IMC 2026: PM मोदी बोले — मोबाइल फोन गुड गवर्नेंस का टूल, DBT से ₹5 लाख करोड़ की बचत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया और कहा कि मोबाइल फोन अब केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि गुड गवर्नेंस का एक निर्णायक उपकरण बन चुका है। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए अब तक ₹50 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं, जिससे करीब ₹5 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए जा सके हैं।
मोबाइल और गवर्नेंस का नया रिश्ता
मोदी ने कहा कि बीते 10-12 वर्षों में मोबाइल फोन भारत के डिजिटल इंडिया विजन की धुरी बन गया है। उन्होंने कहा, 'डिजिटल गवर्नेंस ने इन हालात को बदल दिया है। आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं। सरकारी मदद अब सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।' उनके अनुसार, यदि पुरानी व्यवस्था बनी रहती, तो यह ₹5 लाख करोड़ 'लीकेज' के रूप में सिस्टम में खो जाता।
गौरतलब है कि एक दशक पहले तक भारत में डिजिटल विभाजन एक गंभीर चुनौती था — आधुनिक तकनीक उन्हीं की पहुंच में थी जिनके पास संसाधन थे। मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने इस असमानता को पाटने का प्रयास किया और मोबाइल फोन को इस बदलाव के केंद्र में लाया — जिसे उन्होंने 'टेक्नोलॉजी का डेमोक्रेटाइजेशन' कहा।
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में दूरदराज के क्षेत्रों में टावर लगाए गए, ऑप्टिकल फाइबर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ और डेटा की कीमतें तेज़ी से घटीं। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं तक आम नागरिक की पहुँच बाधाहीन हो गई। उन्होंने कहा कि दूर-सुदूर गाँव के गरीब बच्चे भी अब क्वालिटी डिजिटल लर्निंग तक पहुँच पा रहे हैं।
इसके साथ ही मोबाइल इकोनॉमी ने टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में नए उपभोक्ता और रचनाकार वर्ग को जन्म दिया है। मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन ने लोगों का आना-जाना कम किया, लंबा इंतज़ार समाप्त किया और खर्च घटाया — यही 'इज़ ऑफ लिविंग' का असली अर्थ है।
गेमिंग सेक्टर: नई पीढ़ी का नया मंच
मोदी ने गेमिंग उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि एक अनुमान के अनुसार भारत में 50 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी रूप में गेमिंग सेक्टर से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि टियर 2 और टियर 3 शहरों का युवा अब केवल गेम खेलने तक सीमित नहीं है — वह ई-स्पोर्ट में प्रतिस्पर्धा कर रहा है, गेमिंग कंटेंट बना रहा है और नए गेमिंग व्यवसाय खड़े कर रहा है। उनके शब्दों में, 'भारत में मोबाइल फोन आज गेमिंग कंसोल भी है और क्रिएशन का स्टूडियो भी।'
सुरक्षा और वैश्विक फ्रेमवर्क की ज़रूरत
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे टेलीकॉम और डिजिटल तकनीक का महत्व बढ़ रहा है, उससे जुड़े सुरक्षा ढाँचे को भी मज़बूत करना अनिवार्य है। उन्होंने डीपफेक को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए एक वैश्विक फ्रेमवर्क पर काम करना ज़रूरी है। फोन सुरक्षा और नेटवर्क सुरक्षा को उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता करार दिया।
उपभोक्ता से निर्माता बनने की यात्रा
मोदी ने कहा कि भारत ने बीते वर्षों में कंज्यूमर से क्रिएटर बनने की यात्रा तय की है। अब देश उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है जहाँ उत्पाद का डिज़ाइन, उसकी तकनीक और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) — सब कुछ भारत में ही तैयार होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल हार्डवेयर निर्माताओं में शुमार हो चुका है। आने वाले वर्षों में IMC जैसे मंच भारत की वैश्विक टेक पहचान को और पुख्ता करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।