27 जुलाई 2026
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वोटर लिस्ट से नाम गलत तरीके से न हटें: एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की मुलाकात

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वोटर लिस्ट से नाम गलत तरीके से न हटें: एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की मुलाकात

सारांश

कांग्रेस ने महाराष्ट्र की एसआईआर प्रक्रिया पर चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटाया — चिंता यह है कि अधूरी BLO नियुक्तियों और तंग समय-सीमा के बीच वैध मतदाताओं के नाम सूची से कट सकते हैं। पार्टी एसआईआर के विरोध में नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन के तरीके पर सवाल उठा रही है।

मुख्य बातें

वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने 11 जून 2026 को मुख्य चुनाव अधिकारी एस.
चोकलिंगम से मुलाकात की।
एसआईआर प्रक्रिया 30 जून से शुरू होनी है, लेकिन अब तक केवल 50-55% बूथ लेवल ऑफिसर नियुक्त हुए हैं।
कांग्रेस ने माँग की कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के कारण अस्थायी रूप से विस्थापित मुंबईकरों के नाम वोटर लिस्ट से न हटाए जाएँ।
पार्टी ने समय-सीमा बढ़ाने की माँग की, यह कहते हुए कि निर्धारित अवधि में हर मतदाता तक पहुँचना संभव नहीं।
वर्षा गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि अगले तीन वर्षों तक कोई चुनाव न होने के बावजूद इतनी जल्दबाज़ी क्यों।

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने 11 जून 2026 को महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात कर विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएँ जताईं। पार्टी का कहना है कि मौजूदा क्रियान्वयन में खामियों के चलते वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए जाने का खतरा है।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने बैठक के बाद बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होनी है और अभी मैपिंग का काम जारी है। उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, यह डर है, इसलिए हमारे मन में जो शंकाएँ थीं, वह हम समझाने के लिए आए थे। हमें विश्वास है कि वे इन मुद्दों पर काम करेंगे और हमारी शंकाओं को दूर करेंगे।' सपरा ने यह भी बताया कि अब तक केवल 50-55 प्रतिशत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ही नियुक्त किए गए हैं और शेष नियुक्तियों की समय-सीमा पर भी चर्चा हुई।

कांग्रेस की आपत्ति: प्रक्रिया से नहीं, क्रियान्वयन से

कांग्रेस नेता नसीम खान ने स्पष्ट किया कि पार्टी एसआईआर के विरोध में नहीं है, बल्कि उसे लागू करने के तरीके पर आपत्ति है। उन्होंने कहा, 'एसआईआर होना चाहिए, लेकिन इसे तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जाना चाहिए। हमारी आपत्ति एसआईआर से नहीं, बल्कि इसे लागू करने के तरीके से है।' खान ने यह भी रेखांकित किया कि यह प्रक्रिया पहले भी अपनाई जा चुकी है और पूर्व में इसे निष्पक्ष रूप से संपन्न किया गया था।

मुंबई की विशेष परिस्थितियाँ

नसीम खान ने मुंबई जैसे महानगर की खास स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के कारण अस्थायी रूप से कहीं और रह रहे लोगों के नाम नहीं हटाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, 'जो लोग स्थायी रूप से चले गए हैं, उनके नाम नियमों के अनुसार हटाए जा सकते हैं।' कांग्रेस ने समय-सीमा बढ़ाने की भी माँग की, यह तर्क देते हुए कि निर्धारित अवधि में हर मतदाता तक पहुँचना और पूरी प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

वर्षा गायकवाड़ का बयान

बैठक के बाद वर्षा गायकवाड़ ने कहा, 'एसआईआर एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। हम पूरे देश में इस प्रक्रिया को देख रहे हैं। बिहार चुनाव और अन्य राज्यों में चुनाव के बाद भी यह चर्चा का विषय रहा है।' उन्होंने सवाल उठाया कि जब अगले तीन वर्षों तक कोई चुनाव निर्धारित नहीं है, तो इस प्रक्रिया में इतनी तात्कालिकता क्यों दिखाई जा रही है। गायकवाड़ ने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार देता है और किसी को भी इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मतदाताओं के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुधार करने का आग्रह किया है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्य चुनाव अधिकारी कांग्रेस की आपत्तियों पर क्या कदम उठाते हैं और क्या समय-सीमा में कोई बदलाव किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो प्रक्रियागत खामियाँ वास्तविक हैं, न कि काल्पनिक। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग इन आपत्तियों को दर्ज करने के बाद क्या ठोस कदम उठाता है — या यह मुलाकात महज़ औपचारिकता बनकर रह जाती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर प्रक्रिया क्या है और यह विवाद में क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है — नए नाम जोड़ता है और जो मतदाता संबंधित क्षेत्र में नहीं रहते, उनके नाम हटाता है। महाराष्ट्र में इस बार विवाद इसलिए है क्योंकि कांग्रेस का आरोप है कि अधूरी BLO नियुक्तियों और कम समय-सीमा के कारण वैध मतदाताओं के नाम भी गलत तरीके से हट सकते हैं।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से क्या माँगें रखीं?
कांग्रेस ने तीन प्रमुख माँगें रखीं: समय-सीमा बढ़ाई जाए, रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के कारण अस्थायी रूप से विस्थापित मुंबईकरों के नाम न हटाए जाएँ, और शेष BLO नियुक्तियाँ जल्द पूरी की जाएँ। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह एसआईआर के विरोध में नहीं, बल्कि इसके क्रियान्वयन के तरीके पर आपत्ति जता रही है।
महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया कब शुरू होगी?
कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा के अनुसार एसआईआर की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होनी है और अभी मैपिंग का काम जारी है। हालाँकि अब तक केवल 50-55 प्रतिशत BLO नियुक्त हो पाए हैं, जिससे समय पर प्रक्रिया पूरी होने पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंबई के रीडेवलपमेंट प्रभावित मतदाताओं पर क्या असर पड़ सकता है?
कांग्रेस नेता नसीम खान ने बताया कि मुंबई में बड़े पैमाने पर चल रहे रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के कारण कई निवासी अस्थायी रूप से दूसरी जगह रह रहे हैं। यदि उनके नाम हटा दिए गए, तो वे अपने मूल क्षेत्र में मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं, जबकि वे स्थायी रूप से वहाँ से गए नहीं हैं।
वर्षा गायकवाड़ ने एसआईआर की तात्कालिकता पर क्या सवाल उठाया?
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने पूछा कि जब महाराष्ट्र में अगले तीन वर्षों तक कोई चुनाव निर्धारित नहीं है, तो इस प्रक्रिया में इतनी जल्दबाज़ी की क्या ज़रूरत है। उनका कहना है कि संविधान हर नागरिक को मतदान का अधिकार देता है और इसे सुरक्षित रखना चुनाव आयोग की सर्वोच्च ज़िम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
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