25 अक्टूबर 2026
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मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस नेता रणविजय सिंह लोचव ने चुनाव आयोग से माँगा जवाब, SIR पर उठाए सवाल

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मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस नेता रणविजय सिंह लोचव ने चुनाव आयोग से माँगा जवाब, SIR पर उठाए सवाल

सारांश

छतरपुर में कांग्रेस नेता रणविजय सिंह लोचव ने SIR के तहत करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से जवाब माँगा। पार्टी का 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान देशभर में जारी है और 1 नवंबर को विपक्षी आंदोलन की तैयारी है।

मुख्य बातें

AICC सचिव रणविजय सिंह लोचव ने 25 अक्टूबर 2026 को छतरपुर, मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
विपक्ष की माँग है कि मतदाता सूची मशीन रीडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए, जिस पर आयोग ने अभी स्पष्ट रुख नहीं अपनाया।
महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में सूची से नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।
कांग्रेस 1 नवंबर 2026 को राष्ट्रव्यापी विपक्षी आंदोलन की तैयारी में है।

कांग्रेस नेता रणविजय सिंह लोचव ने 25 अक्टूबर 2026 को छतरपुर, मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत करोड़ों नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) से पारदर्शिता की माँग की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव एवं मध्य प्रदेश सह-प्रभारी लोचव ने कहा कि कांग्रेस देशभर में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के ज़रिये इस मुद्दे को उठा रही है।

मुख्य आरोप और माँगें

लोचव ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, इसलिए अपनी कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों का जवाब उसे स्वयं देना चाहिए।

विपक्ष लगातार यह माँग कर रहा है कि मतदाता सूची मशीन रीडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए, लेकिन कांग्रेस नेता के अनुसार आयोग अभी तक इस पर स्पष्ट रुख नहीं अपना सका है। लोचव ने दावा किया कि आयोग के भीतर भी कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं।

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों का संदर्भ

कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र और हरियाणा के हालिया विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर कई राज्यों से शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार इन शिकायतों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।

गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन SIR की आड़ में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के आरोप इस बार कहीं अधिक केंद्रित और व्यापक हैं।

एक नवंबर के विपक्षी कार्यक्रम पर रुख

लोचव ने 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित विपक्षी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के अधिकार पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने जंतर-मंतर जैसे पारंपरिक प्रदर्शन स्थलों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष सरकार की नीतियों के विरुद्ध अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा।

भाजपा पर निशाना

कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि जब भी चुनावी प्रक्रिया या अन्य संवेदनशील मुद्दों पर प्रश्न उठाए जाते हैं, तो सरकार और भाजपा जवाब देने के बजाय ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाती है। उन्होंने माँग की कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से संबंधित सभी आँकड़े और प्रक्रियाएँ सार्वजनिक करे, ताकि मतदाताओं में किसी भी प्रकार का संशय न बचे।

आगे क्या

कांग्रेस का 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान फिलहाल देशभर में जारी है और पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को संसदीय मंच सहित हर स्तर पर उठाएगी। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोप इस बार अधिक केंद्रित और संगठित हैं। असली मुद्दा यह है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था के रूप में अपनी प्रक्रियाओं को सार्वजनिक करने में कितनी तत्परता दिखाता है — क्योंकि पारदर्शिता का अभाव संदेह को और गहरा करता है। महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में मतदाता सूची की शिकायतें यदि सत्यापित होती हैं, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विश्वसनीयता की बड़ी परीक्षा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि आयोग के भीतर मतभेद और मशीन रीडेबल डेटा देने में आनाकानी — दोनों मिलकर संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है और अपात्र या दोहरे नाम हटाता है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम भी हटाए गए हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।
रणविजय सिंह लोचव ने चुनाव आयोग से क्या माँगें रखी हैं?
उन्होंने माँग की है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची मशीन रीडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराए और SIR के तहत नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया व आँकड़े सार्वजनिक करे। साथ ही विभिन्न राज्यों से आई शिकायतों की निष्पक्ष जाँच की भी माँग की गई है।
'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान क्या है?
यह कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान है जो मतदाता सूची में हो रहे कथित अनियमित बदलावों के विरोध में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को जागरूक करना और चुनाव आयोग पर पारदर्शिता का दबाव बनाना है।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों का जिक्र क्यों किया?
कांग्रेस के अनुसार इन दोनों राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर शिकायतें सामने आई थीं। इन्हें उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर पार्टी ने देशव्यापी पैटर्न की ओर संकेत किया है।
1 नवंबर का विपक्षी आंदोलन किस बारे में है?
1 नवंबर 2026 को विपक्ष मतदाता सूची की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की योजना बना रहा है। लोचव ने जंतर-मंतर जैसे पारंपरिक प्रदर्शन स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से होगा।
राष्ट्र प्रेस
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