PM मोदी का भुवनेश्वर रोड शो: RBI डेटा सेंटर उद्घाटन, ₹2,417 करोड़ की शहरी परियोजनाओं की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा का दौरा किया, जिसके तहत उन्होंने जटनी में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के डेटा सेंटर का उद्घाटन किया और इसके बाद भुवनेश्वर में एक भव्य रोड शो किया। रोड शो के दौरान सड़क के दोनों ओर उमड़ी भीड़ ने फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। यह दौरा उसी समय हुआ जब भुवनेश्वर में दो दिवसीय नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव संपन्न हुआ।
RBI डेटा सेंटर और युवाओं के लिए अवसर
जटनी में उद्घाटन किया गया यह प्रशिक्षण एवं डेटा केंद्र ₹169 करोड़ की लागत से निर्मित है और 90 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'यह सुरक्षा और डिजिटल पेमेंट से जुड़ा प्रशिक्षण संस्थान ओडिशा के युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर और सुविधाएं लेकर आएगा।' गौरतलब है कि यह उद्घाटन लक्ष्मी पूजा और दीपावली के पर्व-काल के निकट किया गया।
नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव: मुख्य चर्चा बिंदु
24 और 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव रविवार को संपन्न हुआ। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर कहा कि कॉन्क्लेव में शहरी प्रशासन सुधार, नगर निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना, शहरी स्थानीय निकायों की पेशेवर क्षमता में वृद्धि और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राज्य सरकार का कॉन्क्लेव की सफल मेज़बानी के लिए आभार व्यक्त किया।
ओडिशा को शहरी विकास के लिए ₹4,032 करोड़ से अधिक
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत भुवनेश्वर, कटक, संबलपुर, बेरहामपुर और राउरकेला में सात परियोजनाओं को अंतिम या सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत ₹2,417 करोड़ है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) अर्बन बंधु कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले पाँच वर्षों में किफायती आवास के लिए ₹1,615 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जा चुकी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
रोड शो के दौरान उपस्थित नागरिकों में प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर उत्साह स्पष्ट दिखा। एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'ओडिशा पर प्रधानमंत्री का ध्यान बिल्कुल अलग स्तर का है। जब भी वे ओडिशा आते हैं तो अपने साथ कोई न कोई ऐसा संदेश लाते हैं जिससे ओडिशा को फायदा होता है और जो तरक्की में योगदान देता है।' यह ऐसे समय में आया है जब मोदी की यह कथित तौर पर 10-11वीं ओडिशा यात्रा बताई जा रही है।
आगे क्या
नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव में हुई चर्चाओं के आधार पर शहरी नीति-निर्माण के अगले चरण की दिशा तय होने की उम्मीद है। ओडिशा को मिली शहरी परियोजनाओं की मंजूरी राज्य के पाँच प्रमुख शहरों के बुनियादी ढाँचे को नया आकार दे सकती है, बशर्ते क्रियान्वयन समयबद्ध हो।