मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस नेता रणविजय सिंह लोचव ने चुनाव आयोग से माँगा जवाब, SIR पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता रणविजय सिंह लोचव ने 25 अक्टूबर 2026 को छतरपुर, मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत करोड़ों नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) से पारदर्शिता की माँग की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव एवं मध्य प्रदेश सह-प्रभारी लोचव ने कहा कि कांग्रेस देशभर में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के ज़रिये इस मुद्दे को उठा रही है।
मुख्य आरोप और माँगें
लोचव ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, इसलिए अपनी कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों का जवाब उसे स्वयं देना चाहिए।
विपक्ष लगातार यह माँग कर रहा है कि मतदाता सूची मशीन रीडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए, लेकिन कांग्रेस नेता के अनुसार आयोग अभी तक इस पर स्पष्ट रुख नहीं अपना सका है। लोचव ने दावा किया कि आयोग के भीतर भी कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं।
महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों का संदर्भ
कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र और हरियाणा के हालिया विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर कई राज्यों से शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार इन शिकायतों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन SIR की आड़ में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के आरोप इस बार कहीं अधिक केंद्रित और व्यापक हैं।
एक नवंबर के विपक्षी कार्यक्रम पर रुख
लोचव ने 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित विपक्षी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के अधिकार पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने जंतर-मंतर जैसे पारंपरिक प्रदर्शन स्थलों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष सरकार की नीतियों के विरुद्ध अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा।
भाजपा पर निशाना
कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि जब भी चुनावी प्रक्रिया या अन्य संवेदनशील मुद्दों पर प्रश्न उठाए जाते हैं, तो सरकार और भाजपा जवाब देने के बजाय ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाती है। उन्होंने माँग की कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से संबंधित सभी आँकड़े और प्रक्रियाएँ सार्वजनिक करे, ताकि मतदाताओं में किसी भी प्रकार का संशय न बचे।
आगे क्या
कांग्रेस का 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान फिलहाल देशभर में जारी है और पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को संसदीय मंच सहित हर स्तर पर उठाएगी। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं।