12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोदी सरकार के 12 साल: एनडीए नेताओं ने गुड गवर्नेंस, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की उपलब्धियाँ गिनाईं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोदी सरकार के 12 साल: एनडीए नेताओं ने गुड गवर्नेंस, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की उपलब्धियाँ गिनाईं

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर एनडीए नेताओं ने सुशासन, DBT और ऑपरेशन सिंदूर को उपलब्धि बताया। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि भारत अब विश्व मंच पर नेतृत्वकर्ता बनकर उभरा है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर 26 मई 2026 को एनडीए नेताओं ने उपलब्धियाँ गिनाईं।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि जी-20 अध्यक्षता के बाद भारत की विदेश नीति मज़बूत हुई और विश्व अब भारत को नेतृत्वकर्ता मानता है।
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि DBT से योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुँचता है, पहले 100 रुपये में से सिर्फ 10 रुपये पहुँचते थे।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया गया।
गाँवों में अब 24 घंटे बिजली उपलब्ध होने का दावा नेताओं ने किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूरे होने पर 26 मई 2026 को राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी तेज़ हो गई। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने एकस्वर में कहा कि इन 12 वर्षों में भारत ने सुशासन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता रहा है।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा की प्रतिक्रिया

भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "आज ऐतिहासिक दिन है। पीएम मोदी के कुशल और विश्वस्तरीय नेतृत्व में 12 साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान भारत ने कार्य संस्कृति, निर्णय लेने की क्षमता और वैश्विक पहचान में नया आत्मविश्वास हासिल किया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज निर्णायक, आत्मनिर्भर और विश्व मंच पर प्रभावशाली रूप से उभरा है।"

शर्मा ने आगे कहा कि गरीब कल्याण की योजनाएँ अब सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रही हैं और जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद भारत की विदेश नीति और मज़बूत हुई है। उनके अनुसार रूस-यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव, भारत की भूमिका संतुलित और प्रभावी रही है।

ओम प्रकाश राजभर ने गिनाई DBT की उपलब्धियाँ

यूपी सरकार के मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पहले केंद्र से 100 रुपये भेजे जाते थे तो धरातल पर सिर्फ 10 रुपये पहुँचते थे — यह बात स्वयं राजीव गांधी ने भी स्वीकार की थी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने इस लीकेज को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के ज़रिए रोका, जिससे पेंशन, किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुँचने लगा।

राजभर ने बिजली आपूर्ति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले गाँवों में रोस्टर के अनुसार सप्ताह में कुछ घंटे ही बिजली मिलती थी, जबकि अब 24 घंटे बिजली उपलब्ध है।

ऑपरेशन सिंदूर और सुरक्षा नीति पर जोर

राजभर ने सुरक्षा मोर्चे पर भी सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में सेना को पूरा अधिकार दिया गया और पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार ने इसे भारत की सैन्य दृढ़ता का प्रतीक बताया है, जबकि विपक्ष ने इसके कूटनीतिक निहितार्थों पर सवाल उठाए हैं।

आम जनता पर असर: सरकार का दावा

एनडीए नेताओं के अनुसार पिछले 12 वर्षों में आवास योजना, किसान सम्मान निधि और ग्रामीण बिजलीकरण जैसी योजनाओं ने आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार किया है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इन दावों की स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता है और रोज़गार सृजन के मोर्चे पर अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

क्या होगा आगे

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा ने देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए हैं। आने वाले दिनों में सरकार अपनी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक अभियान चलाने की तैयारी में है, जबकि विपक्षी दल इसे 'प्रचार अभियान' करार दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन DBT की सफलता के दावों को स्वतंत्र आँकड़ों से परखना ज़रूरी है — नीति आयोग की कुछ रिपोर्टें लाभार्थी पहचान में खामियाँ दर्शाती हैं। ऑपरेशन सिंदूर को सैन्य दृढ़ता के प्रतीक के रूप में पेश करना राजनीतिक दृष्टि से तो प्रभावी है, पर इसके दीर्घकालिक कूटनीतिक परिणामों पर बहस अभी जारी है। जी-20 अध्यक्षता की सफलता निर्विवाद है, लेकिन 'वैश्विक नेतृत्व' का दावा तब और ठोस बनेगा जब भारत बहुपक्षीय मंचों पर बाध्यकारी प्रतिबद्धताएँ निभाए। 12 साल की उपलब्धियों का आकलन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ज़मीनी परिणामों से होना चाहिए।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी सरकार के 12 साल में कौन-सी प्रमुख उपलब्धियाँ गिनाई गई हैं?
एनडीए नेताओं ने गुड गवर्नेंस, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), जी-20 अध्यक्षता, ऑपरेशन सिंदूर और ग्रामीण बिजलीकरण को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया है। उनका कहना है कि इन 12 वर्षों में भारत वैश्विक मंच पर नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरा है।
DBT यानी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण क्या है और इसका क्या महत्व है?
DBT एक व्यवस्था है जिसमें सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। ओम प्रकाश राजभर के अनुसार पहले 100 रुपये में से सिर्फ 10 रुपये ही लाभार्थी तक पहुँचते थे, जबकि DBT ने इस लीकेज को काफी हद तक रोका है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान था जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। एनडीए नेताओं ने इसे मोदी सरकार की सैन्य दृढ़ता का प्रतीक बताया है।
मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर क्या दावे किए गए?
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद भारत की विदेश नीति मज़बूत हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान तनाव जैसे वैश्विक संकटों में भारत की भूमिका संतुलित और प्रभावी रही है।
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर विपक्ष का क्या रुख है?
विपक्षी दल इसे सरकारी 'प्रचार अभियान' करार दे रहे हैं और सरकार के दावों की स्वतंत्र सत्यापन की माँग कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि रोज़गार सृजन और महँगाई जैसे मोर्चों पर अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले