8 अक्टूबर 2026
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जनधन-DBT से भ्रष्टाचार पर लगाम: BJP सांसद संदीप पाठक ने गिनाई मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियाँ

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जनधन-DBT से भ्रष्टाचार पर लगाम: BJP सांसद संदीप पाठक ने गिनाई मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियाँ

सारांश

BJP सांसद संदीप पाठक ने मोदी के 25 वर्ष की शासन-यात्रा को रेखांकित करते हुए जनधन और DBT को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सबसे प्रभावी कदम बताया। साथ ही SIR विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथ लिया और इंडिया गठबंधन को 'वैचारिक तालमेल के बिना' असफल करार दिया।

मुख्य बातें

BJP सांसद संदीप पाठक ने 7 अक्टूबर 2026 को PM मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर प्रतिक्रिया दी।
जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को भ्रष्टाचार रोकने का सबसे कारगर उपाय बताया।
SIR विवाद पर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा — मतदाता सूची की सफाई पर आपत्ति 'राजनीतिक सुविधा' है।
पटियाला के निकाय चुनाव — जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज किया — को चुनावी अनियमितता के कथित उदाहरण के रूप में पेश किया।
हरियाणा में कांग्रेस की हार के लिए पार्टी की आंतरिक कमियों को ज़िम्मेदार ठहराया, SIR को नहीं।
इंडिया गठबंधन को 'वैचारिक तालमेल-रहित' और दीर्घकालिक सफलता के अयोग्य करार दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संदीप पाठक ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह महज एक आयोजन नहीं, बल्कि एक समर्पित जीवन-यात्रा का पड़ाव है। उनके अनुसार, नरेंद्र मोदी ने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में देश की निरंतर सेवा की है। पाठक ने इस अवसर को 'राष्ट्र-सेवा के ढाई दशक' के रूप में रेखांकित किया।

जनधन और DBT: भ्रष्टाचार-रोधी कदम

पाठक ने कहा कि एक समय देश में बड़ी संख्या में नागरिकों के पास बैंक खाते ही नहीं थे। जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों के खाते खोले गए और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के ज़रिये सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुँचने लगे। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर भ्रष्टाचार पर उल्लेखनीय लगाम लगाई और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन दिया।

पाठक ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटाइजेशन, किसानों को सशक्त बनाने, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विज्ञान-तकनीक के क्षेत्र में कई महत्त्वपूर्ण पहल कीं। उनके अनुसार, ये 'छोटे लेकिन बुनियादी और रचनात्मक कदम' देश को 'विकसित भारत' की दिशा में ले जाने में सहायक रहे हैं। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को भी रेखांकित किया।

SIR विवाद पर विपक्ष पर निशाना

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विरोध पर पाठक ने विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को 'साफ-सुथरा' बनाने की प्रक्रिया में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसमें मृत व्यक्तियों, स्थान बदल चुके लोगों, बदले हुए पतों और डुप्लीकेट नामों को हटाने का काम होता है। पाठक के अनुसार, यह प्रक्रिया नई नहीं है और पहले भी इस तरह का पुनरीक्षण होता रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राज्य में विपक्ष जीतता है, वहाँ मतदाता सूची को सही माना जाता है, और जहाँ हार होती है वहाँ उसी सूची पर सवाल उठाए जाते हैं। पंजाब के पटियाला के स्थानीय निकाय चुनाव का उदाहरण देते हुए पाठक ने कहा कि उस चुनाव को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया था — इसे उन्होंने चुनावी अनियमितता के एक कथित उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

हरियाणा हार और कांग्रेस पर टिप्पणी

पाठक ने हरियाणा में कांग्रेस की हार का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए। उनके अनुसार, SIR से कांग्रेस नहीं हारती — बल्कि पार्टी की अपनी आंतरिक कमियाँ और जनता से कटाव उसकी हार के कारण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल उठाना एक सुविधाजनक राजनीतिक रणनीति है, जो जवाबदेही से बचने के लिए अपनाई जाती है।

इंडिया गठबंधन और विपक्ष की भूमिका

इंडिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शनों पर पाठक ने कहा कि जिस गठबंधन में वैचारिक तालमेल नहीं हो और दल केवल चुनावी जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ आते हों, वह दीर्घकाल में सफल नहीं हो सकता। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे ईमानदारी से विपक्ष की भूमिका निभाएँ और वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित रहें। आगे की राजनीतिक राह के बारे में उनका मत था कि अवसर सभी दलों के लिए आते हैं, लेकिन वैचारिक खालीपन के आधार पर बने गठबंधन से स्थायी सफलता नहीं मिलती।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि DBT ने अनेक अध्ययनों में रिसाव कम करने में सहायता दिखाई है। लेकिन जो बात अनुत्तरित रहती है वह यह है कि जनधन खातों की विशाल संख्या के बावजूद वित्तीय समावेशन के वास्तविक सूचकांक — जैसे औसत खाता शेष और सक्रिय लेन-देन — कितनी दूर तक सुधरे। SIR विवाद पर पाठक की दलील तार्किक है, लेकिन वह उन विशेषज्ञों की चिंताओं की अनदेखी करती है जो प्रक्रिया की समयसीमा और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं। इंडिया गठबंधन पर उनकी टिप्पणी में एक विरोधाभास है — जो गठबंधन 'विफल' है, उसे सत्ता पक्ष इतने ध्यान से क्यों देख रहा है?
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP सांसद संदीप पाठक ने मोदी के 25 वर्षों की किन उपलब्धियों का उल्लेख किया?
पाठक ने जनधन योजना, DBT, डिजिटाइजेशन, किसान-सशक्तिकरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की नींव इन्हीं कदमों से रखी गई है।
जनधन योजना और DBT ने भ्रष्टाचार कैसे रोका?
पाठक के अनुसार, जनधन के ज़रिये करोड़ों नागरिकों के बैंक खाते खुले और DBT से सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचने लगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका और धन-रिसाव में कमी आई।
SIR मतदाता सूची विवाद क्या है और BJP का क्या रुख है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नाम हटाने की प्रक्रिया है, जिसे विपक्ष ने चुनावी पक्षपात से जोड़ा है। पाठक ने इसे 'राजनीतिक सुविधा की आपत्ति' बताते हुए कहा कि सूची की शुद्धता सभी दलों के हित में है।
पटियाला निकाय चुनाव का पाठक ने उदाहरण क्यों दिया?
पाठक ने कहा कि पंजाब में AAP सरकार के दौरान हुए पटियाला के स्थानीय निकाय चुनाव को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दोबारा चुनाव का आदेश दिया था। उन्होंने इसे कथित चुनावी अनियमितता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।
संदीप पाठक ने इंडिया गठबंधन के बारे में क्या कहा?
पाठक ने कहा कि जिस गठबंधन में वैचारिक तालमेल नहीं हो, वह दीर्घकाल में सफल नहीं हो सकता। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि वे ईमानदारी से विपक्ष की भूमिका निभाएँ और वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित रहें।
राष्ट्र प्रेस
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