फरक्का हत्याकांड: समलैंगिक संबंध तोड़ने पर 22 वर्षीय मुबारक शेख की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का क्षेत्र में एक 22 वर्षीय प्रवासी मजदूर मुबारक शेख की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी नासिरुद्दीन शेख उर्फ मिस्टर (32) ने मुबारक की इसलिए हत्या की क्योंकि वह उनके बीच के समलैंगिक संबंध को समाप्त करना चाहता था। घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का क्रम
शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह पुलिस ने झारखंड से सटे इमामनगर ग्राम पंचायत के आमतला क्षेत्र में नसीम शेख के धान के खेत से मुबारक का शव बरामद किया। मृतक के हाथ बंधे हुए थे और धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की गई थी। शव के पास शराब की एक बोतल भी मिली।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात दोनों ने खुशालपुर की शराब की दुकान से शराब खरीदी और सुनसान धान के खेत में जाकर पी। आरोप है कि नशे की हालत में नासिरुद्दीन ने मुबारक की कमीज उतार दी, हाथ बांधे और धारदार हथियार से गला काटकर मौके से फरार हो गया।
जाँच और गिरफ्तारी
जाँच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन की कॉल लिस्ट और खुशालपुर की शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की। इन्हीं सुरागों के आधार पर शनिवार रात नासिरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया।
जांगीपुर पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सजल कांति बिस्वास ने रविवार दोपहर फरक्का पुलिस स्टेशन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की। आरोपी को जांगीपुर उप-जिला न्यायालय में पेश किया गया है और पुलिस ने 7 दिन की पुलिस हिरासत के लिए अदालत में आवेदन किया है।
रिश्ते की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, मुबारक और नासिरुद्दीन की मुलाकात ओडिशा में एक साथ काम करते समय हुई थी, जहाँ दोनों के बीच पहले दोस्ती और फिर समलैंगिक संबंध विकसित हुए। कुछ समय से मुबारक इस रिश्ते से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहे थे।
मुबारक कुछ दिन पहले छुट्टी पर अपने गाँव लौटा था। यह जानकर नासिरुद्दीन ने गुरुवार को उससे संपर्क किया। पुलिस का कहना है कि नासिरुद्दीन उस वक्त तक हत्या की पूर्व-योजना बना चुका था।
आगे की कार्रवाई
मामले की आगे की जाँच जांगीपुर पुलिस जिले के अधिकारी कर रहे हैं। अदालत के फैसले के बाद आरोपी की हिरासत की अवधि तय होगी। यह घटना पश्चिम बंगाल में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और समलैंगिक व्यक्तियों के प्रति हिंसा की गंभीर चिंताओं को एक बार फिर उजागर करती है।