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अंडमान-निकोबार कमांड ने सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों को दिया 8 सप्ताह का योग प्रशिक्षण

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अंडमान-निकोबार कमांड ने सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों को दिया 8 सप्ताह का योग प्रशिक्षण

सारांश

अंडमान एवं निकोबार कमांड ने सेवामुक्त हो रहे अग्निवीरों के लिए 8 सप्ताह का योग कैप्सूल आयोजित किया — नागरिक जीवन में पुनर्एकीकरण की दिशा में एक व्यावहारिक कदम। साथ ही रजत जयंती पर आयोजित 'स्ट्रैटेजिक लीडर्स कॉन्क्लेव' में हिंद-प्रशांत में कमांड की अगले 25 वर्षों की रणनीति पर मंथन हुआ।

मुख्य बातें

अंडमान एवं निकोबार कमांड के नौसेना घटक ने श्री विजयपुरम में सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों के लिए विशेष योग कैप्सूल आयोजित किया।
यह आठ सप्ताह का कार्यक्रम राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) , आयुष विंग और अंडमान एवं निकोबार राज्य आयुष सोसायटी के सहयोग से संचालित हुआ।
कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने लैंडफॉल द्वीप , ईस्ट द्वीप और आईएनएस कोहासा का दौरा कर सैन्य तैयारियों की समीक्षा की।
कमांड की रजत जयंती पर आयोजित 'स्ट्रैटेजिक लीडर्स कॉन्क्लेव' में 25 वर्षों की उपलब्धियों और अगले 25 वर्षों की रणनीति पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों और आईओआर में कमांड की भावी भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया।

अंडमान एवं निकोबार कमांड के नौसेना घटक ने श्री विजयपुरम में सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों के लिए एक विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम (योग कैप्सूल) आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अग्निवीरों को शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और सजगता (माइंडफुलनेस) के साथ नागरिक जीवन में आत्मविश्वासपूर्वक प्रवेश करने के लिए तैयार करना था।

कार्यक्रम का स्वरूप और संचालन

यह आठ सप्ताह का सुनियोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुष विंग, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) और अंडमान एवं निकोबार राज्य आयुष सोसायटी के सहयोग से राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बढ़ावा दिया गया, ताकि अग्निवीर सैन्य सेवा के बाद नागरिक जीवन में सहज रूप से सामंजस्य बिठा सकें।

गौरतलब है कि अग्निवीर योजना के तहत चार वर्ष की सेवा के बाद अधिकांश जवानों को नागरिक जीवन में वापस लौटना होता है, जिससे पुनर्एकीकरण एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाती है। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

कमांडर-इन-चीफ का दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा

इससे पहले अंडमान एवं निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने संचालन संबंधी तैयारी और क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से अंडमान द्वीपसमूह के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा किया। इनमें लैंडफॉल द्वीप, ईस्ट द्वीप और आईएनएस कोहासा शामिल थे।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने सैन्य तैयारियों का आकलन किया, क्षमता वृद्धि से जुड़ी पहलों की समीक्षा की और रसद (लॉजिस्टिक) व्यवस्था का निरीक्षण किया। वाइस एडमिरल मैकार्टी ने कठिन परिस्थितियों में तैनात सैन्य कर्मियों से मुलाकात कर उनके उच्च पेशेवर रवैये, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रशंसा की।

रजत जयंती पर 'स्ट्रैटेजिक लीडर्स कॉन्क्लेव'

कमांड ने हाल ही में अपनी रजत जयंती के अवसर पर एक 'स्ट्रैटेजिक लीडर्स कॉन्क्लेव' का आयोजन किया, जिसमें पूर्व कमांडर-इन-चीफ और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन में कमांड के 25 वर्षों के सफर, प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण अनुभवों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की समुद्री भूमिका को लेकर रणनीतिक चर्चाएँ तेज हो रही हैं। सम्मेलन में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बढ़ते रणनीतिक महत्व, हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) की भूमिका और उभरती समुद्री चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

अगले 25 वर्षों की रणनीति और प्राथमिकताएँ

कॉन्क्लेव में अगले 25 वर्षों के लिए कमांड की भावी रणनीति और प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया। सम्मेलन में अंडमान एवं निकोबार कमांड को भारत की सामरिक सीमा और समुद्री शक्ति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त करने का संकल्प दोहराया गया। आने वाले समय में कमांड की परिचालन क्षमताओं के विस्तार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की रक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु यह सवाल भी उठता है कि मानसिक स्वास्थ्य और रोज़गार कौशल के लिए आठ सप्ताह का कार्यक्रम पर्याप्त है या नहीं। रजत जयंती कॉन्क्लेव में हिंद-प्रशांत रणनीति पर मंथन यह दर्शाता है कि कमांड अपनी भूमिका को केवल रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति-केंद्र के रूप में देख रही है — यह बदलाव महत्वपूर्ण है और नीति-निर्माताओं का ध्यान माँगता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडमान-निकोबार कमांड का योग कैप्सूल कार्यक्रम क्या है?
यह अग्निवीरों के लिए आयोजित एक आठ सप्ताह का विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो श्री विजयपुरम में संचालित किया गया। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों को शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और माइंडफुलनेस के साथ नागरिक जीवन में प्रवेश के लिए तैयार करना है।
यह कार्यक्रम किन संस्थाओं के सहयोग से चलाया गया?
यह कार्यक्रम आयुष विंग, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) और अंडमान एवं निकोबार राज्य आयुष सोसायटी के सहयोग से राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के अंतर्गत आयोजित किया गया। इन संस्थाओं ने मिलकर प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की।
वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने किन क्षेत्रों का दौरा किया?
वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने लैंडफॉल द्वीप, ईस्ट द्वीप और आईएनएस कोहासा सहित अंडमान द्वीपसमूह के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सैन्य तैयारियों, क्षमता वृद्धि पहलों और रसद व्यवस्था की समीक्षा की तथा तैनात जवानों के समर्पण की प्रशंसा की।
अंडमान-निकोबार कमांड का 'स्ट्रैटेजिक लीडर्स कॉन्क्लेव' क्यों आयोजित किया गया?
यह कॉन्क्लेव कमांड की रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें 25 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कमांड की भावी रणनीति और अगले 25 वर्षों की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें पूर्व कमांडर-इन-चीफ और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
अग्निवीर योजना में सेवानिवृत्ति के बाद क्या प्रावधान हैं?
अग्निवीर योजना के तहत चार वर्ष की सेवा के बाद अधिकांश जवानों को नागरिक जीवन में वापस लौटना होता है। इसी पुनर्एकीकरण को सुगम बनाने के लिए अंडमान-निकोबार कमांड जैसी पहलें योग और मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण के माध्यम से अग्निवीरों को तैयार करने का प्रयास कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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