और बर्बादी के कगार पर पहुँच गया।

उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जहाँ अमीरों को फोन पर ऋण मिलता था, वहीं एक गरीब नागरिक को बैंक खाता खुलवाने के लिए भी गारंटर की ज़रूरत पड़ती थी। गौरतलब है कि 2014 तक देश की करीब आधी आबादी बैंकिंग प्रणाली से बाहर थी, यहाँ तक कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1960-70 के दशक में गरीबों के नाम पर किया गया था।

बैंकिंग सुधारों की उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का बैंकिंग क्षेत्र दुनिया के सबसे सशक्त क्षेत्रों में शुमार है। उन्होंने ओडिशा की धरती से एक पूर्व प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक केवल 15 पैसे ही पहुँचते थे। उन्होंने दावा किया कि आज डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिये पूरा का पूरा रुपया सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है।

उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना से 13 करोड़ लोग पहली बार उद्यमी बने हैं। अटल पेंशन योजना से देशभर में 9 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिला है, जिनमें अकेले ओडिशा के 38 लाख लोग शामिल हैं। डेबिट-क्रेडिट कार्ड जो कभी अमीरों की पहचान थे, आज आम नागरिक की पहुँच में हैं।

साइबर सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियाँ

मोदी ने कहा कि आज के दौर में युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि किसी देश की अर्थव्यवस्था पर चोट करके भी लड़े जाते हैं। इसलिए जैसे-जैसे भारत आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है, उसे अपने बैंकिंग तंत्र को साइबर लुटेरों से सुरक्षित करना भी उतना ही ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि गाँवों में करीब पौने दो लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। आने वाला दशक बैंकिंग को और अधिक भरोसेमंद बनाने का होगा — यही उनका संदेश रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NPA संकट की जड़ें केवल राजनीतिक संरक्षण में नहीं, बल्कि संरचनात्मक ऋण निगरानी की विफलता में भी थीं — जो 2014 के बाद भी कुछ वर्षों तक बनी रही। यह भी उल्लेखनीय है कि 'एक रुपया, पूरा रुपया लाभार्थी तक' का दावा DBT की सफलता का द्योतक है, पर रिसाव की जगह अब डिजिटल फ्रॉड ने ले ली है — और इसीलिए यह साइबर सुरक्षा केंद्र महज़ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि समय की माँग है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर का उद्घाटन किसने और कब किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा में RBI के नवनिर्मित डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। यह केंद्र देश के वित्तीय बुनियादी ढाँचे को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है।
PM मोदी ने कांग्रेस की 'फोन बैंकिंग' से क्या आशय लगाया?
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले दिल्ली में कांग्रेस के प्रभावशाली और 'कनेक्शन' वाले लोगों को फोन पर हज़ारों करोड़ रुपये के बैंक ऋण दिए जाते थे। उनके अनुसार, इस व्यवस्था के कारण बैंकिंग तंत्र NPA संकट में फँस गया और बर्बादी के कगार पर पहुँच गया।
मोदी सरकार के बैंकिंग सुधारों से कितने लोगों को लाभ मिला है?
PM मोदी के अनुसार, मुद्रा योजना से 13 करोड़ लोग पहली बार उद्यमी बने हैं और अटल पेंशन योजना से 9 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिला है। अकेले ओडिशा में अटल पेंशन योजना के तहत 38 लाख लोग कवर हैं।
RBI का साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान क्यों ज़रूरी है?
PM मोदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि किसी देश की अर्थव्यवस्था पर साइबर हमले करके भी लड़े जाते हैं। जैसे-जैसे भारत आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है, बैंकिंग तंत्र को साइबर लुटेरों से बचाना उतना ही ज़रूरी हो गया है।
मोदी ने '15 पैसे वाले' बयान का उल्लेख किसके संदर्भ में किया?
मोदी ने ओडिशा की धरती से एक पूर्व प्रधानमंत्री के उस बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक केवल 15 पैसे पहुँचते थे। उन्होंने दावा किया कि आज डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के ज़रिये पूरा रुपया सीधे लाभार्थी के खाते में पहुँचता है।
राष्ट्र प्रेस
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