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मुंबई में मतदाता सूची डिजिटाइजेशन अधूरा, कांग्रेस ने केंद्र-महाराष्ट्र सरकार से माँगा जवाब

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मुंबई में मतदाता सूची डिजिटाइजेशन अधूरा, कांग्रेस ने केंद्र-महाराष्ट्र सरकार से माँगा जवाब

सारांश

मुंबई में मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन में बड़ी चूक का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सरकार और चुनाव आयोग से जवाब माँगा है। ऑटो-रिक्शा चालकों पर मराठी अनिवार्यता, बेरोजगारी और 22 अगस्त के पुणे छात्र सम्मेलन — कांग्रेस ने एक साथ कई मोर्चों पर सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता असलम शेख ने दावा किया कि मुंबई में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम एसआईआर प्रक्रिया के तहत अब तक डिजिटाइज नहीं हुए।
वर्षा गायकवाड़ ने माँग की कि BLO अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन कराया जाए, जल्दबाजी न हो।
ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के प्रस्ताव का विरोध; कांग्रेस ने कहा — भाषा सिखाएँ, आजीविका न छीनें।
कांग्रेस नेता वेंकटेश ने BJP पर महंगाई-बेरोजगारी से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी का 22 अगस्त को पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम प्रस्तावित; सावित्रीबाई फुले की शिक्षा विरासत से जोड़ा गया।

कांग्रेस नेता असलम शेख, वेंकटेश और वर्षा गायकवाड़ ने 18 अगस्त को मुंबई में आयोजित पार्टी बैठक के बाद केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। उनका मुख्य आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मुंबई में बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों के नाम अब तक डिजिटाइज नहीं हो पाए हैं, जिससे उनके मताधिकार पर संकट मंडरा रहा है।

मतदाता सूची विवाद: क्या है मामला

असलम शेख के अनुसार, शिक्षकों और सरकारी अधिकारियों को विभिन्न अन्य सरकारी कार्यों में लगाए जाने के कारण एसआईआर की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों का डेटा पहले से उपलब्ध है, इसलिए पात्र नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने के बजाय इसी डेटा के आधार पर सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी की नागरिकता संदिग्ध हो, तो उसकी जाँच होनी चाहिए — लेकिन इस आधार पर आम लोगों को परेशान करना स्वीकार्य नहीं है। उनका सवाल था कि यदि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं हो पाए, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी।

घर-घर सत्यापन की माँग

वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मताधिकार संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने माँग की कि बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) की पर्याप्त संख्या में तैनाती कर घर-घर जाकर सत्यापन कराया जाए। उनके अनुसार, जब तक प्रत्येक पात्र नागरिक के नाम की पुष्टि न हो, तब तक इस प्रक्रिया में जल्दबाजी उचित नहीं है।

ऑटो-रिक्शा चालकों पर मराठी अनिवार्यता का विवाद

ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य करने और इसे न जानने वालों के लाइसेंस या परमिट रद्द करने के प्रस्ताव पर असलम शेख ने कहा कि मराठी सीखने के विचार से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में काम करने वाले लोगों को मराठी सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन भाषा न जानने के कारण किसी की आजीविका छीनना भारतीय संविधान के तहत नागरिकों को प्राप्त देश में कहीं भी काम करने और बसने के अधिकार के विरुद्ध है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार चाहे तो अतिरिक्त भाषा कक्षाएँ आयोजित कर लोगों को मराठी सिखाने की व्यवस्था करे। वर्षा गायकवाड़ ने भी कहा कि मराठी को लेकर नियम पहले से मौजूद हैं और महाराष्ट्र में रहने वाले अधिकांश लोग मराठी समझते और बोलते हैं।

भाजपा पर राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

कांग्रेस नेता वेंकटेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर महंगाई, बेरोजगारी और जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए 'वंदे मातरम' जैसे भावनात्मक मुद्दों को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा इतिहास स्वयं उसकी देशभक्ति का प्रमाण है और पार्टी को किसी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं।

एक केंद्रीय मंत्री की सोनिया गांधी के संदर्भ में 'इटैलियन खून' वाली टिप्पणी पर वेंकटेश ने कहा कि ऐसे बयानों का जवाब देने की जरूरत नहीं है और यह सरकार की असल मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की रणनीति का हिस्सा है।

राहुल गांधी का पुणे कार्यक्रम और छात्र आंदोलन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 22 अगस्त को पुणे में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर वेंकटेश और गायकवाड़ ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों, युवाओं और आम लोगों से सीधे संवाद का अवसर होगा। गायकवाड़ ने बताया कि यह आयोजन सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले की शिक्षा की विरासत से प्रेरित है। उन्होंने महाराष्ट्र के छात्रों और विशेषकर छात्राओं से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।

असलम शेख ने महाराष्ट्र में महिलाओं और बच्चियों के लापता होने, किसानों की आत्महत्या और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को भी उठाया। गायकवाड़ ने मुंबई की सड़कों की गुणवत्ता और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी सवाल खड़े किए। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष लगातार सरकार को जन-मुद्दों पर घेरने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ प्रवासी आबादी और दस्तावेज़ी जटिलताएँ सबसे अधिक हैं, एसआईआर की धीमी रफ्तार उन्हीं वर्गों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है जो पहले से हाशिये पर हैं। कांग्रेस के आरोप राजनीतिक हैं, लेकिन सवाल वैध है — यदि सरकार के पास राशन कार्ड और बिजली बिल का डेटा है, तो सत्यापन इतना जटिल क्यों है? ऑटो-रिक्शा चालकों पर मराठी अनिवार्यता का प्रस्ताव संवैधानिक तनाव को उजागर करता है — राज्य की भाषाई पहचान बनाम नागरिक के आजीविका के अधिकार के बीच की खींचतान अभी सुलझी नहीं है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में मतदाता सूची डिजिटाइजेशन का विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता असलम शेख के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मुंबई में बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों के नाम अब तक डिजिटाइज नहीं हो पाए हैं। शिक्षकों और अधिकारियों को अन्य सरकारी कार्यों में लगाए जाने से यह प्रक्रिया प्रभावित हुई बताई जा रही है।
कांग्रेस ने मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को लेकर क्या सुझाव दिया?
कांग्रेस ने माँग की है कि सरकार के पास उपलब्ध जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों के डेटा के आधार पर सत्यापन को सरल बनाया जाए। वर्षा गायकवाड़ ने BLO अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन कराने की माँग की।
ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी अनिवार्यता पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने मराठी सीखने को प्रोत्साहित करने का समर्थन किया, लेकिन भाषा न जानने के कारण किसी का परमिट या लाइसेंस रद्द करने का विरोध किया। असलम शेख ने कहा कि भारतीय संविधान के तहत नागरिकों को देश में कहीं भी काम करने का अधिकार है।
राहुल गांधी का 22 अगस्त का पुणे कार्यक्रम किस बारे में है?
'छात्रों की गूंज' नामक यह कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में आयोजित होगा, जिसमें राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कांग्रेस ने इसे सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले की शिक्षा विरासत से जोड़ा है।
कांग्रेस ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता वेंकटेश ने BJP पर महंगाई, बेरोजगारी और जन-समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए 'वंदे मातरम' जैसे भावनात्मक मुद्दों को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी देशभक्ति का प्रमाण देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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